विकास दुबे का करीबी प्रभात मिश्रा कानपुर में मारा गया, दूसरा साथी बऊआ दुबे इटावा में ढेर

कानपुर. चौबेपुर के बिकरू में हुए शूटआउट के मुख्य आरोपी विकास दुबे का एक और करीबी प्रभात मिश्रा मारा गया है। प्रभात को पुलिस ने बुधवार को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया था। यूपी पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर कानपुर ले जा रही थी। रास्ते में प्रभात ने भागने की कोशिश की, उसने पुलिस की पिस्टल छीनकर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में प्रभात मारा गया। दूसरी ओर विकास गैंग के ही बऊआ दुबे उर्फ प्रवीण को पुलिस ने इटावा में मार गिराया। दोनों बदमाश 2 जुलाई को बिकरू गांव में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या में शामिल थे।
बऊआ के 3 साथी फरार, 1 पिस्टल और 1 बंदूक बरामद
इटावा के एसएसपी आकाश तोमर ने बताया कि गुरुवार सुबह बकेवर इलाके के महेवा कस्बे के पास बऊआ और उसके 3 साथियों ने एक स्विफ्ट डिजायर गाड़ी (डीएल-1 जेडए-3602) को लूटा था। चेकिंग के दौरान सिविल लाइन इलाके की कचौरा घाट रोड पर पुलिस ने बदमाशों को घेर लिया, लेकिन उन्होंने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में 50 हजार रुपए का इनामी बदमाश बऊआ मारा गया। उसके साथी भाग गए। मौके से 1 पिस्टल, 1 दुनाली बंदूक और कारतूस मिले हैं।

7 दिन में विकास दुबे गैंग के 5 बदमाशों का एनकाउंटर
पुलिस ने बुधवार को ही विकास के करीबी अमर दुबे का भी एनकाउंटर कर दिया था। अमर हमीरपुर में छिपा था। अब तक विकास गैंग के 5 लोग एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं।

चौबेपुर थाने के एसओ और दरोगा गिरफ्तार
जिस थाने में बिकरू गांव आता है, उस चौबेपुर थाने के एसओ विनय तिवारी और दरोगा केके शर्मा को भी बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया। कानपुर रेंज के आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि तिवारी और शर्मा 2 जुलाई को बिकरु गांव में मौजूद थे, लेकिन, शूटआउट शुरू होते ही भाग गए थे। एसएसपी दिनेश प्रभु ने बताया कि विनय तिवारी और केके शर्मा ने विकास दुबे को जानकारी दी थी कि पुलिस की रेड पड़ने वाली है।

कानपुर शूटआउट केस में अब तक क्या हुआ?
2 जुलाई: विकास दुबे को गिरफ्तार करने 3 थानों की पुलिस ने बिकरू गांव में दबिश दी, विकास की गैंग ने 8 पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी।
3 जुलाई: पुलिस ने सुबह 7 बजे विकास के मामा प्रेमप्रकाश पांडे और सहयोगी अतुल दुबे का एनकाउंटर कर दिया। 20-22 नामजद समेत 60 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
5 जुलाई: पुलिस ने विकास के नौकर और खास सहयोगी दयाशंकर उर्फ कल्लू अग्निहोत्री को घेर लिया। पुलिस की गोली लगने से दयाशंकर जख्मी हो गया। उसने खुलासा किया कि विकास ने पहले से प्लानिंग कर पुलिसकर्मियों पर हमला किया था।
6 जुलाई: पुलिस ने अमर की मां क्षमा दुबे और दयाशंकर की पत्नी रेखा समेत 3 को गिरफ्तार किया। शूटआउट की घटना के वक्त पुलिस ने बदमाशों से बचने के लिए क्षमा दुबे का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन क्षमा ने मदद करने की बजाय बदमाशों को पुलिस की लोकेशन बता दी। रेखा भी बदमाशों की मदद कर रही थी।
8 जुलाई: एसटीएफ ने विकास के करीबी अमर दुबे को मार गिराया। प्रभात मिश्रा समेत 10 बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।
9 जुलाई: मुख्य आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे उज्जैन से गिरफ्तार। प्रभात मिश्रा और बऊआ दुबे एनकाउंटर में मारे गए।

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