हरियाणा में कर्ज में डूबा कारोबारी 1.6 करोड़ की रकम के लिए खुद को मरा दिखाना चाहता था; गांव के युवक को शराब पिलाकर गला दबाया, फिर जला दिया

कारोबारी हरियाणा के बरवाला में डिस्पोजल कप-प्लेट की फैक्ट्री चलाता है, डेढ़ करोड़ के कर्ज में डूब गया था

हरियाणा के हांसी में एक कारोबारी ने 1.60 करोड़ रुपए का बीमा क्लेम लेने के लिए खुद की हत्या की साजिश रची थी। खुद को मरा घोषित करने के लिए उसने शहर के ही एक युवक को पहले कार में शराब पिलाई, फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी ने अपनी कार को आग लगा दी। यह खुलासा आरोपी राममेहर ने पुलिस पूछताछ में किया है। राममेहर को छत्तीसगढ़ पुलिस ने शनिवार को बिलासपुर से गिरफ्तार किया था।

6 अक्टूबर की रात को हांसी की बरवाला रोड पर पुलिस को एक कार में किसी व्यक्ति के जिंदा जलने की सूचना मिली थी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो कार जल रही थी और उसमें ड्राइवर सीट के बगल में बैठा व्यक्ति कंकाल बन चुका था। कार की नंबर प्लेट के आधार पर जले व्यक्ति की शिनाख्त डाटा गांव के राममेहर के रूप में हुई। राममेहर की बरवाला में डिस्पोजल कप-प्लेट की फैक्ट्री है।

अपने गांव से युवक को लाया था आरोपी

एसपी लोकेंद्र सिंह ने बताया कि कार में जला शव डाटा के युवक रमलू का था। आरोपी राममेहर उसे 6 अक्टूबर की शाम को गांव से लाया था। शाम से ही दोनों ने शराब पीना शुरू कर दिया। दोनों ने तीन जगह शराब पी। इसके बाद राममेहर ने गला दबाकर रमलू को मार डाला। रमलू कार में उसके साथ वाली सीट पर बैठा था। रमलू को मारने के बाद राममेहर ने कार के फ्यूल टैंक से डीजल निकाला। डीजल निकालने के लिए वह पाइप साथ लाया था। कार स्टार्ट रख डीजल छिड़का और आग लगा दी।

वारदात के बाद वह पैदल ही ढाणी कुतुबपुर गया। वहां उसने पहले से ही एक कार खड़ी की हुई थी। उसमें दो साथियों को लेकर छत्तीसगढ़ के लिए निकल गया। ढाणी कुतुबपुर में उसका कोई पुराना कर्मचारी रहता है। बिलासपुर में वह परिचित के पास रुका। परिचित को बताया कि वह खेती करना चाहता है और जमीन खरीदने आया है। पुलिस ने आरोपी राममेहर पर हत्या समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया है। रिमांड के दौरान राममेहर से बिलासपुर जाने के लिए इस्तेमाल कार, बरामद हुए मोबाइल नंबर, एटीएम कार्ड, घटना में अन्य किन-किन व्यक्तियों की संलिप्तता रही, इसके बारे में पूछताछ की जाएगी।

कबूलनामा: परिवार को झूठी सूचना दे वारदात कर खेतों के रास्ते निकल गया

राममेहर ने पुलिस को बताया, ‘मेरी आर्थिक स्थिति खराब है। एक से डेढ़ करोड़ रुपए के कर्ज में डूब गया। फैक्ट्री में नुकसान हो रहा था। कर्ज चुकाने के लिए पीएनबी और एचडीएफसी बैंक से पर्सनल लोन लिए। कुछ प्राइवेट लोगों से भी पैसा उठा रखा है। कर्ज में डूबने के बाद आत्महत्या करने के बारे में भी सोचा, लेकिन जुलाई में बीमा पॉलिसी खरीदी और खुद को मरा घोषित कर बीमा क्लेम लेने का प्लान बनाया। 6 अक्टूबर को बैंक से 10.90 लाख रुपए निकलवाए।’

‘कुछ रकम एक महिला मित्र को दी। दूसरी महिला मित्र के बैंक खाते में पैसा ट्रांसफर किया। बाकी पैसे छिपा दिए। घरवालों को रात 11:30 बजे झूठी सूचना दी थी कि 2 बाइक और 1 गाड़ी महजद-भाटला रोड पर मेरे पीछे लगे हैं। वे मुझे मारेंगे और पैसे छीनेंगे। रमलू की हत्या के बाद गाड़ी में अपनी पहचान के लिए लॉकेट डालकर कार को आग लगा दी। कार के जलने के बाद मैं मौके से खेतों के रास्ते पैदल चला। रास्ते में नए मोबाइल नंबर का प्रयोग करके अपने साथियों से सामान पैक करके तैयार रहने को कहा। ढाणी कुतुबपुर में पहले से कार खड़ी कर रखी थी। वहां से कार से साथियों के साथ बिलासपुर पहुंचा। वहां हांसी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।’

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