ममता के 5 भाई, एक भाभी बेहिसाब संपत्ति में फंसे

वकील बोले- कोलकाता में एक पूरी सड़क पर प्रॉपर्टी, 5 करोड़ की संपत्ति 1 करोड़ में खरीदी

पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी के 5 भाइयों और एक भाभी पर आय से ज्यादा संपत्ति जमा करने के आरोप हैं। कोलकाता हाईकोर्ट में लगी पिटीशन के मुताबिक 2011 में तृणमूल कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद से बनर्जी परिवार की संपत्ति बेहिसाब बढ़ी। हाईकोर्ट ने सभी आरोपियों को 11 नवंबर तक एफिडेविट जमा करने के आदेश दिए हैं।

पिटीशन में कहा गया है कि कोलकाता की हरीश चटर्जी स्ट्रीट पर ज्यादातर प्रॉपर्टी बनर्जी परिवार की हैं। ममता की भाभी कजरी बनर्जी पर कई प्रॉपर्टी मार्केट रेट से कम कीमत में खरीदने का आरोप है। भतीजे अभिषेक बनर्जी कई कंपनियों में डायरेक्टर हैं। हालांकि, ममता का कहना है कि नातेदारों से मेरा कोई मतलब नहीं है। कोई भी मेरे साथ नहीं रहता।

हमने पिटीशन लगाने वाले वकील से बात की और तमाम तथ्य जुटाए।

कहानी में आगे बढ़ेंगे, लेकिन पहले PM मोदी की आलोचक ममता बनर्जी का नया बयान पढ़िए…

अब ममता के परिवार के बारे में जानिए…

जिन पर आरोप लगे, उनका ममता से रिश्ता

  1. अमित बनर्जी: ममता के बड़े भाई और अभिषेक बनर्जी के पिता
  2. अजीत बनर्जी: ममता के बड़े भाई
  3. समीर बनर्जी: ममता के भाई
  4. स्वपन बनर्जी: ममता के भाई
  5. गणेश बनर्जी: ममता के भाई
  6. कजरी बनर्जी: ममता की भाभी, समीर बनर्जी की पत्नी

पिटीशन में ममता और उनके परिवार पर लगे आरोप…

  • 2011 से ममता बनर्जी बंगाल की मुख्यमंत्री हैं। इस दौरान शारदा स्कैम, रोज वैली स्कैम, नारदा स्कैम, पोंजी स्कैम और रिक्रूटमेंट स्कैम हुए। एक भी रिक्रूटमेंट प्रोसेस भ्रष्टाचार के बिना पूरी नहीं हुआ। इन घोटालों में TMC के कई नेता अरेस्ट भी हुए।
  • पॉलिटिकल लीडर्स और मीडिया ने ममता बनर्जी के फैमिली मेंबर्स की बेहिसाब संपत्ति पर खुलासे किए। गनाशक्ति नाम के बांग्ला अखबार ने दावा किया कि कोलकाता की हरीश चटर्जी स्ट्रीट पर ज्यादातर प्रॉपर्टी बनर्जी परिवार की हैं।
  • ममता के भाई समीर बनर्जी की पत्नी कजरी बनर्जी ने 2021 में वार्ड नंबर-73 से चुनाव लड़ा। उन्होंने एफिडेविट में खुद को सोशल वर्कर बताया। पति और खुद की प्रॉपर्टी 5 करोड़ रुपए बताई। सोशल वर्क करके 5 करोड़ कैसे कमाए जा सकते हैं।
  • 14 मई 2019 को कजरी बनर्जी ने वेस्ट बंगाल हाउसिंग बोर्ड से एक प्रॉपर्टी 19 लाख रुपए में खरीदी, लेकिन उसकी मार्केट वैल्यू 63.78 लाख रुपए थी।
  • कजरी ने एफिडेविट में कई जानकारियां छिपाईं। बेटे को डिपेंडेंट बताते हुए उसके पैन नंबर का जिक्र नहीं किया, जबकि वे केए क्रिएटिव LLP की मालकिन हैं। केए क्रिएटिव के जरिए हरीश मुखर्जी रोड पर 1.30 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी खरीदी गई। इसकी सही कीमत 5.19 करोड़ रुपए थी।
  • ममता बनर्जी अमीर परिवार से नहीं आतीं। उनका दावा है कि वे सैलरी नहीं लेतीं। किताबों और पेंटिंग के जरिए ही कमाई करती हैं। उनका परिवार 30B हरीश चटर्जी स्ट्रीट पर एक छोटे से घर में रहता है। एक सामान्य परिवार के मेंबर्स के इतने बड़े ट्रांजैक्शन कैसे हो सकते हैं।
  • नवंबर 2013 में TMC के पूर्व सांसद और मौजूदा जनरल सेक्रेटरी कुणाल घोष शारदा स्कैम में अरेस्ट हुए थे। तब उन्होंने कहा था कि शारदा चिटफंड का पैसा ममता बनर्जी के पास है। कोर्ट ने 28 नवंबर को कुणाल घोष को भी आने के लिए नोटिस जारी किया है।
  • साल 2011 के बाद लीप्स एंड बाउंड्स इंफ्रा कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड, लीप्स एंड बाउंड प्राइवेट लिमिटेड, लीप्स एंड बाउंड मैनेजमेंट सर्विसेज LLP (लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप) बनीं। तीनों ही कंपनियां ममता के फैमिली मेंबर्स चलाते हैं।
  • त्रिनेत्र कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक कंपनी 2019 के पहले बनी और गायब भी हो गई। कंपनी ने बैलेंस शीट फाइल नहीं की। कथित तौर पर इसके जरिए TMC को 3 करोड़ रुपए का डोनेशन अलग-अलग समय में दिया गया।
  • ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल के होम डिपार्टमेंट और पुलिस की इंचार्ज हैं। ऐसे में कोलकाता पुलिस उनके फैमिली मेंबर्स के खिलाफ जांच करने की हिम्मत नहीं करेगी। इसलिए CBI और ED को इसकी जांच सौंपी जानी चाहिए।

पिटिशनर ने कहा- बनर्जी परिवार का पुरी में होटल, मेरे पास सबूत
बनर्जी परिवार के कुल 6 मेंबर्स पर आय से ज्यादा संपत्ति के आरोप हैं। आरोप अरिजीत मजूमदार ने लगाए हैं। उनके वकील BJP नेता तरुण ज्योति तिवारी हैं। मजूमदार ने अमित बनर्जी, अजीत बनर्जी, समीर बनर्जी, स्वपन बनर्जी, गणेश बनर्जी और कजरी बनर्जी को आरोपी बनाया है। कोर्ट ने इन सभी को 11 नवंबर तक एफिडेविट जमा करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट इस PIL को 28 नवंबर को सुनेगा।

लॉयर तरुण ज्योति तिवारी ने भास्कर से कहा कि बनर्जी परिवार का पुरी में भी एक होटल है। कजरी बनर्जी ने खुद ही प्रॉपर्टी 5 करोड़ रुपए बताई है, लेकिन वे 20 करोड़ रुपए तक की संपत्ति की मालकिन हैं। इन सबके सबूत मौजूद हैं।

उनका कहना है कि हमने कोर्ट में ममता बनर्जी के फैमिली मेंबर्स के जो डॉक्युमेंट्स दिखाए हैं, उनसे पता चलता है कि उनकी संपत्ति काफी ज्यादा बढ़ी है। इलेक्शन एफिडेविट में सही संपत्ति का खुलासा नहीं किया गया। प्रॉपर्टी खास तौर से 2011 और 2013 के बाद बढ़ी। 2013 वह साल था, जब बंगाल में चिटफंड कंपनियों पर ताले लग रहे थे।

परिवार पुरोहित था, तो करोड़ों का कैश कैसे आ गया?
अपोजिशन लीडर सुजान चक्रवर्ती ने कहा कि लीप्स एंड बाउंड्स कंपनी किस सेक्टर में काम करती है, ये कोई नहीं जानता। अभिषेक बनर्जी ने 2014 में अपना पहला चुनाव लड़ते समय इलेक्शन कमीशन को एफिडेविट सौंपा था, उसके मुताबिक उन्होंने हुबेक इंजीनियरिंग लिमिटेड से 17 हजार शेयर खरीदे थे। उनकी कीमत 1.7 लाख रुपए थी। उनकी पत्नी रूजिरा ने एक हजार शेयर लिए थे। हर शेयर 10 रुपए का था।

कंपनी के प्राइमरी डायरेक्टर अभिषेक के माता-पिता अमित बनर्जी और लता बनर्जी थे। कुल कैपिटल 3.7 करोड़ रुपए थी। अमित के पास 3.33 लाख और लता के पास 36 हजार शेयर थे।

ममता बनर्जी के फैमिली मेंबर्स तो कालीघाट में मां काली के मंदिर में पुरोहित थे। ऐसा कोई बैकग्राउंड नहीं था, जहां से बड़ी मात्रा में पैसा आ सके। सवाल ये है कि एक मिडिल क्लास बंगाली फैमिली के पास इतना कैश कहां से आया।

अभिषेक ने 2019 में जो एफिडेविट जमा किया, उसके मुताबिक अभिषेक और रूजिरा इस कंपनी के हेड बन गए। 2017 में खर्च 15.70 करोड़ रुपए था, वह 2018 में 40.07 करोड़ हो गया।

अभिषेक बनर्जी की एक ही पते पर तीन कंपनियां रजिस्टर्ड
अपोजिशन पार्टी ने सवाल उठाया है कि 2011 में TMC के सत्ता में आने के पहले अमित बनर्जी कहां थे। उनकी कैपिटल कितनी थी और उन्होंने एक पते पर तीन कंपनियां कैसे रजिस्टर कर लीं। तीनों कंपनियों का एड्रेस P-73 ब्लॉक पी न्यू अलीपुर, कोलकाता दिखाया गया है। हरीश चटर्जी स्ट्रीट से कुछ परिवारों को बेदखल करके वहां के प्लॉट्स का मालिक बनर्जी परिवार कैसे बन गया।

BJP नेता शुभेंदु अधिकारी के 4 सवाल…

  • 2014 में पॉलिटिक्स में एंट्री लेने के बाद ममता के भतीजे ने 70 करोड़ की बिल्डिंग कैसे बना ली?
  • उनकी आमदनी का सोर्स क्या है?
  • क्या यह कोयला और गाय तस्करी है?
  • रूजिरा के थाईलैंड बैंक अकाउंट में पैसा कैसे ट्रांसफर हुआ?

ममता बोलीं- मैंने पेंशन तक नहीं निकाली, परिवार से ज्यादा नाता नहीं
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि पिछले 12 साल से उन्हें हर महीने 1 लाख रुपए पेंशन और 3 से 3.5 लाख रुपए महीने मानदेय मिल रहा है, लेकिन उन्होंने इसे नहीं लिया। वे अपनी किताबों से मिलने वाली रॉयल्टी से पैसा कमाती हैं। ममता अब तक 125 किताबें लिख चुकी हैं।

परिवार के बारे में ममता ने कुछ दिन पहले कहा था कि उनका कोई रिश्तेदार साथ में नहीं है। सभी भाई अलग रहते हैं। सिर्फ मां उनके साथ रहती थीं। 29 अगस्त को तृणमूल छात्र परिषद के स्थापना दिवस पर ममता ने बंगाल के चीफ सेक्रेटरी एचके द्विवेदी को आदेश दिया कि जांच के बाद यदि बेहिसाब संपत्ति मिलती है, तो उसे तोड़ दिया जाए।

सरकार के 6 मंत्रियों के खिलाफ भी करप्शन का केस
ममता की पार्टी के 19 नेताओं के खिलाफ कोलकाता के वकील इम्तियाज अहमद ने आय से ज्यादा संपत्ति का केस 2017 में ही लगा दिया था। इनमें 6 मंत्री और असेंबली स्पीकर का नाम भी शामिल है। पिछले महीने कोलकाता हाईकोर्ट ने इस पर सुनवाई करते हुए सभी आरोपियों की संपत्ति की जांच कराने के आदेश दिए।

ममता के बेहद खास कहे जाने वाले और कभी TMC में नंबर-2 की हैसियत रखने वाले पार्थ चटर्जी की सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के घर से 51 करोड़ रुपए बरामद हुए। टीचर्स रिक्रूटमेंट स्कैम में पार्थ और अर्पिता जेल में बंद हैं। इस पूरे मामले में अब तक 103 करोड़ रुपए का खुलासा हो चुका है।

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