शिव का ‘बाबा’ से बदला!:बाबा के कब्जे पर दूसरे दिन भी चला बुलडोजर; सिंहासन जैसी कुर्सी पर बैठते थे कम्प्यूटर बाबा, अलमारी से मिली जमीन की रजिस्ट्री

कांग्रेस शासनकाल में रेत को लेकर बार-बार मुख्यंत्री शिवराजसिंह चौहान पर निशाना साधते रहे कम्प्यूटर बाबा अब फंस गए हैं। एक्जिट पोल के अनुमान आते ही शिवराज की सरकार ने उन पर सभी तरफ से घेराबंदी कर दी है। जिला प्रशासन ने सोमवार को भी बुलडोजर चलाते हुए सुपर कॉरिडोर में किए गए अतिक्रमण को तोड़ने के बाद टीम ने अंबिकापुरी एक्सटेंशन स्थित मंदिर को उनके कब्जे से मुक्त करवाया।

गौरतलब है, बाबा पहले भाजपा के समर्थन में आकर राज्यमंत्री बने, फिर कांग्रेस में भी यही दोहराया। कांग्रेस सरकार के वक्त उन्होंने सीहोर जिले के बुदनी (मुख्यमंत्री का गृहक्षेत्र), होशंगाबाद में रेत खनन को लेकर लगातार छापे मारे थे और शिवराजसिंह की भूमिका पर सवाल उठाए थे।

जिला प्रशासन की कार्रवाई के दौरान सोमवार को मंदिर में बाबा के नाम से जमीन की रजिस्ट्री और बैंक पासबुक मिली है। बाबा के बैठने के लिए एक सिंहासन नुमा कुर्सी भी यहां रखी थी। बाबा के कब्जे से मुक्त हुए मंदिर में सोमवार को बड़ी संख्या में लोग दर्शन करने पहुंचे और पूजा अर्चना कर यहां के अतिक्रमण हटाए जाने पर प्रसन्नता जाहिर की।
8 एकड़ जमीन अजनोद में खरीदी, प्रशासन को मिली रजिस्ट्री
एरोड्रम रोड स्थित विद्याधाम के पीछे अंबिकापुरी एक्सटेंशन में श्रीसिद्ध कालीधाम मंदिर है। बताया जा रहा है कि मंदिर के पुजारी स्वामी वेद प्रकाशानन्द की 2008 में संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या हो गई थी। इसके बाद मंदिर का संचालन कंप्यूटर बाबा के हाथों में चला गया था। अंबिकापुरी के मंदिर को कब्जे में लेने की कार्यवाही के दौरान वहां निर्मित कमरे में बाबा के बैठने की सिंहासन नुमा कुर्सी तो मिली ही।

इसके अलावा अलमारी से सांवेर क्षेत्र के अजनोद की एक सवा तीन हेक्टेयर है, यानी करीब 8 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री भी मिली है। यह जमीन कम्प्यूटर बाबा ने अपने नाम से खरीदी थी। विक्रय पत्र में 11 साल पहले खरीदी इस जमीन की कीमत तत्कालीन गाइडलाइन के मुताबिक 10 लाख दर्शायी गई है, जिसकी वर्तमान में कीमत 4-5 से करोड़ आंकी जा रही है। प्रशासन अब इस रजिस्ट्री की जांच भी करवा रहा है कि आखिर इस जमीन को बाबा ने कैसे खरीदी और वर्तमान में इस जमीन का क्या उपयोग हो रहा है।
कार्रवाई के दौरान बाबा के नाम मिली रजिस्ट्री
रविवार को कार्रवाई के दौरान कम्प्यूटर बाबा के नाम कुछ रजिस्ट्री मिली थी। जिसमें अजनोद में बाबा ने 10 लाख रुपए की 3 हेक्टेयर कृषि भूमी खरीदी थी। यहां मंदिर बनाकर जमीन की खरीद-फरोख्त के लिए इसका उपयोग किया जा रहा था। प्रशासन को बाबा के कई बैंक अकाउंट होने और उनमें असामान्य तरीके से पैसा जमा होने की भी शिकायतें मिली हैं। प्रशासन ने बाबा की जमीनों के साथ ही उनके खातों की भी जांच शुरू करवा दी है।

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