राजधानी में संक्रमण / भोपाल में 47 नए केस मिले; कोरोना ड्यूटी पर भिंड से आए एसएएफ की 17वीं बटालियन के 7 जवान संक्रमित, एक और एंबुलेंस कर्मी पॉजिटिव

भोपाल. भोपाल में मंगलवार को कोरोना संक्रमण के 47 नए मामले मिले। इसमें भिंड से ड्यूटी के लिए बुलाए गए 17वीं बटालियन विशेष सशस्त्र बल (एसएएफ) के 7 जवान कोरोना पॉजिटिव पाए गए। ये सभी जवान भोपाल के एक गेस्ट हाउस में रुके हैं। इसके साथ बंगरसिया के सीआरपीएफ कैंपस में आज फिर एक कोरोना पॉजिटिव मरीज मिला। वहीं, भोपाल में 25वीं बटालियन का भी एक जवान पॉजिटिव मिला। यहां 4 जून को एक जवान कोरोना संक्रमित आया था। संक्रमितों की संख्या 2287 हो गई है। वहीं, 73 लोगों की मौत हो चुकी है।

इधर, मिसरोद ग्रामीण सेंट्रल बैंक का एक कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव आया। एंबुलेंस 108 में तीन दिन बाद फिर से एक कर्मचारी संक्रमित पाया गया। रातीबड़ में श्रमोदय स्कूल में बनाए गए क्वारैंटाइन सेंटर से भी मिले 6 लोग पॉजिटिव मिले हैं। ये सभी जयभीम नगर और प्रियदर्शिनी नगर के निवासी हैं। यहां करीब 50 लोगों को क्वारैंटाइन किया गया है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रभाकर तिवारी ने बताया कि अब तक 1564 मरीज स्वस्थ होकर जा चुके हैं। अब 461 संक्रमितों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। इस समय होम आइसोलेशन में 51 और संस्थागत क्वारैंटाइन सेंटर में 134 का इलाज चल रहा है।

मानवाधिकार आयोग का दफ्तर तीन दिन के लिए बंद
मानवाधिकार आयोग मध्य प्रदेश को कोरोना संक्रमण की संभावना को देखते हुए सोमवार को तीन दिन के लिए बंद कर दिया गया है। यहां पर आयोग के सहायक ग्रेड-3 के कर्मचारी का बेटा कोरोना पॉजिटिव मिला था। आयोग के अध्यक्ष, सदस्यों के साथ सभी कर्मचारियों को क्वारैंटाइन होने के आदेश जारी किए गए हैं। यह कर्मचारी कंटेनमेंट इलाके में रहता था। इधर, भोपाल में सोमवार को 52 नए मरीज मिले, जिसमें सी-पैट का एक कर्मचारी शामिल है।

भोपाल में यात्री बसें 50% क्षमता के साथ शुरू करने की कवायद
भोपाल में मंगलवार से यात्री बसों के संचालन का आदेश जारी कर दिया है, जिसमें राज्य के भीतर 50% यात्री क्षमता के साथ बसों का संचालन किया जाएगा। यह व्यवस्था 30 जून तक के लिए की गई है। इसके साथ इंदौर और उज्जैन में भी यही व्यवस्था की गई है। इसके बाद आगे के लिए जिलों के क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप के साथ चर्चा के बाद राज्य सरकार निर्णय लेगी। बस ऑपरेटरों ने सरकार को स्प्ष्ट कर दिया है कि आधी क्षमता के साथ बसे चलाने से उन्हें नुकसान होगा। पहले नुकसान की भरपाई हो, उसके बाद ही बसें चलाएंगे। फिलहाल सरकार इस पर अंतिम निर्णय लेगी।

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