मध्यप्रदेश में गेहूं भीगने पर सियासत / कमलनाथ का आरोप- अव्यवस्था से करोड़ों रुपए का लाखों टन गेहूं भीगा; शिवराज ने कहा- किसानों का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा

भोपाल. बारिश में गेहूं के भीगने पर सियासत शुरू हो गई है। पूर्व सीएम कमलनाथ ने आरोप लगाया कि सरकारी अव्यवस्था से करोड़ों रुपए का लाखों टन गेहूं भीगा। वहीं, सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।

चिंतित होने की जरूरत नहीं, किसानों का नुकसान नहीं होने देंगे : शिवराज
शिवराज सिंह ने कहा कि कोरोना के कारण खरीदी में देरी के बावजूद अब तक रिकॉर्ड 1.25 करोड़ मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया। निसर्ग तूफान के कारण बारिश आ गई, लेकिन किसानों को चिंतित होने की जरूरत नहीं है। यह बात सही है कि अभी कुछ गेहूं बाहर रखा है, उसको ढंकने और संरक्षित करने के लिए अमला पूरी तरह सजग है। हमारी पूरी कोशिश है कि किसानों को कोई नुकसान न होने दें। बहुत कम मात्रा में गेहूं गोदामों तक न पहुंचने की बात सामने आई है, लेकिन किसानों को उनके उपार्जित गेहूं का पूरा भुगतान किया जाएगा। 26 जिलों में गेहूं उपार्जन और परिवहन का काम शत-प्रतिशत हो गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन जिलों में गेहूं परिवहन का कार्य पूरा हो गया है, वहां के वाहनों को अन्य जिलों मेंभेजा जाए। कमिश्नर व कलेक्टरों को गेहूं के शत प्रतिशत भंडारण के निर्देश दिए हैं।

सरकारी अव्यवस्था के कारण खुले में पड़ा लाखों टन गेहूं भीगा : कमलनाथ
कमलनाथ ने गेहूं भीगने पर सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि हजारों किसान आज भी खरीदी केंद्रों के सामने लंबी लाइन लगाकर खड़े हैं। कहीं बारदाने की कमी है, कहीं परिवहन की व्यवस्था नहीं है और कहीं तुलाई नहीं हो रही। खरीदा गया गेहूं व चना खुले में पड़ा है। निसर्ग की चेतावनी के बावजूद सरकार ने परिवहन व भंडारण की उचित व्यवस्था नहीं की। इससे पिछले दो दिनों की बारिश में लाखों टन अनाज भीग कर खराब हो गया। उन्होंने मांग की है कि जब तक सभी किसानों से पूरा गेहूं खरीद नहीं लिया जाता, तब तक खरीदी चालू रहे। बारिश में भीगा गेहूं भी खरीदा जाए। खरीदी केंद्रों पर बारदानों व अन्य अव्यवस्थाओं को दूर करें। खुले में पड़े अनाज को परिवहन व भंडारण सुनिश्चित किया जाए।

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