भूस्खलन में मजदूरों के 20 से ज्यादा घर मलबे में बहे; 13 की मौत, 10 को बचाया गया; 70 से ज्यादा लोगों के फंसे होने की आशंका

केरल के इडुक्की जिले के राजमाला में भूस्खलन में 13 लोगों की मौत हो गई। अब तक 10 लोगों को बचा लिया गया है। 70 से ज्यादा लोगों के फंसे होने की आशंका है। यह इलाका पर्यटन स्थल मुन्नार से 25 किमी दूर है।

जिस जगह पर भूस्खलन हुआ वहां पर चाय के बागान में काम करने वाले मजदूरों की कॉलोनी थी। लैंड स्लाइड से पूरा इलाका चपेट में आ गया। मलबे में मजदूरों के 20 से ज्यादा घर बह गए। बताया जा रहा है कि अधिकांश मजदूर तमिलनाडु के रहने वाले थे।

चश्मदीद ने बताया- बहुत तेज आवाज हुई और सबकुछ खत्म हो गया

एक चश्मदीद ने बताया कि जब भूस्खलन हुआ तब हमने बहुत तेज आवाज सुनी। उसके बाद सब कुछ खत्म हो गया। लोग बचने के लिए भाग रहे थे, लेकिन पानी और मलबा उन्हें बहा ले गया।
आपदा में बचे दीपन ने बताया कि भूस्खलन के वक्त मैं पिता, मां और पत्नी के साथ घर में था। सब कुछ मलबे में दब गया। उन्हें आंख में चोट लगी है। मां की हालत नाजुक है। उन्होंने बताया कि मेरे पिता और पत्नी का अभी तक पता नहीं चल सका है।
केरल के कई हिस्सों में पिछले चार दिनों से भारी बारिश हो रही है। अफसरों ने बताया कि गुरुवार को भारी बारिश के कारण राजमाला इलाके को जोड़ने वाला अस्थायी पुल गिर गया। इससे वहां पहुंचने में काफी मुश्किल आ रही है। अभी हम 10 लोगों को रेस्क्यू कर पाएं हैं।
उधर, मुख्यमंत्री पी विजयन ने घटना पर दुख जताया है। केरल के राजस्व मंत्री के चंद्रशेखरन ने बताया, ‘वहां 4 लेबर कैंपों में 80 से ज्यादा लोग रहते थे। यह साफ नहीं है कि भूस्खलन के समय वहां कितने लोग मौजूद थे। खराब मौसम की वजह से फंसे लोगों का एयर लिफ्ट तक नहीं कर पा रहे हैं।’

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