मप्र में 21 दिन के लॉकडाउन का तीसरा दिन / मस्जिदों में ताले; भोपाल में 2 इमाम समेत 60 पर केस; रायसेन कलेक्टर डंडा लेकर बाजार में उतरे, बैतूल में युवा गांव की पहरेदारी कर रहे

भोपाल शुक्रवार 27 मार्च 2020 .. मध्य प्रदेश में लॉकडाउन के तीसरे दिन शुक्रवार को सुबह बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। शुक्रवार को मस्जिदों में जुमे की नमाज भी नहीं हुई। बालाघाट की मदीना मस्जिद में ताला लगा दिया गया। यही हाल भोपाल में भी रहा। शहर काजियों ने लॉकडाउन को लेकर नियमों का पालन और सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने की अपील की है। सुबह मौसम खराब होने की वजह से दूध की सप्लाई थोड़ी देर से हुई। जिलों में प्रशासन द्वारा होम डिलीवरी की सुविधा आज से सुचारू हो जाने की संभावना है। स्थानीय प्रशासन सख्ती से लॉकडाउन का पालन करा रहा है। प्रदेश में अब तक इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, भोपाल, ग्वालियर और शिवपुरी में काेरोना से संक्रमित 26 मामले सामने आए। इंदौर में 2 की मौत हो चुकी हैं। इनमें एक 65 वर्षीय बुजुर्ग इंदौर से और इतने ही साल की बुजुर्ग महिला उज्जैन की रहने वाली थी।
ग्वालियर: कोरोना संक्रमित की पत्नी और बेटी की रिपोर्ट निगेटिव
ग्वालियर में कोरोना संक्रमित की पत्नी और उसकी बच्ची के साथ एक अन्य व्यक्ति की गुरुवार रात जांच रिपोर्ट निगेटिव आई। लॉकडाउन के तीसरे दिन प्रशासन ने जरूरी वस्तुओं की खरीद के लिए यहां के लोगों को छूट दी। लोगों से अपील की जा रही है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकले।

भोपाल: सामूहिक नमाज पढ़ने पर केस
गुरुवार रात भोपाल में मस्जिद और घर में सामूहिक रूप से नमाज अदा कर रहे 60 से ज्यादा लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। ये कार्रवाई सीआरपीसी की धारा 144 (8) के तहत की गई, इसमें धार्मिक स्थल भी बंद किए जाना जरूरी है। गुरुवार रात ही टीला जमालपुरा में मस्जिद का इमाम शाहिद नासिर अपने घर में 25 से 30 लोगों के साथ नमाज अदा करते मिला। पुलिस ने निसार समेत अन्य लोगों पर केस दर्ज किया। भोपाल में स्वास्थ्य विभाग ने 20 संदिग्धों के सैंपल भेजे हैं। गुरुवार को 10 सैंपल की जांच की गई थी, जिसमें किसी की रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई है। अभी जेपी अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में 4 संदिग्ध मरीजों को रखा गया है। शहर में 2000 लोग निगरानी में रखे गए हैं। यहां लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर 5 दिन में 46 केस दर्ज हुए हैं। कर्फ्यू तोड़ने पर गुरुवार को एक ही दिन में 15 केस दर्ज हुए।
खंडवा: पुलिस ने केस दर्ज कर कहा- ये होता है लॉकडाउन
खंडवा में सड़क पर घूम रहे एक युवक से पदमनगर पुलिस ने कारण पूछा तो वह बोला- मेरा यहां लॉकडाउन का माहौल देखने आया हूं। गांव में पता ही नहीं चल रहा क्या होता है लॉकडाउन। पुलिस ने कहा- थाने चलो, लॉकडाउन दिखाते हैं। उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया। युवक ने कहा कि अब कभी नहीं आऊंगा… पता चल गया लॉकडाउन क्या होता है। यहां पड़ावा क्षेत्र में एक युवक पान की दुकान बार-बार खोल रहा था। पुलिस ने इस पर भी केस दर्ज कर लिया। बुधवार रात और गुरुवार को ऐसे 5 केस दर्ज किए गए।
रायसेन: सब्जी मंडी में डंडा लेकर निकले कलेक्टर
रायसेन में सब्जी मंडी में लोग इकट्ठा न हों, इसलिए कलेक्टर उमांकांत भार्गव डंडा लेकर निकले। रायसेन में बारिश से बचने के लिए लोगों ने पन्नी काे सहारा बनाया, लेकिन कोरोना के भय से मास्क लगाना नहीं भूले।

इंदौर: 9 क्षेत्र कैंटोनमेंट एरिया घोषित
इंदौर में गुरुवार रात कोरोना के 5 नए मामले आने के बाद पॉजिटिव की संख्या अब 3 दिन में 15 हो चुकी है। यहां 300% की रफ्तार से कोरोना का दायरा बढ़ने से हड़कंप मचा है। पहले 54 दिनों में यहां कोई केस सामने नहीं आया था, लेकिन 3 दिन से लगातार 5-5 केस सामने आ रहे हैं। इसी बीच, प्रशासन ने शहर के उन 9 इलाकों को कैंटोनमेंट (निषेध) एरिया घोषित कर दिया, जहां पॉजिटिव मरीज मिले हैं। इसके साथ ही शहर में ऑड ईवन की व्यवस्था भी लागू कर दी है। इस व्यवस्था से हर 2 दिन में वाहन बाहर निकलने पर रोक रहेगी।
बैतूल : यहां बिछुआ गांव में युवकों ने चौकीदारी शुरू की
बिछुआ गांव के युवाओं ने गांव की चौकीदारी शुरू कर दी है, ताकि गांव को कोरोनावायरस से बचाया जा सके। यहां पर बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। गांव आने वाले मुख्य मार्गों पर लिखा- सुरक्षा के लिए गांव की चौकीदारी जरूरी है। यह गांव घोड़ाडोंगरी तहसील में आता है। युवाओं ने स्वास्थ्य विभाग के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया है। गांव के बाहर मुख्य मार्ग पर चूने से कोरोनावायरस से बचाव के लिए गांव की सुरक्षा जरूरी लिख दिया है।
बालाघाट : जिले के 1261 गांव के 16 हजार 474 लोगों का सर्वे
जिले में स्वास्थ्य विभाग ने 4 दिन में 16 हजार 474 लोगों का सर्वे किया। इस दौरान सर्दी, खांसी, बुखार के मरीजों की जांच की गई है। उन्हें जरूरी उपचार भी दिया गया है। सर्वे में अधिकांश ऐसे लोगों को शामिल किया गया, जो अन्य राज्यों के शहरों से आए हैं। 3 संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए थे, सभी नेगेटिव पाए गए।

छिंदवाड़ा: 5 चीनी नागरिकों को पकड़ा गया
छिंदवाड़ा के पांढुर्ना से पुलिस ने 5 चीनी नागरिकों को पकड़ा। उन्होंने 23 मार्च से अपने आप को कमरे में बंद कर लिया था, उनके द्वारा अपने आने-जाने की सूचना भी पुलिस और जिला प्रशासन को नहीं दी गई थी। डॉक्टरों के अनुसार, सभी का स्वास्थ्य ठीक है। फिलहाल वे पुलिस कस्टडी में हैं।

दतिया : मजदूर की हार्टअटैक से मौत, कोरोना समझकर लोग 8 घंटे दूर से देखते रहे
दतिया जिले के सुलोचन पूरा गांव में एक मजदूर को हार्टअटैक आया और उसकी मौत हो गई। लोगों ने समझा कि उसको कोरोना है, इसलिए किसी ने भी उसे 8 घंटे तक हाथ नहीं लगाया। हमेशा की तरह एंबुलेंस देर से आई, तब तक इसकी मौत हो गई।

प्रदेश में अब तक 251 के सैंपल भेजे गए
अब तक प्रदेश में 251 संभावितों के सैंपल भेजे गए हैं। 207 की रिपोर्ट निगेटिव आई। 23 की रिपोर्ट आनी बाकी है। 7 सैंपल रिजेक्ट हो गए। विदेश से आए 1563 यात्रियों की पहचान कर ली गई, जिसमें 1021 यात्रियों को होम आइसोलेशन में रखा गया।

संक्रमण की जानकारी छिपाने पर 2 साल तक की जेल

लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले अाैर बीमारी को छिपाने वालों को जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है। ऐसे मामलाें में उन्हें 6 माह से लेकर 2 साल तक की जेल हो सकती है।

शिवराज ने दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्रियों को लिखा पत्र
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जो लोग विदेशों से यहां आए हैं। वे खुद को क्वारैंटाइन कर लें, जिससे यह रोग फैले नहीं। इसके साथ ही जो लोग उनसे मिलते हैं और जिनमें कुछ लक्षण दिखाई देते हैं, वे भी स्वयं को क्वारैंटाइन कर लें। प्रदेश से बाहर गए यहां के निवासियों के खाने-पीने रहने आदि की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए वहां की राज्य सरकारों को पत्र लिखा है। अगर वे मध्य प्रदेश की सीमा पर आते हैं, तो उन्हें सावधानीपूर्वक यथाशीघ्र सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था भी की जाएगी।

वर्धमान टेक्सटाइल्स ने एक करोड़ रुपए दान किए
मुख्यमंत्री राहत कोष में वर्धमान टेक्सटाइल्स ने एक करोड़ दान किए हैं। वर्धमान टेक्सटाइल बुदनी के डायरेक्टर यशपाल ने गुरुवार को शाम जनसहयोग के रूप में एक करोड़ रुपए का चेक सीएम शिवराज को सौंपा। इसके अलावा एचईजी लिमिटेड द्वारा हाल ही में मुख्यमंत्री सहायता कोष में एक करोड़ रुपए की राशि पहले ही दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने अन्य संस्थाओं, औद्योगिक प्रतिष्ठानों और समर्थ वर्ग से अपील की है कि वे इस आपदा से बचाव के प्रयासों में अपना आर्थिक सहयोग मुख्यमंत्री सहायता कोष में करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

AllEscort