विभागों के बंटवारे पर पेंच बरकरार : दिल्ली से भोपाल पहुंचे शिवराज, कांग्रेस ने उठाए सवाल

मध्यप्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद भी विभागों के बंटवारे को लेकर खींचतान जारी है। इसी बीच, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज भोपाल पहुंच गए हैं। उन्होंने आज मंत्रियों के बीच विभाग बंटवारे से इनकार कर दिया है। सीएम ने कहा है कि वह इस मामले में एक दिन और काम करेंगे।

वहीं, विभागों के बंटवारे को लेकर हो रही कलह पर कांग्रेस ने भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री चौहान को घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा है कि मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार तीन खेमों में बंट गई है। कांग्रेस नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने ट्वीट कहा, ‘मध्यप्रदेश में भाजपा तीन खेमों में बंट गई है। 1. महाराज, 2. नाराज और 3. शिवराज’।
कांग्रेस नेता ने मंत्रिमंडल को बताया असंवैधानिक
दूसरी तरफ, मध्यप्रदेश में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चौधरी राकेश सिंह ने मंत्रिमंडल विस्तार को असंवैधानिक करार देते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और राज्यपाल लालजी टंडन को पत्र लिखा है।

चौधरी ने कहा कि 1991 में संविधान संशोधन अधिनियम को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वायपेयी के समय 2003 में लागू किया गया। इसमें राज्यों को निर्देश दिया गया कि राज्य में मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री सहित कुल मंत्रियों की संख्या विधानसभा सदस्यों की कुल संख्या का 15 फीसदी से अधिक नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में वर्तमान में मंत्रिमंडल में 33 सदस्य शामिल हैं। मध्यप्रदेश की विधानसभा 230 सदस्यों से मिलकर बनती है, लेकिन वर्तमान में केवल 206 सदस्य शामिल हैं। 24 स्थान रिक्त हैं।

चौधरी ने कहा कि अब अगर 15 फीसदी के हिसाब से देखा जाए तो मंत्रिमंडल में 31 सदस्यों को शामिल होना चाहिए था, इस तरह मंत्रिमंडल विस्तार असंवैधानिक है। इसलिए मैंने राष्ट्रपति और राज्य के राज्यपाल को पत्र लिखा है, ताकि इस पर उचित कार्रवाई की जा सके।

बालचंद्र वर्मा ने सीएम को पत्र लिखकर मंत्री बनाए जाने की मांग की
वहीं, नीमच के सामाजिक कार्यकर्ता और रिटायर्ड इलेक्ट्रिकल इंजीनियर बालचंद्र वर्मा ने मुख्यमंत्री शिवराज को पत्र लिखा है। उन्होंने 14 पूर्व विधायकों को मंत्री बनाए जाने की तर्ज पर उन्हें भी मंत्री बनाए जाने की मांग की है। वर्मा ने पत्र में लिखा है कि वह बिना वेतन भत्ते के जनता की सेवा करना चाहते हैं। इसलिए या तो उन्हें मंत्री बनाया जाए या फिर 14 मंत्रियों को हटाया जाए।
सिंधिया ने कहा, हमने कभी राजनीति में छल कपट नहीं किया
बता दें कि, मंत्रिमंडल विस्तार के बाद भी नेताओं में विभागों के बंटवारे को नाराजगी है। भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने समर्थक पूर्व विधायकों को प्रमुख विभाग दिलाना चाहते हैं। वहीं, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान चाहते हैं कि मुख्य विभाग उनके करीबी नेताओं के पास रहें।

विभागों के बंटवारे को लेकर खींचतान के दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीट किया है। सिंधिया ने कहा, ‘चाहे मेरे पूज्य पिताजी हों या मैं, हमने कभी भी राजनीति में छल कपट का सहारा नहीं लिया, इसलिए लोग हमपर अनर्गल आरोप लगाते है। मैंने खुद को पूरे विश्वास के साथ भारतीय जनता पार्टी को सौंप दिया है। अब यही मेरा परिवार है।’

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