मध्य प्रदेश कैबिनेट / शिवराज कैबिनेट की पहली बैठक; मंत्रियों को विभाग के बजाए संभागों का बंटवारा, हर मंत्री को दो-दो संभाग दिए गए

भोपाल. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को छोटे मंत्रिमंडल का गठन कर लिया, लेकिन अभी विभागों का बंटवारा नहीं किया है। उन्होंने सभी मंत्रियों को दो-दो संभागों का प्रभारी बनाया है। साथ ही कहा है कि लॉकडाउन समाप्त होने के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण के बाद कैबिनेट के साथ बैठक की और कोरोना से लड़ाई को लेकर सरकार द्वारा 24 मार्च से आज तक लिए गए फैसलों के बारे में भी बताया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि कोरोना से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए मंत्रियों को संभागों का प्रभार सौंपा गया है। नरोत्तम मिश्रा को भोपाल और उज्जैन संभाग, तुलसी सिलावट को इंदौर और सागर संभाग, कमल पटेल को जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग, गोविंद सिंह राजपूत को चंबल और ग्वालियर संभाग, मीना सिंह को रीवा और शहडोल संभाग का प्रभार सौंपा गया है। चौहान ने कहा कि मंत्रियों को विभाग भी शीघ्र आवंटित किए जाएंगे।

मंत्री संभाग के अफसरों से समन्वय बनाकर कोरोना से लड़ेंगे

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि सभी मंत्री दिए गए संभागों में कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर, एसपी, स्वास्थ्य विभाग और अन्य अमले से निरंतर समन्वय बनाएंगे और कोरोना से लड़ने के लिए अच्छी से अच्छी व्यवस्था बनाएंगे। मंत्रिमंडल के सदस्य मंत्री, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवी संगठनों का सक्रिय सहयोग लेंगे और जनता का फीडबैक भी लेंगे।

मंत्रिमंडल छाेटा, लेकिन हर वर्ग को प्रतिनिधितत्व देने की कोशिश

मुख्यमंत्री ने कहा है कि कोरोना संकट को देखते हुए हमने मंत्रिमंडल छोटा बनाया है लेकिन यह संतुलित है। समाज के हर वर्ग को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया गया है। सरकार द्वारा कोरोना संकट से निपटने के लिए प्रभावी रणनीति पर कार्य किया जा रहा है।

नगरीय निकायों में प्रशासकीय समितियां

मुख्यमंत्री ने बताया कि हमने हाल ही में जिला और जनपद पंचायतों के सदस्यों और अध्यक्षों का कार्यकाल बढ़ाया है। आज यह फैसला लिया गया है कि नगरीय निकायों में प्रशासकीय समितियों का गठन किया जाएगा। ये समितियां भी वर्तमान में कोरोना संबंधी कार्यों की मॉनीटरिंग करेंगी। इनमें मेयर, नगर पालिका अध्यक्ष, नगर पंचायत अध्यक्ष आदि होंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि कोरोना संकट के इस दौर में हर जरूरतमंद व्यक्ति तक राशन पहुंचाने के लिए जनप्रतिनिधियों का सहयोग लिया जाएगा। दीनदयाल समितियों का गठन किया जाएगा। ये समितियां जरूरी सेवाएं जनता तक पहुंचाने में मॉनीटरिंग का कार्य करेंगी।

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