15 जून से खुलेंगे धार्मिक स्थल / भोपाल में 80 दिन बाद कंटेनमेंट इलाके को छोड़कर सभी धार्मिक स्थल खुलेंगे, मास्क के बिना प्रवेश नहीं

भोपाल. भोपाल में कंटेनमेंट क्षेत्रों को छोड़कर 15 जून (सोमवार) से सभी धार्मिक स्थल खुल जाएंगे। हालांकि, प्रदेशभर में मठ, मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर, गुरुद्वारे और शिवालय 8 जून से भक्तों के लिए खोले जा चुके हैं, लेकिन कोरोना के कारण भोपाल में इन्हें बंद रखा गया। शनिवार दोपहर पुलिस कंट्रोल रूम में सभी धर्मों के प्रमुखों से बातचीत के बाद कलेक्टर तरुण पिथौड़े ने इसके आदेश जारी कर दिए। दैनिक भास्कर से चर्चा करते हुए डीआईजी इरशाद वली ने बताया कि केंद्र सरकार की गाइडलाइन का पालन करना होगा। सभी धार्मिक स्थल सातों दिन खुलेंगे।
एक सप्ताह में दूसरी बार की गई बैठक
इससे पहले 7 जून को भोपाल में कोरोना की स्थिति को देखते हुए सभी धर्मों के प्रमुखों से बातचीत कर इन्हें बंद रखने का फैसला किया था। शनिवार को दोबारा बैठक आयोजित की गई। सभी को नई गाइडलाइन भी बता दी गई है। इससे पहले 8 जून को अनुमति नहीं होने के बाद भी भक्तों के लिए मंदिर खोलने पर टीटी नगर में एक मंदिर संचालक समेत 5 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई थी।

दोबारा शुरू की तैयारी
प्रदेश के साथ भोपाल में भी 8 जून से सभी धर्म प्रमुखों ने धार्मिक स्थलों को खोलने की तैयारी कर ली थी। यह कोविड-19 संक्रमण को रोकने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) के अनुसार की गई थी। इसके परिपालन में मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने भी दिशा-निर्देश जारी किए। इसके मुताबिक, प्रदेश के कंटेनमेंट एरिया में आने वाले सभी धार्मिक प्रतिष्ठान और पूजा-स्थल बंद रहेंगे। केवल इसके बाहर के धार्मिक स्थलों पर प्रवेश की अनुमति होगी। अब दोबारा से सभी इसकी तैयारी शुरू कर दी है।

कम और अधिक उम्र के भक्त बाहर न जाएं
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, कोविड-19 का संक्रमण रोकने के लिए जनसाधारण को जरूरी सावधानियां बरतनी होंगी। 65 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को घर पर ही रहने की सलाह दी गई है। मठ-मंदिर और मस्जिदों में काम करने वाले पुजारी-कर्मचारियों और श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने को कहा गया है। सार्वजनिक स्थानों पर आपस में 6 फीट की दूरी रखनी होगी। चेहरे को मास्क या फेस कवर से ढंकना अनिवार्य किया गया है।

भक्तों के लिए यह किया गया

प्रवेश द्वार पर हैंड हाईजीन के लिए सैनिटाइजर, डिस्पेंसर और थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था।
लक्षण रहित व्यक्तियों (सर्दी, खांसी, बुखार आदि न होने पर) को परिसर में प्रवेश से रोक।
मॉस्क या फेस कवर के बिना प्रवेश नहीं।
ऑडियो एवं वीडियो क्लिप द्वारा बचाव संबंधी सावधानियों का बार-बार प्रसारण सुनिश्चित करना होगा।
परिसर के बाहर एवं पार्किंग एरिया में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी।
संचालकों को सोशल डिस्टेंसिंग के पालन के लिए लाइन में गोले के निशान बनाए गए।
प्रसाद, चरणामृत, छिड़काव आदि की व्यवस्था को बंद रखने का निर्णय लिया गया।
मंदिरों से घंटियां हटाई गईं। फूल, नारियल, अगरबत्ती, चादर आदि चढ़ाने पर रोक।

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