मप्र / दिग्विजय ने केस दर्ज होने पर कहा- मैंने शिवराज के इलाके में आदिवासियों को ठगने का मामला उठाया, उसी से डरकर भाजपा ने एफआईआर कराई

भोपाल. मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के पहले सियासी घमासान थम नहीं रहा है। पहले मुख्यमंत्री का ऑडियो और इस बार एक कूटरचित वीडियो वायरल हुआ है। इस मामले में क्राइम ब्रांच ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह समेत 12 लोगों पर केस दर्ज किया है। इस संबंध में दिग्विजय ने कहा है कि मैंने शिवराज सिंह चौहान के इलाके में आदिवासियों को ठगे जाने का मामला उठाया, उसी से डरकर भाजपा ने मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इस बात की भी जांच होना चाहिए कि इस वीडियो में छेड़छाड़ किसने की है।

सिंह का कहना था कि बुधनी में चिटफंड कंपनी के एजेंटों ने आदिवासियों को गुमराह करके साढ़े 4 करोड़ रुपए हड़प लिए हैं। इसमें भाजपा के लोगों की दलाल की भूमिका रही है। 2019 में कमलनाथ सरकार के संज्ञान में मामला आया, तब केस दर्ज किया गया। लेकिन, शिवराज 2012 से आदिवासियों को न्याय नहीं दिलवा पाए। उल्टा आदिवासियों को जेल भेजा। क्योंकि ठगने वाले उनके दलाल हैं। सिंह ने कहा- वे पिछले दिनों सीहोर जिले के नसरुल्लागंज ब्लॉक के आमला पानी गांव गए थे। यह गांव कोटवानी पंचायत में आता है। यहां एक आदिवासियों का मजरा टोला है। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी थी। मैंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था कि अगर कोई कार्रवाई नहीं होती है तो मैं उनके निवास पर विरोध प्रदर्शन करूंगा।
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ भी दिग्विजय के बचाव में उतरे। उन्होंने कहा कि ये कार्रवाई दुर्भावनापूर्ण है, कोई वीडियो एडिटेड है तो कार्रवाई उसे बनाने वाले के खिलाफ होनी चाहिए। भाजपा सरकार प्रदेश में निरंतर कांग्रेस के नेताओं पर दमनकारी कार्रवाई कर विद्वेष और दुर्भावना वाली सोच को प्रदर्शित कर रही है। सरकारें आती जाती रहती हैं लेकिन भाजपा प्रदेश में एक गलत परंपरा को जन्म दे रही है।
जयवर्धन ने कहा- शराब नीति को चरितार्थ करता वीडियो क्या आया, सांसें फूल गईं
पूर्व मंत्री और दिग्विजय सिंह के बेटे जयवर्धन सिंह ने कहा- शराब नीति को चरितार्थ करता वीडियो क्या आया, अफवाह उत्पादन करने वालों की सांसें फूल गईं। क्या कहा, क्या नहीं कहा, इससे क्या फर्क पड़ता है। जो शिक्षक और महिलाओं से शराब बिकवा रहे हैं, उनकी सोच वैसी ही होगी।
क्राइम ब्रांच ने दिग्विजय सिंह समेत 12 लोगों पर केस दर्ज किया है
सोशल मीडिया पर शिवराज का एक कूटरचित वीडियो वायरल हुआ है। इस मामले में क्राइम ब्रांच ने पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह समेत 12 लोगों पर केस दर्ज किया है। पुलिस ने ये कार्रवाई भाजपा द्वारा की गई शिकायत के आधार पर की है। पुलिस ने एक एफआईआर में 11 लोगों को आरोपी बनाया है, जबकि दूसरी एफआईआर में दिग्विजय सिंह आरोपी हैं। उन्होंने यह वीडियो ट्विटर पर जारी किया था। भोपाल रेंज एडीजी उपेंद्र जैन के मुताबिक, दिग्विजय को मानहानि, कूटरचना समेत अन्य धाराओं में आरोपी बनाया गया है।

दिग्विजय के खिलाफ पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता, विश्वास सारंग, रामेश्वर शर्मा और जिलाध्यक्ष सुमित पचौरी समेत समेत अन्य नेताओं ने शिकायत की थी। इसमें बताया गया कि 21 जनवरी 2020 को शिवराज सिंह ने खुद 2.19 मिनट का यह वीडियो ट्विटर पर जारी किया था, लेकिन दिग्विजय ने कांट-छांट कर 9 सेकंड का वीडियो जारी किया। इसमें सिर्फ यह है कि शराब इतना पिलाओ कि पड़े रहें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *