4 राज्यों के 15 शहरों से रिपोर्ट / बारिश में मंडियों में रखा गेहूं भीगा, मूंग बर्बाद, प्याज सड़ने लगी, केले की फसल भी तबाह

भोपाल, पानीपत, जयपुर,. निसर्ग तूफान के असर से कई राज्यों में हो रही बारिश से खुले में रखा हजारों टन गेहूं भीग गया। वहीं, खेतों में लगी सब्जियों को भी नुकसान पहुंचा है। मध्यप्रदेश में खरीदी केंद्रों पर खुले में पड़ा लाखों टन का गेहूं प्री मानसून बारिश में गीला हो गया। यहां खेतों में लगी दाल और सब्जी की फसल को नुकसान पहुंचा है। हरियाणा में लॉकडाउन के कारण खरीद सीजन लंबा चला। अब स्थिति यह है कि खराब फसल प्रबंधन के कारण मंडी व गोदामों में गेहूं खराब हो रहा है। झज्जर जिले के खरीदी केंद्रो पर रखे गेंहू को नुकसान पहुंचा है।

वहीं, राजस्थान के कोटा में एक घंटे हुई 4.1 एमएम बारिश से मंडी में रखा 25.50 करोड़ का 1.50 लाख क्विंटल गेहूं भीगा है। छत्तीसगढ़ के पारिया अंचल में बेमौसम बरसात और आंधी ने सब्जी बाड़ी को काफी नुकसान पहुंचाया है। इससे किसानों को लाखों की क्षति पहुंची है।
निसर्ग तूफान के कारण बारिश की चेतावनी के बाद भी मध्य प्रदेश के कई जिलों के खरीद केंद्रों पर गेहूं खुले में पड़ा था। बारिश हुई तो लाखों टन गेहूं गीला हो गया। राजधानी भोपाल में वाटरप्रूफ टेंट की व्यवस्था नहीं की गई थी, जिस वजह से यहां साढ़े 12 हजार टन गेहूं भीग गया। उज्जैन में करीब दो लाख टन, देवास में 47 हजार टन, धार में 68 हजार टन, शाजापुर में 60 हजार टन, राजगढ़ में 15 हजार टन, विदिशा में 11 हजार टन, झाबुआ में चार हजार टन और रायसेन में दो हजार टन गेहूं भीगने की सूचना है।

सीहोर में दो दिन की बारिश से 30 से अधिक केंद्रों पर रखा गेहूं भीगा है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति के प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला किसी तरह के नुकसान से मना कर दिया है। यहां सरकारी तर्क था कि गेहूं थोड़ा भीगने से नुकसान नहीं होता। इससे पहले गुरूवार को देखा गया था कि 18 केंद्रों पर अभी किसान एक हफ्ते से अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के एमडी ने अरस्तू प्रभाकर ने कहा था कि नुकसान कितना हुआ, यह अभी बताना संभव नहीं है।
मध्य प्रदेश के हरदा जिले में किसानों की मूंग की फसल भी बारिश की भेंट चढ़ गई है। किसानों का कहना है कि बारिश से मूंग को 50 प्रतिशत नुकसान हुआ है। दूसरी ओर प्रशासन 2-5 प्रतिशत नुकसान मान रहा है। इसलिए सर्वे के निर्देश भी नहीं दिए हैं। भुवनखेड़ी के भागवत जाट ने बताया कि मूंग के फूल झड़ गए। अब दाना नहीं बनेगा। ऐड़ाबेड़ा के मनोज विश्नोई जो किसान हैं उन्होंने बताया कि खेत में रखी मूंग भीग गई। अंकुरण होने लगा है।
कोटा शहर में शुक्रवार को ऊपरी हवाओं के दबाव से साइक्लोन बनने से दोपहर 1:20 से 2:15 तक बारिश हुई। इस दौरान करीब 4.1 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के अनुसार ये प्री मानसून की बारिश है। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को अधिकतम तापमान 36.9 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25.7 डिग्री रहा।

सुबह की आर्द्रता 50 प्रतिशत और शाम को 63 प्रतिशत रही। प्री मानसून की बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ। तेज हवा के कारण कुछ जगहों पर टिनशेड और दुकानों के तिरपाल उड़ गए। कृषि उपज मंडी में किसानों की मेहनत से उगाई जिंसें बारिश के पानी के साथ बह गई। मंडी में पहले से बंदोबस्त नहीं होने के कारण किसानों को नुकसान झेलना पड़ा।

भास्कर कृषि मंडी में पहुंचा तो वहां किसान भारी मन से अपनी भीगी हुई जिंस को समेटने में जुटे थे। किसानों ने बताया कि जब मौसम विभाग ने चेतावनी दे दी थी और इसकी जानकारी समाचार-पत्रों के जरिए सभी को मिल चुकी थी तो मंडी प्रशासन ने पहले से बंदोबस्त क्यों नहीं किए। मंडी में अपनी जिंस को बचाने के लिए हर किसान के पास बंदोबस्त नहीं हो सकता है। ऐसे में व्यापारियों और मंडी समिति को प्रयास पहले से करने चाहिए थे। किसानों ने बताया कि भीगी हुई जिंस का अब कम दाम मिलेगा। ऐसे में हमें काफी नुकसान होगा।

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