शिवराज बोले- फिलहाल मंत्रिमंडल के विस्तार की योजना नहीं

उपचुनाव के बाद मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। इस बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार की योजना नहीं है। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को मीडिया के सवाल पर यह बयान दिया है। उनसे पूछा गया कि मंत्रिमंडल का विस्तार कब होगा और कौन-कौन से विधायकों को जगह मिलेगी? इस पर मुख्यमंत्री ने सिर्फ इतना ही कहा कि अभी इसको लेकर जल्दबाजी करने की आवश्यकता नहीं है। बिजली के दाम बढ़ाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस पर अभी विचार नहीं किया गया है।

उपचुनाव में बीजेपी को 28 में से 19 सीटों पर जीत हासिल हुई है। यानी बीजेपी विधायकों की संख्या विधानसभा में बहुमत के आंकड़े से 11 ज्यादा हो गई है। शिवराज कैबिनेट के 14 मंत्री चुनाव मैदान में उतरे थे। इसमें से तीन इमरती देवी, एदल सिंह कंसाना और गिर्राज दंडोतिया चुनाव हार गए हैं, जबकि तुलसी सिलावट और गोविंदसिंह राजपूत छह माह का कार्यकाल पूरा होने के बाद इस्तीफा दे चुके हैं। हालांकि सिलावट और राजपूत चुनाव जीत गए हैं, लेकिन उन्हें मंत्रीमंडल में वापसी के लिए फिर से शपथ लेना पड़ेगी।

फिलहाल 28 मंत्रियों की कैबिनेट

उपचुनाव से पहले शिवराज सरकार में 33 (25 कैबिनेट और 8 राज्यमंत्री) मंत्री थे। इसमें से 14 मंत्री चुनाव मैदान में उतरे थे। कैबिनेट में अधिकतम 34 मंत्री शमिल हो सकते हें। यानी 6 विधायक मंत्री बन सकते हैं।

मंत्री बनने के लिए फील्डिंग में लगे दावेदार

इधर, शिवराज कैबिनेट में जगह पाने के लिए दावेदारों ने फील्डिंग जमाना शुरू कर दी है। चुनाव परिणाम के बाद से कई वरिष्ठ विधायकों के बीजेपी कार्यालय में चक्कर लगना शुरू हो गए हैं। तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत का फिर से मंत्री बनना लगभग तय है। बावजूद, इसके खाली 4 पदों के लिए जोड़तोड़ शुरू हो गई है।

कांग्रेस ने कहा -फैसला स्वागत योग्य

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर दिए बयान का कांग्रेस ने स्वागत किया है। कांग्रेस प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता ने कहा है कि यदि मुख्यमंत्री कैबिनेट का विस्तार नहीं कर रहे हैं, तो यह अच्छा निर्णय है। वजह है कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था बहुत खराब है। यदि नए मंत्री बनाए जाते हैं, तो सरकार पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।

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