भोपाल में सैंपल लेने और उसे लैब तक भेजने में लापरवाही; 60 दिन में 1468 सैंपल रिजेक्ट 300 लीकेज से खराब, कई ड्राय

भोपाल. बीते 15 दिन में पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमण के नए केस भोपाल में सामने आए हैं। सोमवार को भी 67 नए मरीज मिले, जबकि 4 मरीजों ने दम तोड़ दिया। इन सबके बीच संदिग्धों के सैंपल लेने में बड़ी लापरवाही सामने आई है। इंट्रीगेटिड डिसीज सर्विलास प्रोग्राम भोपाल (आईडीएसपी) की रिपोर्ट के मुताबिक दो माह में 1468 सैंपल विभिन्न वायरोलॉजी लैब में रिजेक्ट हुए। इसका कारण सैंपल बॉक्स में लीकेज होना, कई सैंपल का ड्राय हो जाना है। सैंपल लेने और उसे लैब तक पहुंचाने में कहीं गलती हुई। इनमें से 120 संदिग्धों के दोबारा सैंपल नहीं लिए गए। जबकि 300 सैंपल ऐसे थे, जो सिर्फ लीकेज के कारण खराब हो गए थे। सैंपल रिजेक्ट होने की जानकारी भी संबंधित संदिग्ध मरीजों को नहीं दी गई है।

आईडीएसपी की यह रिपोर्ट सोमवार को स्वास्थ्य संचालनालय और एनएचएम अफसरों को भेजी गई है। स्वास्थ्य संचालनालय के अफसरों ने बताया कि 22 मार्च से अब तक 66492 संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए गए। इनमें से खराब हुए 1468 सैंपल की एम्स, बीएचएचआरसी, हमीदिया सहित अन्य सरकारी व प्राइवेट वायराेलॉजी लैब में जांच नहीं हुई। बाद में इनमें से ज्यादातर संदिग्ध मरीजों से दोबारा सैंपल लिए गए।

नए मरीजों में तीन परिवारों के नौ लोग
काेराेना से राजधानी में सोमवार को चार मरीजाें की इलाज के दाैरान माैत हाे गई। इनमें से तीन हमीदिया अस्पताल में भर्ती थे, जबकि एक मरीज का इलाज एम्स में चल रहा था। 52 नए मरीज मिले। इनमें शाहजहांनाबाद की श्यामनगर कॉलोनी, पटेल नगर और नूर महल रोड के एक-एक परिवार के तीन-तीन लोग शामिल हैं। जयभीम नगर के छह और बरखेड़ी के छह लाेगाें में भी काेराेना की पुष्टि हुई है।

ट्रेनिंग से लौटे डॉ. संजय गोयल को स्वास्थ्य आयुक्त बनाया
राज्य सरकार ने 2003 बैच के आईएएस अधिकारी व विदेश ट्रेनिंग से लौटे डाॅ. संजय गोयल को स्वास्थ्य विभाग का आयुक्त पदस्थ किया है। उन्हें नियंत्रक खाद्य एंव औषधि प्रशासन एवं आयुक्त खाद्य सुरक्षा का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। गोयल के यह जिम्मेदारी संभालने के बाद 1996 बैच के आईएएस अधिकारी और प्रमुख सचिव स्वास्थ्य फैज अहमद किदवई स्वास्थ्य आयुक्त समेत नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन की जिम्मेदारियों से मुक्त होंगे।

12 जून को सबसे कम 170 नमूनों की ही जांच हो सकी

आईडीएसपी की रिपोर्ट के अनुसार सबसे कम 170 नमूनों की जांच 12 जून को हुई है। जबकि 1 जून को 1746 नमूने जांचे गए। इसके बावजूद विभिन्न लैबों में 1838 सैंपलों की जांच पैंडिंग थी। 12 जून को संख्या 2517 हो गई। जबकि इस दिन सिर्फ 170 की ही जांच हुई।

Leave a Reply

Your email address will not be published.