सचिन पायलट दिल्ली दौरे पर

गहलोत के अध्यक्ष बनने पर अभी भी संशय, मंत्री महेश जोशी बोले- सजा भुगतने को तैयार

राजस्थान कांग्रेस में CM कुर्सी को लेकर दो दिनों से मचे घमासान के बीच मंगलवार को सचिन पायलट दिल्ली पहुंच गए हैं। वे पार्टी आलाकमान से मुलाकात कर सकते हैं। समाचार एजेंसी एएनआई ने दावा किया कि पायलट ने सोनिया गांधी से बात की है और कहा है कि गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव लड़ते हैं तो वह राजस्थान सीएम का पद छोड़ें, लेकिन खुद सचिन पायलट ने ट्वीट कर इसे गलत खबर बताया।

पवन बंसल ने लिया अध्यक्ष पद के लिए नामांकन फॉर्म
पवन बंसल ने आज दिल्ली में अध्यक्ष पद के लिए नामांकन फॉर्म लिया। मधुसूदन मिस्त्री ने कहा कि पवन बंसल और शशि थरूर नामांकन फॉर्म ले चुके हैं। गहलोत को लेकर कोई अपडेट नहीं हैं। इस बारे में वह कुछ नहीं कह सकते हैं।

इससे पहले, मिस्त्री ने सोनिया गांधी से मुलाकात की और अध्यक्ष चुनाव को लेकर चर्चा की। आज शाम तक कई नए नाम सामने आ सकते हैं। राजस्थान के घटनाक्रम के बाद गहलोत के नाम को लेकर संशय बन गया है।

मुख्य सचेतक महेश जोशी बोले- नोटिस का जवाब देने को तैयार
कांग्रेस के मुख्य सचेतक और बगावत के मुख्य किरदारों में से एक माने जा रहे महेश जोशी ने कहा- यदि आलाकमान नोटिस देता है तो मैं जवाब देने को तैयार हूं। कोई सजा देगा तो वह भी भुगत लूंगा। किसी विधायक को जबरन यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल के घर नहीं बुलाया गया था। आलाकमान की इच्छा के आगे सब नतमस्तक हैं।

गहलोत गुट के विधायकों के रवैये से सोनिया नाराज
राजस्थान के सियासी संकट को हाईकमान ने गंभीरता से लिया है। रविवार शाम को जयपुर में कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बहिष्कार और उसके बाद हुए घटनाक्रम को अनुशासनहीनता माना गया है। कांग्रेस की कार्यकारी चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने पूरे घटनाक्रम पर नाराजगी जताई है।

इससे पहले, सोनिया गांधी के निवास 10 जनपथ पर मंगलवार सुबह पार्टी के बड़े नेता पहुंचे। इसमें अंबिका सोनी, गिरिजा व्यास, राजीव शुक्ला जैसे नेता शामिल हैं। ऑब्जर्वर बनकर जयपुर आए मल्लिकार्जुन खड़गे और अजय माकन आज अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेंगे। इस रिपोर्ट पर सोनिया गांधी बैठक करेंगी। माना जा रहा है कि राजस्थान संकट को लेकर आज बड़ा एक्शन लिया जा सकता है।

इससे पहले सोमवार शाम को सोनिया गांधी के आदेश के बाद अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे ने पूरे घटनाक्रम पर लिखित रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनके खेमे के तीन मंत्रियों और कुछ विधायकों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल और सरकारी मुख्य सचेतक और जलदाय मंत्री महेश जोशी के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई है।

अजय माकन और खड़गे की रिपोर्ट में रविवार और सोमवार के घटनाक्रम का फैक्चुअल ब्योरा देने के साथ विधायक दल की बैठक के पैरेलल शांति धारीवाल के घर बैठक बुलाने को हाईकमान के आदेशों और पार्टी की स्थापित परंपरा का उल्लंघन मानते हुए एक्शन लेने की सिफारिश की गई है। रिपोर्ट में इस घटना को कांग्रेस हाईकमान को सीधी चुनौती और अनुशासन तोड़कर पार्टी की छवि खराब करने वाला बताया है।

CM से पूछकर बैठक रखी, लेकिन गहलोत समर्थक विधायक नहीं पहुंचे
रिपोर्ट में लिखा है कि विधायक दल की बैठक रविवार शाम 7 बजे CM निवास पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से सलाह करके तय की गई थी। हम बैठक के लिए वहां देर रात तक इंतजार करते रहे, लेकिन मुख्यमंत्री के समर्थक विधायक नहीं पहुंचे। विधायक दल की बैठक में आने की जगह गहलोत समर्थक विधायक संसदीयकार्य और UDH मंत्री शांति धारीवाल के घर बैठक करके हाईकमान को ही चैलेंज करने लगे।

रात में तीन मंत्रियों ने तीन मांगें रखकर दबाव बनाया
माकन ने रिपोर्ट में लिखा है- विधायक दल की बैठक में आने की जगह गहलोत समर्थक विधायकों ने पहले शांति धारीवाल के आवास पर बैठक कर नारेबाजी की और हाईकमान को चैलेंज किया। इसके बाद रात में ही स्पीकर सीपी जोशी के बंगले पर जाकर सामूहिक इस्तीफे दिए।

इस घटनाक्रम के बाद देर रात उनके प्रतिनिधि के तौर पर पहुंचे तीन मंत्रियों ने दबाव बनाया कि वन टु वन विधायकों से नहीं मिलकर सामूहिक रूप से मिला जाए। 19 अक्टूबर तक नए CM पर राय नहीं ली जाए और अशोक गहलोत की पसंद का ही CM हो, सचिन पायलट और उनके किसी समर्थक को CM नहीं बनाया जाए। रिपोर्ट में लिखा है कि तीनों मंत्रियों ने इन बातों को प्रस्ताव में लिखने का दबाव बनाया, जबकि अब तक कांग्रेस में एक लाइन का ही प्रस्ताव पारित होता आया है।

विधायक दल की बैठक का बहिष्कार और सामूहिक इस्तीफों से पार्टी की छवि खराब
रिपोर्ट में लिखा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के समर्थक मंत्रियों और विधायकों के विधायक दल की बैठक के बहिष्कार और इस्तीफे के प्रकरण से पार्टी की छवि खराब हुई है। इसके जरिए पार्टी के वर्षों से जारी परिपाटी को चुनौती दी गई है। इस घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की सिफारिश की गई है।

सोनिया गांधी को रिपोर्ट मिलने के बाद होगी एक्शन की शुरुआत
सोनिया गांधी, अजय माकन की रिपोर्ट पर आज चर्चा करेंगी। रिपोर्ट के आधार पर कुछ मंत्रियों और विधायकों पर एक्शन लिया जा सकता है। बताया जाता है कि अजय माकन ने विधायक दल की बैठक का बहिष्कार करने के लिए गहलोत खेमे के खास मंत्री शांति धारीवाल और महेश जोशी को जिम्मेदार माना है। पहले फेज में इन दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी होगा। इसके बाद गहलोत समर्थक कुछ और नेताओं पर भी एक्शन लिया जा सकता है।

1. CM को लेकर राजस्थान कांग्रेस में बगावत:गहलोत-पायलट गुट में सुलह के लिए कमलनाथ को दिल्ली बुलाया; माकन-खड़गे भी लौटे

कांग्रेस में अध्यक्ष और राजस्थान में मुख्यमंत्री का चयन आपस में उलझ गया है। अशोक गहलोत के अध्यक्ष पद के नामांकन के बीच सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावनाएं बनने लगीं। ऐसे में गहलोत गुट हाईकमान से ही भिड़ गया।

2. क्या गहलोत नहीं बनेंगे राष्ट्रीय अध्यक्ष?:गहलोत-पायलट खेमों की लड़ाई में तीसरे को फायदा होने की संभावना

राजस्थान में सवा दो साल पहले आए सियासी संकट का दूसरा पार्ट वापस देखा जा रहा है। इस बार किरदार बदले हुए हैं। अशोक गहलोत खेमे के विधायकों के सचिन पायलट को सीएम बनाए जाने की संभावनाओं पर बगावती तेवर दिखाने से संकट के हालात बने हैं।

इन हालात के बाद सवाल उठने लगा है कि क्या…

अब गांधी परिवार अशोक गहलोत को अध्यक्ष के पद पर बैठाएगा?

आखिर गहलोत गुट को किस बात की चिंता है?

अब सचिन पायलट कैंप का रुख क्या होगा?

क्या सरकार गिर सकती है? 

3. पायलट अब भी बन सकते हैं CM:विवाद से सबसे ज्यादा फायदा मिला; जानिए- सचिन के पॉलिटिकल फ्यूचर की क्या-क्या हैं संभावनाएं

भास्कर ने कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं और पॉलिटिकल एनालिस्ट से बात की। उनका कहना था कि भले ही सचिन ने अभी तक बैटिंग शुरू नहीं की हो, लेकिन इस सियासी मैच में सबसे ज्यादा रन उन्हीं की टीम ने स्कोर किए हैं।

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