मध्यप्रदेश में लॉकडाउन / मंत्रालय-निदेशालय में ढील नहीं भोपाल-इंदौर और उज्जैन में भी सख्ती, रेड जोन में आने वाले जिलों में भी कोई छूट नहीं

भोपाल. मप्र में सोमवार से शासकीय कामकाज बढ़ाने और एक तिहाई अधिकारियों को दफ्तर बुलाने की व्यवस्था के बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साफ कर दिया कि वल्लभ भवन (मंत्रालय) और निदेशालय (सतपुड़ा और विंध्याचल भवन) में अभी ढील नहीं मिलेगी। पूर्व की तरह जिन जरूरी विभागों में अफसर आ रहे हैं, वे ही आएंगे। बाकी घर से ही काम करेंगे। जिन अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव को लगता है कि किसी प्रथम या द्वितीय श्रेणी कर्मचारी को बुलाना है तो यह आदेश मौखिक होगा।

शासन स्तर पर मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस ने सभी अधिकारियों से इस संबंध में बात की। रेड जोन में आने वाले जिलों में पूर्णत: सख्ती जारी रहेगी। लाॅकडाउन के नियमों का पालन होगा। खासतौर पर भोपाल, इंदौर और उज्जैन में कड़ाई से लाॅक डाउन का पालन होगा। इसके अलावा रेड जोन के अन्य जिलों (भोपाल, इंदौर और उज्जैन के अलावा) जबलपुर, खरगौन, मुरैना, बड़वानी, विदिशा, होशंगाबाद, खंडवा, देवास और धार में हाॅट स्पाट कंटेनमेंट एरिया और संदिग्ध जगहों को छोड़कर दफ्तर खुलेंगे और धीरे-धीरे गतिविधियों को बढ़ाया जाएगा। रेड जोन के ये वो जिले हैं, जहां 10 से ज्यादा कोरोना पाॅजिटिव हैं।

आज से सड़कों के साथ दूसरे काम शुरू होंगे
मुख्यमंत्री ने निर्माण विभागों से संबद्ध कॉन्ट्रैक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। साथ ही कहा कि 20 अप्रैल से भारत सरकार की गाइड लाइन अनुसार निर्माण कार्य प्रारंभ किए जा रहे हैं। इसमें संक्रमित क्षेत्रों (हॉटस्पॉट) से लोगों अथवा कामगारों का आना-जाना पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। इस दौरान पीडब्ल्यूडी, एमपी आरडीसी, पीएचई, जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के साथ एलएनटी के सुब्रमणयम, शाहपुर के रेड्डी थामस, दिलीप सूर्यवंशी, बंसल कंस्ट्रक्शन के अनिल बंसल, नागर कंस्ट्रक्शन के रघु, मप्र बिल्डिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय शर्मा एवं एसआर कंस्ट्रक्शन के नायडू ऑनलाइन थे।

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