सरकार सिंगल ग्रुप सिस्टम पर लौटेगी, 6691 करोड़ की 1844 शराब दुकानों की फिर होगी नीलामी

भोपाल. राज्य सरकार 6691 करोड़ रु. की 1884 देशी-विदेशी दुकानों की नीलामी करेगी। इसके टेंडर सिंगल ग्रुप सिस्टम के तहत होंगे। हालांकि इस पैटर्न से करीब 500 करोड़ रु. का नुकसान तय है। इस बीच आंशिक व्यवस्था में वर्तमान पॉलिसी (वर्ष 2020-21) पर रोजाना के हिसाब से सात-सात दिन शराब दुकान चलाने के लिए टेंडर निकालने के आदेश हुए है। आबकारी विभाग ने 9 जून से दुकानों को चलाना शुरू कर दिया है। अभी कुछ दिनों की व्यवस्था के लिए रोजाना के हिसाब से शराब दुकानों का ठेका देना प्रस्तावित किया गया है। यानी पुरानी नीति पर सात-सात दिन के लिए दुकानें ली जा सकेगी।
3 हजार करोड़ का नुकसान होना तय
शासन ने वर्ष 2020-2021 के लिए शराब दुकानों के आवंटन की पॉलिसी दो हिस्सों में बांट दी थी। करीब 16 जिलों में एक या दो बड़े समूहों को दुकानें देना तय किया था। बाकी जिलों में पुराना सिस्टम रखा गया। शराब दुकानों में 25 फीसदी राशि बढ़ाकर ठेके दिए गए थे। शराब ठेकेदार यहीं 25 फीसदी राशि कम करने के लिए सरकार पर दबाव बनाए हुए थे। अब नए सिरे से दुकानों की नीलामी में शासन को पहले की तरह 25 फीसदी बढ़े टेंडर मिलना मुश्किल है। तकरीबन 500 करोड़ रुपए कम हो जाएंगे। मार्च और अप्रैल व मई मिलाकर 2500 करोड़ का राजस्व नुकसान पहले हो चुका है। यानी शासन को कुल तीन हजार करोड़ का नुकसान होना तय है।

380 में से 48 समूह के छोड़ने से बड़ा झटका

प्रदेश में कुल 3611 देशी-विदेशी शराब दुकानें है। इनकी नीलामी 10616 करोड़ में हुई थी। यह दुकानें कुल 380 समूहों को दी गई थी। लॉकडाउन के चक्कर में केवल 48 समूह ने दुकानें छोड़ी है। ये दुकानें सभी प्रमुख बड़े शहरों की होने की वजह से राजस्व का 63 फीसदी से ज्यादा है। अभी 3925 करोड़ की शराब दुकानें चल रही है।

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