15,670 बेपरवाह:निगम ने 19 लाख 63 हजार वसूला जुर्माना; कोरोना फैलाने में इन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी, न मास्क पहने, न सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा, यहां-वहां थूककर संक्रमण फैलाया

कोरोना से अब तक शहर में 23,585 लोग संक्रमित हो चुके हैं। अभी एक्टिव केस 3,581 और 476 लोगों की मौत हो चुकी है। रविवार को भी 188 मरीज कारोना के मिले, 4 मौतें भी आंकड़ों में बढ़ गईं, लेकिन कुछ लोग अभी भी बेपरवाह हैं। शहर में 22 मार्च को कोरोना का पहला मामला सामने आने के बाद से सितंबर तक सार्वजनिक स्थान पर थूकने, मास्क नहीं पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने वाले 14,570 लोगों के खिलाफ नगर निगम ने कार्रवाई की। इनसे जुर्माने के रूप में 17.63 लाख वसूले। इसके अलावा अक्टूबर में करीब 1100 लोगों पर कार्रवाई कर करीब 2 लाख वसूले, यानी अब तक ऐसे 15,760 बेपरवाह लोग शहर में मिल चुके हैं।

बैरागढ़ में मास्क के उल्लंघन के सबसे ज्यादा मामले आए सामने
निगम द्वारा किए गए स्पॉट फाइन के आंकड़े देखें तो पता लगता है कि होशंगाबाद रोड और इससे लगे हुए इलाके में सार्वजनिक स्थान पर थूकने के सबसे ज्यादा 538 स्पॉट फाइन हुए। भेल क्षेत्र में 365, सुभाष नगर और आसपास के इलाकों में 313 लोग सार्वजनिक स्थान पर थूकते हुए पकड़े गए। इधर, मास्क न पहनने पर बैरागढ़ में सबसे ज्यादा 1454, ऐशबाग और अशोका गार्डन क्षेत्र में 850, एमपी नगर में 648, पुराने शहर के मंगलवारा व आसपास के इलाकों में 571, कोलार रोड पर 538 लोगों पर कार्रवाई की गई।

अब रोज औसतन 58 लोगों पर ही हो रही कार्रवाई
एक महीने पहले तक निगम रोज 350 से 400 लोगों पर कार्रवाई कर रहा था और अब इसमें उसने ढिलाई शुरू कर दी है। अब हालात यह हैं कि अब अक्टूबर माह में औसतन 58 लोगों पर ही कार्रवाई की जा रही है। हालांकि शहर के अलग-अलग इलाकों में कोविड नियमों की अनदेखी बदस्तूर जारी है।

22 मार्च के बाद अब तक इतने लोगों पर की गई कार्रवाई
करीब 1100 लोगों पर अक्टूबर में कार्रवाई हुई है। इनसे करीब 2 लाख रुपए वसूले गए।

निगम की ढिलाई जारी है
आंकड़ों को देखें तो पता लगता है कि हर महीने इनकी संख्या में कमी आती जा रही है। लेकिन कोरोना के केस रुक नहीं रहे हैं और अनलॉक की प्रक्रिया तेज होने के साथ ही डिस्टेंसिंग का उल्लंघन से लेकर थूकते हुए लोगों को देखा जा सकता है। सितंबर में पूरे शहर में केवल 295 लोगों को सार्वजनिक स्थान पर थूकते हुए पकड़ा गया, जबकि जून में यह संख्या 1548 है।

स्पॉट फाइन का उद्देश्य लोगों के व्यवहार में बदलाव लाना है
स्पॉट फाइन का उद्धेश्य लोगों के व्यवहार में बदलाव लाना है। सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क को लेकर लोग खुद सतर्क हुए हैं। अन्य मामलों में भी व्यवहार में धीरे-धीरे बदलाव की उम्मीद है। -वीएस चौधरी कोलसानी, कमिश्नर, नगर निगम

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