रीवा में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस को बताया किसान विरोधी

रीवा, Kisan Sammelan in Rewa। 10 वर्षों तक मुख्यमंत्री रहे दिग्गी राजा ने मध्य प्रदेश की सूखी धरती की प्यास नहीं बुझाई, 10 वर्षों तक विंध्य कि धरा को प्यासा रखा, अब खुद को किसान का हमदर्द बता रहे हैं। मैं आपको बताना चाहता हूं कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने तो फसल बीमा योजना का 24 सौ करोड़ रुपये का प्रीमियम तक नहीं जमा किया था। जिसके कारण किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ नहीं मिल पाया। कमल नाथ और दिग्गी राजा कहते हैं कि वह उपवास करेंगे, मैं आपको बताना चाहता हूं कि वो अपने अपने गुनाहों कि माफी मांगेंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रीवा में किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर यह तीखे प्रहार किए।
सीएम शिवराज ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी देश की इकलौती पार्टी है जो किसानों के हितों का ध्यान रखती। उन्होंने यह साफ किया है की देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसान हित में जो निर्णय लिए गए वह अभूतपूर्व निर्णय हैं। चाहे वो प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की बात हो या फिर किसानों को अपनी फसल बेचने की स्वतंत्रता। मैं इस मंच से यह विश्वास दिलाता हूं कि इस कानून के बाद भी मंडिया बंद नहीं होंगी, किसान की मर्जी पर निर्भर है वह व्यापारी को डायरेक्ट अनाज बेच सकता है, वह तो चाहे मंडी में अनाज बेचे चाहे। वह समर्थन मूल्य पर अनाज की बिक्री करें यह किसान की मर्जी उन्होंने कहा कि किसान मेरे लिए सर्वोपरि हैं।
किसान की बात करने वाले कांग्रेस के लोग प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का प्रीमियम तक नहीं जमा किया था। इतना ही नहीं सम्मान निधि के लिए उन्होंने सूची तक केंद्र को नहीं भेजी थी। जब चौथी बार शिवराज ने मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली तो हमने यह तय किया कि केंद्र अगर 6000 दे रहा है, तो 4000 रुपये हम भी किसानों के खाते में डालेंगे।
यह तो कोरोना काल की कड़की थी आगे आने वाले समय में हम और भी विचार कर रहे हैं किसानों को संबोधित करते हुए सीएम शिवराज सिंह चौहान ने राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि राहुल बाबा क्या जाने आलू डालने से चिप्स बनता है या चिप्स डालने से आलू। उन्हें क्या पता की भुट्टा इधर से लगता है या उधर से और किसानों की बात कर रहे हैं। उन्होंने इस दौरान सोनिया गांधी, राहुल गांधी, कमल नाथ, दिग्विजय सिंह को भी आड़े हाथों लिया।

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