भोपाल पुलिस को झटका:विधायक आरिफ मसूद को अग्रिम जमानत मिली; 50 हजार रुपए का मुचलका भरना होगा

भोपाल.भोपाल के इकबाल मैदान पर प्रदर्शन कर धार्मिक भावनाएं भड़काने के मामले में फंसे कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद को हाई कोर्ट से राहत मिल गई है। उन्हें शुक्रवार सुबह हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत दे दी। उनके वकील अजय गुप्ता ने बताया कि हाई कोर्ट ने आदेश जारी कर दिए हैं। जल्द ही आदेश की कापी भी मिल जाएगी। तलैया पुलिस ने उन पर धार्मिक भावनाएं भड़काने का मामला दर्ज किया था। इस मामले में छह लोगों की गिरफ्तारी पहले हो चुकी है। सिर्फ मसूद की गिरफ्तारी होना शेष रह गई थी।

भोपाल कोर्ट पुलिस छावनी बन गई थी

मसूद ने कहा था कि अगर उन्हें जमानत नहीं मिलती है, तो वे कोर्ट में सरेंडर कर देंगे। हाई कोर्ट ने 25 नवंबर को सुनवाई का समय दिया था। इसे देखते हुए भोपाल ने भोपाल कोर्ट को छावनी में बदल दिया था। दो दिन से पुलिस की पूरी टीम सरेंडर की संभावनाओं को देखते हुए यहां तैनात थी।

दो मामले दर्ज हुए

तलैया पुलिस ने इस मामले में पहले धारा 144 के उल्लंघन का केस दर्ज किया था, लेकिन बाद में धार्मिक भावनाएं भड़काने की धाराओं में मसूद समेत 7 लोगों पर FIR की गई। अब तक इस मामले में विधायक को छोड़ सभी 6 आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं। एफआईआर होने के दौरान मसूद बिहार चुनाव में थे, लेकिन उसके बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया। हालांकि वे सोशल मीडिया पर वीडियो जारी अपनी बात रखते रहे।

यह है पूरा मामला

भोपाल मध्य से विधायक आरिफ मसूद पर आरोप हैं कि उन्होंने फ्रांस में हुई आतंकी घटना के विरोध में इकबाल मैदान भीड़ को एकत्रित कर लोगों की धार्मिक भावनाओं को भड़काया है। इस दौरान उन्होंने फ्रांस का झंडा और वहां के राष्ट्रपति का पुतला जलाया था। इस दौरान दिए भाषण में मसूद ने कहा था कि केंद्र और राज्य की हिंदूवादी सरकार के मंत्री भी फ्रांस के कृत्य का समर्थन कर रहे हैं। सरकार ने फ्रांस का विरोध नहीं किया तो हम हिंदुस्तान में भी ईंट से ईंट बजा देंगे।

फ्रांस में क्या हुआ था?

पेरिस के पास कॉन्फ्लांस सेन्ट होनोरिन इलाके में एक टीचर ने पिछले महीने क्लास में पैगम्बर मोहम्मद साहब का कार्टून दिखाया था। इसके बाद हमलावर ने 16 अक्टूबर को टीचर की हत्या कर दी थी। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने इस घटना को इस्लामी आतंकवाद करार दिया था। हमलावर को पुलिस ने एनकाउंटर में मार दिया था। इसके बाद से मुस्लिम देशों में फ्रांस के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published.