भारतीय सीमा में नहीं फहराया गया चीनी झंडा

नए साल के मौके पर चीन ने गलवान घाटी के जिस इलाके में झंडा लगाया और फहराया, वो इलाका हमेशा से उसके ही कब्जे में रहा है और इस क्षेत्र को लेकर कोई नया विवाद नहीं है। भारतीय सेना से जुड़े सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है। चीन की तरफ से जब यह वीडियो सामने आया था, उसके बाद विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गया था। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ ही विपक्ष के दूसरे नेताओं ने भी मोदी सरकार को निशाने पर ले लिया था।

सेना के सूत्रों ने मीडिया से कहा- चीन की तरफ से सोशल मीडिया पर गलवान घाटी के जिस क्षेत्र में चीनी झंडा फहराते हुए वीडियो पोस्ट किया गया है, उस इलाके को लेकर कोई विवाद नहीं है। वह इलाका तो शुरुआत से चीनी नियंत्रण में रहा है। दूसरे शब्दों में कहें तो चीन ने अपने इलाके में ही झंडा फहराया है। उसने गलवान नदी वाले उस इलाके में झंडा नहीं फहराया, जहां भारत-चीन सीमा विवाद चल रहा है।

वीडियो के बाद शुरू हुआ था विवाद
इस विवाद की शुरुआत तब हुई, जब चीन के एक वेरिफाइड सोशल मीडिया अकाउंट से गलवान में चीनी झंडा फहराते हुए वीडियो पोस्ट किया गया। कैप्शन में लिखा था- 2022 के पहले दिन गलवान घाटी पर चीन का झंडा लहरा रहा है। यह झंडा खास है, क्योंकि इसे एक बार बीजिंग के तियानमेन स्क्वायर पर भी फहराया गया था।

कांग्रेस का सरकार पर हमला
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लिखा था- गलवान पर हमारा तिरंगा ही अच्छा लगता है। चीन को जवाब देना होगा। मोदी जी, चुप्पी तोड़ो। वहीं, यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बी ने सोशल मीडिया पर लिखा था- नए साल के मौके पर भारत की गलवान घाटी में चीनी झंडा फहराया गया। 56 इंच का चौकीदार कहां हैं

नए साल भारत-चीन के सैनिकों ने आपस में मिठाई बांटीं ​​​​​​
भारतीय जवानों और चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के सैनिकों ने साल के पहले दिन LAC पर अलग-अलग जगह एक-दूसरे को नए साल के आगमन की बधाई दी। साथ ही दोनों सेनाओं ने हॉट स्प्रिंग्स, डेमचॉक, नाथू ला, कोंगरा ला, केके पास, DBO, बॉटलनेक, कोंकाला, चुशुल मोल्डो, बूम ला और वाछा दमाई में आपस में मिठाइयां भी शेयर कर नए साल का जश्न मनाया।

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