भोपाल में 50 नए केस मिले / राजधानी में बेकाबू हुआ कोरोना; राजभवन में 5 और पॉजिटिव, जीएमसी के स्टाफ क्वार्टर में तीन संक्रमित

भोपाल में अनलॉक के बाद से कोरोना संक्रमण थमता नहीं दिख रहा है। यहां हर रोज 40-50 संक्रमित निकल रहे हैं। शुक्रवार को 50 लोगों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। राजधानी में राजभवन संक्रमण का सबसे बड़ा सेंटर बनता जा रहा है। यहां 5 और लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। यहां पर अब तक 37 लोग संक्रमण का शिकार हो चुके हैं, जिसमें ज्यादातर सुरक्षा कर्मचारी हैं। इसके साथ ही भोपाल में 2648 केस हो गए हैं। वहीं 94 लोगों की संक्रमण से मौत हो चुकी हैं।

वहीं जीएमसी के स्टाफ क्वार्टर से तीन लोग संक्रमित मिले हैं। हॉटस्पॉट शाहजहांनाबाद से भी मिले 5 संक्रमित आए हैं। मुगलिया छाप क्वारैंटाइन सेंटर से भी एक संदिग्ध की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है। शहर के जुमेराती गेट, साकेत नगर, करोंद, पिपलानी समेत अन्य क्षेत्रों से संक्रमित मिले हैं। वहीं, आज चिरायु अस्पताल से 50 व्यक्ति कोरोना संक्रमण से स्वस्थ होकर घर के लिए रवाना हो गए। अब तक 1882 लोग स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं। वहीं 657 लोगों का अस्पताल में इलाज किया जा रहा है।

4 दिन में दो दर्जन से अधिक कोरोना संक्रमित मिले

राजभवन परिसर में पिछले चार दिनों में दो दर्जन से अधिक व्यक्ति कोरोना से संक्रमित मिले हैं। राजभवन परिसर में कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। इन सभी की ड्यूटी राजभवन की सुरक्षा के लिए लगाई जाती है। चार दिनों में परिसर में रहने वाले 24 से अधिक लोग कोरोना संक्रमण के शिकार हो गए। इनमें से अधिकांश व्यक्ति सुरक्षा में तैनात बताए गए हैं। राजभवन परिसर में रहने वाले कर्मचारियों और उनके परिजनों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर संक्रमण रोकने के लिए अन्य कदम भी उठाए गए हैं।

राजभवन परिसर में 250 लोग रहते हैं

राजभवन में पहले भी कोरोना के प्रकरण सामने आए थे। अब अधिकांश लोगों को क्वारैंटाइन किया गया है। गुरुवार को राजभवन से कोरोना पॉजिटिव लोगों के परिजनों का सामान और परिजनों को क्वॉरेंटाइन सेंटर ले जाया गया। अनुमान के मुताबिक, परिसर में 52 आवासीय घर हैं। एक घर में 5 सदस्य मानें तो 250 लोग रहते हैं। पहली बार जब कोरोना केस मिला था, तब 598 टेस्ट किए गए थे। राजभवन में अभी तक 37 कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें 20 से अधिक गार्ड संक्रमित हैं। राजभवन में सुरक्षा गार्ड का ड्यूटी रूम अलग से है।

मध्य प्रदेश का रिकवरी रेट 76% से अधिक, देश में दूसरा
गुरुवार को हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद जानकारी दी गई कि इंदौर और भोपाल जिलों को छोड़कर प्रदेश के अन्य जिलों में औसतन जनरल बेड 9% और आईसीयू बेड 6% ही उपयोग में लाए जा रहे हैं। कुल 76.4 प्रतिशत रिकवरी रेट के साथ मध्यप्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है। भारत के बड़े प्रांतों में एक्टिव केस संख्या की दृष्टि से राज्य की स्थिति काफी ठीक हुई है। इस समय मध्यप्रदेश 2441 एक्टिव केस के साथ 13वें नंबर पर है।

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