सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए राज्य सरकारें शराब की होम डिलीवरी पर करें विचार – सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली । शुक्रवार, 8 मई 2020: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राज्य सरकारों से कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए वे शराब की अप्रत्यक्ष बिक्री या होम डिलीवरी पर विचार करें। एक याचिका में सुप्रीम कोर्ट से मांग की गई थी कि शराब की दुकानों में सामाजिक दूरी का पालन नहीं हो रहा है। दुकानें कम हैं और शराब खरीदार ज्यादा हैं। इनकी वजह से आम आदमी की जिंदगी को खतरे में नहीं डाला जा सकता।

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान शराब की बिक्री को लेकर स्पष्ट कोई आदेश देने से इनकार कर दिया। जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस बीआर गवई ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई की। जस्टिस कौल ने याचिकाकर्ता से पूछा कि अल्कोहल की होम डिलीवरी पर चर्चा चल रही है। आप हमसे क्या चाहते हैं? याचिकाकर्ता के वकील जे. सांई दीपक ने कहा, ‘हम चाहते हैं कि लॉकडाउन के दौरान शराब की बिक्री से कोई भी आम आदमी का जीवन खतरे में न पड़े। गृह मंत्रालय को शराब की बिक्री पर राज्यों को स्पष्टीकरण जारी करना चाहिए।’

आपको बता दें कि लॉकडाउन के पहले दो चरण में शराब की दुकानें बंद रखी गईं। तीसरे चरण में रेड, ऑरेंज और ग्रीन तीनों जोन में शर्तों के साथ अल्कोहल की बिक्री की इजाजत दी गई है। हालांकि, जब दुकानें खुलीं तो कई शहरों में दुकानों के बाहर भीड़ जमा हो गई। इससे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न हो पाने और महामारी के तेजी से फैलने का खतरा पैदा हो गया। दिल्ली, बेंगलुरु समेत अन्य राज्यों में शराब की दुकानें पर लोगों की दो किमी लंबी कतारें देखने को मिलीं।

गौरतलब है कि दुनिया में कोरोनावायरस से अब तक 39 लाख 16 हजार 338 लोग संक्रमित हैं। दो लाख 70 हजार 711 की मौत हो चुकी है, जबकि 13 लाख 43 हजार 54 ठीक हो चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने शुक्रवार को कहा कि महामारी ने हर जगह नफरत की सूनामी फैला दी है। इस नफरत को खत्म करने के लिए सभी देशों को प्रयास करना चाहिए। उन्होंने ऑनलाइन मीडिया संस्थानों से नस्लवादी, दुर्भावनापूर्ण कंटेट हटाने की अपील की।

वही भारत में कोविड-19 से संक्रमण के मामले 52,000 के पार पहुंच गए क्योंकि मुम्बई, अहमदबाद और चेन्नई सहित कई शहरी क्षेत्रों में संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी हुई. हालांकि ठीक हुए लोगों की संख्या भी 15,000 को पार कर गई। ताजा स्थिति की बात करें तों भारत में 52,952 मरीज हो चुके हैं. जबकि 15267 मरीज ठीक भी हुए हैं.मरने वालों की संख्या 1783 हो चुकी है।

विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा घोषित किए गए आंकड़ों से पता चलता है कि बुधवार सुबह से देशभर में 5000 से अधिक नये मामले सामने आये हैं. देशभर में मृतकों की संख्या बढ़कर 1,800 से पार पहुंच गई है, जबकि अर्धसैनिक बलों में भी मौतें होने की जानकारी सामने आई है।

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