मध्य प्रदेश के लोगों ने कोरोना को हराया, अब लोकतंत्र को जिताना है

ग्वालियर, MP By-Elections। कोरोना काल में चुनाव आयोग ही नहीं मतदाताओं के लिए बड़ी चुनौती है। इस चुनौती से निपटने के लिए प्रशासन ने कोई कसर नहीं छोड़ी। अब बारी मतदाताओं की है। कोरोना को हराकर आए मतदाता इसके लिए तैयार भी है।

डबरा के रोहिरा परिवार के सदस्य सुरेंद्र रोहिरा कहते हैं कि 3 नवंबर को हम पूरे परिवार के साथ मतदान करेंगे। मतदान हमारा अधिकार भी है और लोकतंत्र को मजबूत करना हमारा फर्ज भी है। यहां बता दें कि डबरा में कोरोना का पहला केस इसी परिवार से निकला था। इनके परिवार के एक दर्जन सदस्य संक्रमित हुए थे। यही नहीं, इस परिवार ने अपना मुखिया गंगाराम रोहिरा को भी इस महामारी के चलते खोया था। इसी प्रकार उपनगर ग्वालियर विधानसभा क्षेत्र के शब्दप्रताप आश्रम क्षेत्र में रहने वाले राजवीर सिंह कहते हैं कि कोरोना हरा चुके अब लोकतंत्र मजबूत करेंगे। प्रत्याशी कोई भी हो लेकिन उसको चुनना या न चुनना हमारा अधिकार है। 3 नवंबर को पूरा परिवार मतदान करने जाएगा।

उल्लेखनीय है कि निर्वाचन आयोग से अपने स्वीप (सिस्टमेटिक वोटर एजुकेशन इलेक्टोरल प्रोग्राम) अभियान में कोविड गाइडलाइन को मतदाताओं तक पहुंचाया है। वहीं कोरोना का डर मतदान को प्रभावित न करे इसके लिए पोस्टल बैलेट से पहली बार मतदान कराने की सुविधा भी उपलब्ध कराई। लेकिन इस सुविधा का उपयोग महज दो मतदाताओं ने किया है। अब असली चुनौती 3 नवंबर को ऐसे मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाने की होगी जो स्वयं या उनके स्वजन इस महामारी की चपेट में आए हैं।

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