सूदखोरों से बचाकर स्ट्रीट वेंडर्स को डिजिटल क्रांति से मदद दिलवाई मध्यप्रदेश ने

भोपाल : प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि मध्यप्रदेश ने स्ट्रीट वेंडर्स के कल्याण के लिए बहुत कम समय में बेहतरीन कार्य कर दिखाया है। पीएम स्वनिधि योजना में हुए इस कार्य से अन्य राज्य प्रेरणा ले सकते हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस अवसर पर घोषणा की कि स्ट्रीट वेंडर्स के कल्याण की एक अन्य योजना पर भी विचार किया जा रहा है। जिसकी शुरुआत शीघ्र ही की जाएगी। उन्होंने लघु व्यवासियों से डिजिटल लेन-देन को अपनाकर अपने कारोबार को कई गुना बढ़ाने का आव्हान भी किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मध्यप्रदेश की उपलब्धि और लॉकडाउन के दौरान अच्छा कार्य करने के लिए मुख्यमंत्री श्री चौहान को बधाई दी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा की मध्यप्रदेश में पीएम स्वनिधि योजना की सफलता श्रम की ताकत का परिचायक है जिसे मैं आदरपूर्वक नमन करता हूँ। मध्यप्रदेश के एक लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स को लाभ सुनिश्चित कर पहचान-पत्र और अन्य लाभ देने का कार्य प्रशंसनीय है। महामारी के समय गरीबों को इस योजना में मिली यह राहत वरदान सिद्ध हुई है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वर्चुअल संवाद के बाद योजना में पांच लाख हितग्राही को लाभान्वित करने का लक्ष्य नगरीय विकास एवं आवास विभाग को दिया है।

कागजों के डर से बैंक नहीं जाते थे गरीब, डिजिटल क्रांति से अब सब आसान

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि गरीबों के कल्याण के योजनाबद्ध प्रयास जारी रहेंगे। गरीबों को सूदखोरों के चंगुल से निकालकर आर्थिक सहायता पहुंचाने के प्रयास किए गए हैं। पहले कागजों के डर से गरीब बैंक तक नहीं जा पाते थे। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से 94 हजार करोड़ की राशि का अंतरण हो या कोरोना काल में 20 करोड़ बहनों के खाते में 31 हजार करोड़ रुपये जमा करने का कार्य, जरूरतमंदों की पूरी सहायता की गई। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि बैकिंग व्यवस्था से अब गांव भी ऑनलाइन मार्केट से जुड़ जाएंगे। आगामी 1 हजार दिन में आप्टीकल फाइबर के अधिकतम उपयोग को बढ़ाने का कार्य होगा, जो एक तरह की डिजिटल क्रांति होगी। डिजिटल हेल्थ मिशन से हितग्राहियों को हेल्थ आईडी भी मिलेगी। चिकित्सक से एपांइटमेंट और चेकअप का कार्य भी इसी प्रक्रिया से होगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि वन नेशन-वन राशन कार्ड की व्यवस्था भी लागू की गई है। देश में कहीं भी जाने पर व्यक्ति राशन ले सकेगा, अपने हक के साथ चलेगा। डिजिटल क्रांति की सहायता लेते हुए मध्यप्रदेश की पीएम स्वनिधि योजना में प्राप्त उपलब्धि सराहनीय है। अन्य राज्यों को मध्यप्रदेश का अनुसरण करना चाहिए।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने संबोधन के पहले पीएम स्वनिधि योजना के मध्यप्रदेश के हितग्राहियों से बातचीत भी की। वर्चुअल कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के साथ केन्द्रीय आवास एवं शहरी कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री हरदीप सिंह पुरी, मध्यप्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह, केन्द्र सरकार के सचिव शहरी विकास मंत्रालय श्री दुर्गाशंकर मिश्र, मुख्य सचिव मध्यप्रदेश श्री इकबाल सिंह बैंस और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में मध्यप्रदेश के लाभार्थियों से आज चर्चा में उनका आत्मविश्वास दिखाई दिया है। यह योजना की सबसे बड़ी सफलता है। लाभार्थी योजना के साथ आगे बढ़ें, उनका कारोबार विकसित हो, इसके लिए सरकार अधिकतम सहयोग करेगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि कोरोना जैसी महामारी अनेक विपदाएं लाई हैं। इस संकट को हम सभी ने देखा। गरीबों को अपने गांव लौटना पड़ा। गरीबों की दिक्कतों को दूर करने के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अभियान से भी राहत प्रदान की गई। मध्यप्रदेश में भी हर जरूरतमंद तक शिवराज सरकार ने मदद पहुंचाई। एक बड़े वर्ग के रूप में रेहड़ी वाले, लॉकडाउन के समय घरों में बंद लोगों तक सामग्री पहुंचाते रहे। सरकार ने स्वनिधि योजना में इन फूड स्ट्रीट वेंडर्स और अन्य रेहड़ी वालों को नेटवर्क से जोड़ा। इन्हें मुश्किल से निकालने के लिए आसान प्रक्रिया से पूंजी देने की व्यवस्था की गई। अब इन्हें ऑनलाइन सेवाओं से भी पूरी तरह जोड़ने का प्रयास रहेगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि इस संकटकाल में हमारी तकनीक ने योजना को लागू करने में सहायता की। हितग्राही को कॉमन सर्विस सेंटर या बैंक शाखा में जाकर आवेदन देने के बाद ऋण देने की कार्यवाही की जाती है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि योजना को सरल बनाया गया है। स्वनिधि से स्वरोजगार, स्वरोजगार से स्वावलंबन और स्वावलंबन से स्वाभिमान योजना की विशेषता है। डिजिटल लेनदेन पर हितग्राही को 1200 रुपये का नगद पुरस्कार देने का भी प्रावधान है। कुल 7 प्रतिशत के ब्याज अनुदान के साथ समय पर ऋण चुकाने की स्थिति में हितग्राही को दोगुना -तिगुना भी ऋण अगली बार देने की व्यवस्था की गई है।

रेहड़ी वालों को मूलभूत सुविधाएं देने पर जोर

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि रेहड़ी वालों को विद्युत सुविधा, आयुष्मान योजना का लाभ, उज्जवला योजना, एक रूपया महीना भुगतान करने पर बीमा योजना का लाभ, आवास निर्माण के लिए सहायता के संबंध में योजना लागू की जाएगी। इस योजना को प्रारंभ करने की प्रक्रिया चल रही है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि गत छह वर्ष में देश में गरीबों के योजनाबद्ध विकास की दिशा में कार्य हुआ है। सरकार की योजनाएं गरीबों के लिए संबल बनें, इसके लिए निरंतर कार्य हुआ है।

हितग्राही रखें इन बिन्दुओं का ध्यान

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने स्वनिधि संवाद में स्ट्रीट वेंडर्स से आव्हान किया कि जब तक कोरोना से बचाव का वैक्सीन नहीं आ जाता, अपनी और ग्राहकों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें। हाथों की सफाई हो, परस्पर दूरी हो, मास्क का उपयोग अनिवार्य रूप से करना है। इन बातों से समझौता नहीं करना है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक उपयोग न किया जाए। कार्य स्थल पर पूरी स्वच्छता हो।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने दिया आत्मनिर्भरता का मंत्र कोरोना काल में मिली जनता को राहत

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री श्री मोदी का अभिवादन करते हुए कहा कि हमारे प्रधानमंत्री जो पुरुषार्थ में कण-कण और जीवन का क्षण-क्षण लगाने वाले वैश्विक नेता हैं। उन्होंने कोरोना संकट के समय राह निकालने का कार्य किया। देश की 130 करोड़ जनता के लिए 1 लाख 75 हजार करोड़ का गरीब कल्याण राहत पैकेज प्रदान कर, गरीब की थाली, खाली न रहने देने के संकल्प के साथ 80 करोड़ जनता तक अनाज पहुंचाया गया। उन्होंने मध्यप्रदेश के 24 जिले भी चुने जहां लोग अधिक जरूरतमंद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मनरेगा से रोजगार और आत्मनिर्भरता के मंत्र से आमजन को राहत मिली। लॉकडाउन की अवधि में अपनी जीविका गवां चुके लोगों को प्रत्यक्ष सहायता मिली है। बाजार से महंगी ब्याज दर पर कर्ज लेने वाले लोग पठानी ब्याज चुकाते-चुकाते त्रस्त हो जाते थे। उनका कुछ बच ही नहीं पाता था। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जून 2020 से प्रारंभ पीएम स्वनिधि योजना में भारत सरकार द्वारा 7 प्रतिशत ब्याज के प्रावधान के साथ कार्यशील पूंजी उपलब्ध करवाती है। इससे यह योजना छोटे-छोटे स्ट्रीट वेंडर्स के लिए एक वरदान के रूप में लाभान्वित करने वाली सिद्ध हुई है। मध्यप्रदेश में सिर्फ तीन सप्ताह में 8 लाख 78 लाख पंजीयन पोर्टल के माध्यम से कर लिए गए। भौतिक सत्यापन के बाद साढ़े चार लाख पात्र स्ट्रीट वेंडर्स में से चार लाख को परिचय-पत्र और वेंडर प्रमाण- पत्र भी जारी कर दिए गए। बैंकों के समक्ष 2.55 लाख आवेदन पेश हो गए हैं, जिनमें से 1.56 लाख आवेदनों में राशि की मंजूरी दी जा चुकी है। हितग्राहियों के खातों में पैसा पहुंच रहा है। उल्लेखनीय बात यह है कि प्रत्येक हितग्राही को डिजिटल ट्रांजेक्शन से जोड़ने के लिए यूपीआई-आईडी और क्यूआर कोड उपलब्ध करवाया गया है। चाहे पान की दुकान वाला हो, चाट मूंगफली बेचने वाला, पंचर बनाने वाला, जूते सुधारने वाला, सैलून चलाने वाला या फिर झाडू बेचने जैसे कार्य करने वाले अब इन स्ट्रीट वेंडर्स की खुशियों में नया रंग जुड़ेगा। डिजिटल लेनदेन के महत्व को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री श्री चौहान ने योजना के हितग्राहियों से इन काव्य पंक्तियों के साथ अपना व्यवसाय करने का आव्हान किया- ‘समय विषम है, डगर कठिन है, जाना भी उस पार है, छोड़ चलो ये रीत पुरानी, राह नई तैयार है…. ।’

Leave a Reply

Your email address will not be published.

AllEscort