भोपाल में दो दिन में 18 से 63 हो गए संक्रमित, 22 नए मरीज मिले, इनमें 16 स्वास्थ्य विभाग के अफसर और कर्मचारी

भोपाल. कोरोना के संक्रमण से बचाने की जिम्मेदारी जिन स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी और कर्मचारियों के हवाले है, वे ही इससे संक्रमित होने लगे हैं। सोमवार को 22 नए पॉजिटिव मरीज मिले। इनमें स्वास्थ्य विभाग के 16 अफसर और कर्मचारी शामिल हैं। विभाग के अब तक 29 अफसर और कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। चार पुलिसकर्मियों और उनके परिवार के दो सदस्यों में भी संक्रमण की पुष्टि हुई है।

अब तक 7 कांस्टेबल भी कोराेना वायरस की चपेट में आ चुके हैं। इसे देखते हुए भोपाल के तीन थानों के 271 पुलिसकर्मी अब घरों के बजाय होटल में रहेंगे। राजधानी में दो दिन में संक्रमित मरीजों की संख्या 18 से 63 पर पहुंच गई है। साेमवार को 22 नए कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित किए गए। शहर में अब 63 कंटेनमेंट क्षेत्र हो चुके हैं, जहां आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई है।

इंदौर में अब तक 151 कोरोना पॉजिटिव

उधर, इंदौर में 16 नए मामलों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई। इंदौर में मरीजों की संख्या 151 पर पहुंच गई है। एमजीएम मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने सोमवार रात तीन मरीजों की मौत की पुष्टि की। हालांकि इनकी रिपोर्ट मौत के पांच दिन बाद मिली। इन्हें मिलाकर प्रदेश में महामारी से मरने वालों की संख्या 14 हो गई है।

पाॅजिटिव रिपाेर्ट मिलने के दाे दिन बाद अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के अफसर

भोपाल के 63 कोरोना पॉजिटिव में 29 उसी स्वास्थ्य विभाग के अफसर और कर्मचारी हैं, जिनके कंधों पर कोरोना से जंग की जिम्मेदारी है। चिंता की बात ये है कि दाे दिन पहले पाॅजिटिव रिपाेर्ट मिलने के बावजूद महकमे के कोरोना अफसर घर में बने रहने की जिद पर अड़े रहे। स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव पल्लवी जैन गोविल, रुबी खान, उपसंचालक डॉ. वीणा सिन्हा और डॉ. उपेन्द्र दुबे की रिपोर्ट शनिवार को ही पॉजिटिव आ गई थी। फिर भी ये अस्पताल नहीं पहुंचे। जिला प्रशासन के अफसर दो दिनों से अस्पताल में शिफ्ट होने की मिन्नतें कर रहे, लेकिन ये तैयार नहीं हुए। पहले दिन इन्हाेंने घराें के बाहर काेराेना पाॅजिटिव पेशेंट का पाेस्टर भी नहीं लगने दिया। इन अफसरों के हठ से हारकर जिला प्रशासन ने मुख्य सचिव से गुहार लगाई। मिन्नतों और सख्ती के बाद सोमवार रात को प्रमुख सचिव गोविल और डॉ. सिन्हा बंसल अस्पताल में शिफ्ट हुईं। रुबी खान को चिरायु में शिफ्ट किया गया।

कोरोना पॉजिटिव अफसरों के रवैये से सरकार और प्रशासन खफा
इन अफसरों का तर्क था कि वे डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइन के मुताबिक खुद को घर में आइसोलेट किए हुए हैं। हालांकि जिला प्रशासन और पूरी सरकार इन अफसरों के ऐसे रवैये से खफा थे। अफसरों के आग्रह पर सोमवार को मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस को हस्तक्षेप करना पड़ा। प्रशासन अकादमी में रह रहीं रुबी के रवैये पर अकादमी के निदेशक एपी श्रीवास्तव ने शासन को पत्र लिखकर कहा कि अकादमी कैंपस में 120 परिवार निवास करते हैं। कोरोना पॉजिटिव मरीज के यहां रहने से उन्हें भी खतरा होगा। फिर भी रुबी नहीं मानीं तो श्रीवास्तव ने उन्हें भी पत्र लिखा। एसडीएम राजेश गुप्ता टीम के साथ पहुंचे तो रुबी ने दरवाजा बंद कर लिया। प्रशासन ने सख्ती की और सस्पेंड करने की चेतावनी दी। इसके बाद रुबी मानीं। उन्हें चिरायु अस्पताल में शिफ्ट किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *