भोपाल में 7 माह की मासूम की हत्या

भोपाल. मध्यप्रदेश की राजधानी के गुनगा थाना क्षेत्र में बागड़ को लेकर हुए विवाद में डंडे के हमले से 7 महीने की मासूम मिस्टी की मौत हो गई। झगड़े के दौरान मिस्टी अपने 25 साल के पिता मनीष जाट की गोद में थी। हमले से बचने के लिए मनीष ने अपनी गर्दन को झुकाई तो डंडे का प्रहार बेटी के सिर पर आ गया। खून बहता देख मासूम को आरोपी खुद ही अपनी बाइक पर अस्पताल लेकर गए, लेकिन नन्ही जान जिंदगी की जंग हार गई। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को हत्या का आरोपी बनाया है।
गुनगा थाने के रतुआ में रहने वाले 25 साल के मनीष जाट का बीते कुछ समय से घर के बाहर बागड़ बनाने को लेकर पड़ोसी मुकेश यादव से विवाद चल रहा था। एएसपी जोन-4 दिनेश कौशल ने बताया कि जानवरों से बचने के लिए दोनों ने घर के बाहर बागड़ लगाने से रास्ता छोटा हो गया था। सोमवार सुबह मुकेश अपने साथियों समंदर यादव और शिवनारायण कुशवाह के साथ बागड़ में लकड़ी लगा रहा था। इसी दौरान मनीष की पत्नी संतोषी ने घर से निकलकर उन्हें रोकना चाहा। इस पर मुकेश ने उसे थप्पड़ जड़ दिया। पत्नी को पिटता देख मनीष अपनी 7 महीने की बेटी मिस्टी को गोद में लेकर बाहर आ गया। उसका मुकेश से झगड़ा होने लगा। मुकेश ने साथियों के साथ डंडा उठाकर उस पर हमला कर दिया।
मनीष ने डंडे से बचने के लिए अपनी गर्दन टेड़ी कर दी। इससे डंडा उसे न लगकर सीधे मिस्टी के सिर पर लग गया। डंडे के वार से मासूम के सिर से खून बहने लगा। यह देख सभी के हाथ-पैर फूल गए। उसके बाद मुकेश अपनी बाइक पर मासूम और मनीष को पास के निजी अस्पताल ले गया। वहां से उन्हें शासकीय अस्पताल ले जाने को कहा गया। एक और अन्य अस्पताल से भी मायूसी मिलने के बाद वे उसे हमीदिया अस्पताल ले आए। सिर से अधिक खून बह जाने के कारण मिस्टी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

आरोपी भागकर जंगल में छिप गए थे
डॉक्टरों के मृत घोषित करते ही मुकेश वहां से भाग गया। वह अपने दोनों साथियों के साथ सागौनी, कोटरा चौपडा के जंगलों में आकर छिप गया। घटना की सूचना अस्पताल से मिलने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। करीब 8 घंटे की मेहनत के बाद गुनगा थाना प्रभारी प्रशिक्षु डीएसपी सोनम झरवडे के नेतृत्व में टीम ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मुकेश यादव, समंदर यादव और शिवनारायण कुशवाह के खिलाफ पुलिस ने हत्या समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है।

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