संक्रमण के कम्यूनिटी स्टेज पर जाने का खतरा, अब तक 18 पॉजिटिव मिले, इनमें 15 एक अस्पताल के स्टाफ

भीलवाड़ा. देश के कोरोनाजोन बने भीलवाड़ा के हालात चुनौतीपूर्ण हो रहे हैं। यहां अब तक 18 पॉजिटिव मिल चुके हैं। इनमें 15 एक ही अस्पताल का स्टॉफ है। जबकि तीन पॉजिटिव वह हैं जो अस्पताल में दिखाने के लिए गए थे। इनमें से 73 साल के संक्रमित बुजुर्ग की गुरुवार को मौत हो गई है। बुजुर्ग को किडनी और सांस लेने में दिक्कत थी। भीलवाड़ा में संक्रमण का पहला केस यहां के बांगड़ अस्पताल के डॉक्टर में मिला था। डॉक्टर, सऊदी से आए अपने दोस्तों के संपर्क में आने से संक्रमित हुआ था।

भीलवाड़ा को पूरी तरह से सील किया जा चुका है। न किसी को बाहर जाने दिया जा रहा है और न ही शहर में आने दिया जा रहा है। हालात बिगड़ने का अंदेशा देखते हुए शहर के लगभग सभी होटल, धर्मशाला को अधिग्रहित कर लिया गया है। इनमें छह हजार क्वारेंटाइन बैड तैयार किए गए हैं। सबसे बड़ा खतरा इस बात का है कि भीलवाड़ा में कोरोना संक्रमण अभी बांगड़ अस्पताल में ही केंद्रित था। लेकिन अब कम्यूनिटी स्टेज यानी स्थानीय लोगों से स्थानीय लोगों को फैलने की तरफ जाने की स्थिति में लग रहा है।
3 लाख से ज्यादा लोगों की की जा चुकी है स्क्रीनिंग
अभी तक जो रिपोर्ट आई थी उसमें बांगड़ अस्पताल के डॉक्टर, नर्सिंगकर्मी व अन्य स्टाफ पॉजिटिव थे। लेकिन अब इनके संपर्क में आए तीन मरीजों में भी कोरोना संक्रमण मिला है। उन मरीजों से कोरोना संक्रमण आगे फैलने की भी आशंका हैं। इसी के चलते स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भीलवाड़ा के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 18 से 24 मार्च तक करीब 70 हजार परिवारों का सर्वे किया। 3 लाख 50 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग भी की है। जो संदिग्ध नजर आए हैं उन्हें आइसोलेशन में रखा गया है। कुछ को क्वारेंटाइन तो कुछ को होम आइसोलेशन के लिए कहा गया है। सिर्फ यही नहीं, राजस्थान के 13 जिलों से और चार राज्यों से डॉक्टर के संक्रमित होने के दौरान मरीज बांगड़ अस्पताल पहुंचे थे। भीलवाड़ा कलेक्टर ने उन सभी जिलों के कलेक्टर को पत्र लिखकर उन लोगों की जांच और निगरानी के लिए भी कहा है।

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