भारत में मरीज़ों का आंकड़ा एक लाख के पार, पिछले 24 घंटे में करीब 5,000 नए केस

नई दिल्ली। मंगलवार,19 मई 2020: देश में कोरोना का कहर बढ़ता ही जा रहा है। कोरोना के बढ़ते प्रकोप को दखते हुए बीते 56 दिनों से पूरे देश में लॉकडाउन जारी है। भारत में मंगलवार को कोरोनावायरस (Covid-19) संक्रमितों का कुल आंकड़ा बढ़कर एक लाख के पार पहुंच गया है।

स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) के आंकड़ों के मुताबिक, देश में कोरोनावायरस से अब तक 3,163 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि संक्रमितों की संख्या 1,01,139 हो गई है। वहीं, पिछले 24 घंटों में कोरोना के 4970 नए मरीज मिले हैं और 134 लोगों की जान गई है। हालांकि, राहत की बात यह है कि 39,174 मरीज कोरोना को मात देने में कामयाब हुए हैं। रिकवरी रेट सुधर कर 38.73 प्रतिशत पर पहुंच गया है।

बता दें कि कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य महाराष्ट्र में संक्रमितों का आकंड़ा 35 हजार के पार पहुंच गया है। सोमवार को महाराष्ट्र में कोरोना के 2033 नए मामले सामने आए और इस दौरान 51 लोगों की जान गई। महाराष्ट्र में संक्रमितों का कुल आंकड़ा अब 35058 हो गया है। मुंबई में कोरोना के 1,185 नए मामले सामने आए, जिसके बाद संक्रमितों की कुल संख्या 21,335 तक पहुंच गई और 23 मरीजों की मौत के साथ ही मृतकों का आंकड़ा 757 तक जा पहुंचा। महाराष्ट्र में अब तक 1249 लोगों की कोरोनावायरस से मौत हो चुकी है।

वहीं लॉकडाउन के दौरान भी प्रवासी कामगारों का पलायन भी बड़े पैमाने पर जारी है। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने विशेष ट्रेनें चलाना शुरू किया है। कुछ राज्यों ने श्रमिक ट्रेनों की अपने यहां आने की अनुमति नहीं देने के पर रेलवे का कहना है कि ट्रेनों के संचालन के लिए अब गंतव्य राज्यों की अनुमति की जरूरत नहीं है। इससे पहले गृह मंत्रालय ने मंगलवार को ट्रेन से प्रवासी मजदूरों की आवाजाही के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी जारी की जिसमें मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नोडल अधिकारियों को नामित करने, फंसे लोगों को प्राप्त करने और भेजने के लिए जरूरी व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। गृह मंत्रालय की ओर से जारी एसओपी के मुताबिक, रेल मंत्रालय गृह मंत्रालय से सलाह मशवरा करके ट्रेनों का संचालन करेगा। सभी राज्य अपने यहां नोडल अथॉरिटी की नियुक्ति करेंगे और जिन फंसे हुए मजदूरों में कोरोनावायरस के लक्षण नहीं होंगे, उन्हें भेजने की प्रक्रिया संपन्न करेंगे।

रेलवे के प्रवक्ता राजेश बाजपेई ने कहा, ‘श्रमिक विशेष ट्रेनों को चलाने के लिए उन राज्यों की सहमति की आवश्यकता नहीं है जहां यात्रा समाप्त होनी है।’ उन्होंने कहा, ‘नई एसओपी के बाद उस राज्य की सहमति लेना अब आवश्यक नहीं है जहां ट्रेन का समापन होना है।’

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