वॉशिंगटन समेत अमेरिका के 40 शहरों में कर्फ्यू; व्हाइट हाउस पर प्रदर्शन के दौरान ट्रम्प को अंडरग्राउंड बंकर में ले जाना पड़ा था

वॉशिंगटन. अमेरिका में अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के मामले में विरोध बढ़ता जा रहा है। राजधानी वॉशिंगटन डीसी समेत 40 शहरों में कर्फ्यू लगाया जा चुका है। रविवार रात को भी प्रदर्शनकारियों ने व्हाइट हाउस के सामने काफी प्रदर्शन किया, लिहाजा सुरक्षाबलों को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, शुक्रवार को व्हाइट हाउस के सामने प्रदर्शनों के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को कुछ देर के लिए अंडरग्राउंड बंकर में ले जाना पड़ा था।

न्यूज चैनल सीएनएन के मुताबिक, वॉशिंगटन समेत 15 शहरों में करीब 5 हजार नेशनल गार्ड्स की तैनाती की गई है। जरूरत पड़ने के लिहाज से 2 हजार गार्ड्स को मुस्तैद रहने को कहा गया है।

व्हाइट हाउस पर सैकड़ों प्रदर्शनकारी जुटने से लिया फैसला
न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक व्यक्ति के हवाले से रिपोर्ट छापी। इसके मुताबिक, शुक्रवार को व्हाइट हाउस पर सैकड़ों की तादाद में प्रदर्शनकारी जुटे। सुरक्षा के लिहाज से ट्रम्प को एक घंटे से कम वक्त के लिए एक अंडरग्राउंड बंकर में ले जाया गया। प्रदर्शनकारियों के पीछे हटाने में सीक्रेट सर्विस और यूनाइटेड स्टेट्स पार्क पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

अखबार के मुताबिक, ट्रम्प की टीम व्हाइट हाउस के बाहर इतनी बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के जुटने से हैरान थे। हालांकि, यह साफ नहीं हो पाया कि मेलानिया और बैरन ट्रम्प को बंकर में ले जाया गया या नहीं।

26 मई को फ्लॉयड को गिरफ्तार किया गया था
मिनेपोलिस में 26 मई को फ्लॉयड को पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया था। इससे पहले एक पुलिस अफसर ने फ्लॉयड को सड़क पर दबोचा था और अपने घुटने से उसकी गर्दन को करीब आठ मिनट तक दबाए रखा था। फ्लॉयड के हाथों में हथकड़ी थी। इसका वीडियो भी वायरल हुआ था। इसमें 46 साल का जॉर्ज लगातार पुलिस अफसर से घुटना हटाने की गुहार लगाता रहा। उसने कहा, ‘आपका घुटना मेरे गर्दन पर है। मैं सांस नहीं ले पा रहा हूं… ।’’ धीरे-धीरे उसकी हरकत बंद हो जाती है। इसके बाद अफसर कहते हैं, ‘उठो और कार में बैठो’, तब भी उसकी कोई प्रतिक्रिया नहीं आती। इस दौरान आस-पास काफी भीड़ जमा हुई। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।

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