ममता ने लिखा रेलवे को पत्र, कहा- 26 मई तक श्रमिक स्पेशल ट्रेनें न भेजें

नई दिल्ली। शनिवार, 23 मई 2020: वैश्विक महामारी कोरोना और अम्फान ने बंगाल के जन-जीवन को बुरी तरह से प्रभावित किया है। राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रेलवे को पत्र लिखकर रेलवे को पत्र लिखकर चक्रवात अम्फान के कारण 26 मई तक राज्य में श्रमिक विशेष ट्रेनें नहीं भेजने को कहा है। अम्फान की तबाही से राज्य में करीब 80 लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों-करोड़ों की संपत्ति का नुकसान हुआ है।

मुख्यमंत्री ममता ने कहा कि जिला प्रशासन चक्रवात अम्फान के बाद राहत, पुनर्वास के काम में लगा है और यही वजह है कि वह अगले कुछ दिनों तक विशेष ट्रेनों की अगवानी नहीं कर पाएगा। बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा बार-बार ऐसा कहा जा रहा है कि बंगाल की ममता सरकार श्रमिकों के लिए चलाई जा रही स्पेशल ट्रेनों को नहीं आने दे रही है।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चक्रवात अम्फान के कारण पश्चिम बंगाल में बड़े पैमाने पर हुई तबाही के बाद राज्य में स्थिति का जायजा लेने के लिए शुक्रवार को कोलकाता गए थे और पुन: स्थापन कार्य के लिए 1,000 करोड़ रुपये की अग्रिम सहायता की घोषणा की थी। राज्य में राष्ट्रीय आपदा में मरने वालों की संख्या 80 पर पहुंच गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्यपाल जगदीप धनखंड के साथ मिलकर चक्रवात से प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और समीक्षा बैठक की।

बैठक से पहले ममता बनर्जी ने मांग की कि अम्फान को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य को 100 साल में आए सबसे भयंकर तूफान के कारण एक लाख करोड़ रुपये तक का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने 1,000 करोड़ रुपये की आपात निधि की घोषणा की है…यह क्या पैकेज है मुझे नहीं पता। मैंने उन्हें बताया कि हम उन्हें ब्योरे उपलब्ध कराएंगे। संपूर्ण स्थिति का आकलन करने में कुछ समय लगेगा लेकिन नुकसान एक लाख करो़ड़ से ज्यादा है।’

दरअसल, बुधवार रात पश्चिम बंगाल के कई जिलों में चक्रवात अम्फान के गुजरने के बाद लाखों लोग बेघर हो गए जहां हजारों पेड़ उखड़ गए, झोपड़ियां उजड़ गईं और निचले इलाके डूब गए। राज्य के कुछ हिस्सों में, कई घर मलबे में तब्दील हो गए और खेत जलमग्न हो गए।

Leave a Reply

Your email address will not be published.