युवक ने सैंपल दिया नहीं, रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई, बड़ा सवाल- जिस मरीज की ये पॉजिटिव रिपोर्ट है वह कौन और कहां है?

जिस युवक ने सैंपल ही नहीं दिया उसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव बता दी। आनन-फानन में जोन कार्यालय और उसी परिसर में लगने वाले एसडीएम कार्यालय को बंद किया गया। मामले में लापरवाही तब उजागर हुई जब निगमकर्मी ने बताया कि उसका तो सैंपल लिया ही नहीं गया था। अब सवाल यह है कि जब अगर निगमकर्मी का सैंपल नहीं लिया था तो किसकी रिपोर्ट इन्हें भेजी गई? जिस मरीज की ये पॉजिटिव रिपोर्ट है वह कौन है? और कहां है?

लापरवाही का यह मामला कोलार क्षेत्र का है। जोन 19 में बतौर कम्प्यूटर ऑपरेटर पदस्थ अविनाश सिंह कार्यालय में लोगों के सीधे संपर्क में रहते हैं। ऐसे में वे 16 जुलाई को दोपहर करीब 12.30 बजे कोलार स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे। यहां उन्होंने फॉर्म भरा और लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करने लगे। करीब घंटेभर बाद भी उनका नंबर नहीं आया, इसी बीच कार्यालय से फोन आ गया तो वे बिना सैंपल दिए ही वापस चले गए। अगले दिन वार्ड 81 के प्रभारी सत्यप्रकाश बडगैया ने फोन करके अविनाश को बताया कि उनकी रिपोर्ट पाजिटिव आई है।
मामला उजागर हुआ तो तीसरे दिन फिर कराया सैंपल, अब रिपोर्ट का इंतजार
बिना सैंपल दिए ही रिपोर्ट पॉजिटिव आने के संबंध में निगम अधिकारियों ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को बताया था। क्षेत्रीय एसडीएम राजेश गुप्ता ने अविनाश को बुलाकर पूछताछ की और दोबारा सैंपल देने को कहा था। इसके बाद अविनाश ने 18 जुलाई को दोबारा सैंपल दिया है। लेकिन, उनके पास सैंपल कलेक्शन के बाद आने वाली आईडी का मैसेज भी नहीं आया है। जब इस संबंध में जिम्मेदारों से पूछा गया तो उनका कहना था कि जांच
रिपोर्ट गलत नहीं आती है। हो सकता है कि अविनाश झूठ बोल रहा हो।
दो जोन और एसडीएम कार्यालय के कर्मचारी दहशत में
गेंहूखेड़ा में डी मार्ट के पीछे स्थिति जिस कार्यालय में अविनाश बैठते हैं उस बिल्डिंग में जोन 18 और जोन 19 के साथ ही कोलार एसडीएम कार्यालय भी लगता है। जब रिपोर्ट पॉजिटिव आने का पता कर्मचारियों को चला तो दहशत फैल गई। कार्यालय बंद कराकर सेनेटाइज किया गया। शनिवार और रविवार के बाद सोमवार को वापस कार्यालय खोले गए हैं। हालांकि, जिस कमरे में अविनाश बैठते हैं उसे बंद रखा गया है। अब कर्मचारियों को बुलाया जा रहा है, ऐसे में कर्मचारी भारी दहशत में हैं।

मैं सैंपल देने गया था, लेकिन टीम लेट आई और भीड़ ज्यादा थी। इसी बीच ऑफिस से फोन आ गया तो मैं बिना सैंपल दिए ही आ गया। दूसरे दिन पता चला कि रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जब सैंपल ही नहीं दिया तो रिपोर्ट कैसे आ गई यह समझ नहीं आ रहा।
अविनाश सिंह, निगमकर्मी

सैंपल लिया गया था, रिकॉर्ड में है। हो सकता है कि अविनाश झूठ बोल रहा हो। हम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सीसीटीवी दिखवा रहे हैं। दोबारा जांच कराई गई है। रिपोर्ट आने तक उनको होम आइसोलेशन में रहने को कहा गया है।

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