25-26 नामों के बारे में केंद्रीय नेतृत्व से जल्द होगी बात, अब मंत्रिमंडल विस्तार के लिए एक बार फिर कवायद होगी

भोपाल. राज्यसभा चुनाव के बाद अब मप्र में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर एक बार फिर कवायद शुरू होगी। एक-दो दिन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और संगठन महामंत्री सुहास भगत के बीच 25-26 नामों को अंतिम रूप देने के लिए फिर बात होगी। इससे पहले प्रदेश संगठन दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा व राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष से चर्चा करेगा। मुख्यमंत्री भी इसी सिलसिले में दो-तीन दिन बाद दिल्ली जा सकते हैं।

इधर, यह भी चर्चा है कि राज्यपाल के अस्वस्थ होने से मंत्रिमंडल विस्तार कैसे होगा। इधर, यह बताया जा रहा है कि राज्यसभा चुनाव से दो सप्ताह पहले पार्टी और सीएम ने जातिगत व क्षेत्रीय समीकरण को साधने के साथ ही राजनीतिक संतुलन बिठाकर नाम चिन्हित किए हैं। इसमें ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थकों को भी तवज्जो दिया जाना है। लिहाजा सभी नामों पर एक बार दिल्ली की हरी झंडी लगेगी। प्रदेश संगठन की प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे से चर्चा हो गई है। अब नड्‌डा और संतोष से बातचीत बाकी है।

राज्यपाल के अस्वस्थ होने से वैधानिक कामकाज तो प्रभावित हो ही रहे हैं
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने कहा कि राज्यपाल लालजी टंडन अस्वस्थ हैं। ऐसे में प्रदेश के वैधानिक कार्य प्रभावित तो हो ही रहे हैं। इस परिस्थिति में संविधान के अनुच्छेद 153 में स्पष्ट है कि राज्यपाल की अनुमति से ही राज्य सरकार प्रदेश के कामकाज करेगी, जो बाधित हो रहे हैं। वहीं, अनुच्छेद 160 में प्रावधान है कि राज्यपाल अस्वस्थ हैं, तो राष्ट्रपति उनका प्रभार कार्यवाहक राज्यपाल बतौर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को सौंप सकते हैं। दूसरे राज्य के राज्यपाल को भी अतिरिक्त प्रभार सौंपा जा सकता है।

अभी मंत्रिमंडल विस्तार के संबंध में सरकार की ओर से कोई सूचना नहीं मिली है। ऐसा कोई प्रस्ताव आएगा तो राज्यपाल उस पर विचार करेंगे। फिलहाल जुलाई में होने वाले विधानसभा सत्र के लिए राज्यपाल की अनुमति से ही अधिसूचना जारी की गई है।

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