शिवराज ने कहा- गांधी जी के बताए सत्य के रास्ते पर चलने में ही भलाई, किसी को विवश नहीं कर सकते हैं, लेकिन अपना आचरण सुधार सकते हैं

शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री शास्त्री जी की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने गांधी भवन में राष्ट्रपिता की प्रतिमा पर पुष्प हार चढ़ाकर नमन किया। इस अवसर पर गांधी भवन सभा कक्ष में आयोजित जयंती कार्यक्रम को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचार आज भी विश्व के लिए न सिर्फ उपयोगी हैं, बल्कि उनके विचारों और दर्शन में अनेक समस्याओं का समाधान भी छिपा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम गांधी जी को तो मानते हैं, लेकिन गांधी जी की नहीं मानते। गांधी जी ने सत्य और अहिंसा का जो मार्ग दिखाया, आज उसका अनुसरण करने की आवश्यकता है। शिवराज ने कहा कि हम किसी अन्य को विवश तो नहीं कर सकते, लेकिन स्वयं किसी शिक्षा का अनुपालन और उसके अनुसार अपना आचरण कर ही सकते हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर गांधी भवन की गतिविधियों की जानकारी ली।

शास्त्री जी का मंत्र जय जवान, जय किसान आज भी प्रासंगिक

मुख्यमंत्री पुरानी विधानसभा (मिंटो हाल) चौराहे पर स्थापित पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शास्त्री जी अल्पकाल के लिए प्रधानमंत्री बने लेकिन उन्होंने राष्ट्र को महत्वपूर्ण सेवाएं दीं। शास्त्री जी का मंत्र “जय जवान-जय किसान” आज भी प्रासंगिक है।
पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा- गांधी जी ने हमेशा एक मजबूत लोकतंत्र की वकालत की

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गांधी जयंती के अवसर पर गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। गांधी जयंती पर कमलनाथ ने कहा कि गांधी जी हमेशा एक मजबूत लोकतंत्र की वकालत करते थे, क्योंकि लोकतंत्र ही वो व्यवस्था है, जो सबसे कमजोर और सबसे ताकतवर को एक जैसा अवसर देती है। यही आज गांधी जयंती के दिन गांधी जी की विचारधारा का सच्चा सम्मान होगा।

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