बॉडीगार्ड्स के साथ स्विमिंग एरिया में आता था भाजपा नेता

महिलाओं को दिक्कत होती थी, जिम में वर्कर्स को गालियां देता था श्रीकांत त्यागी

‘श्रीकांत त्यागी का रवैया एकदम गुंडे वाला ही था। उसकी गाड़ी तेज स्पीड से सोसाइटी में घुसा करती थी। जबकि सोसाइटी में तेज गाड़ी चलाना मना है, लॉन में बच्चे खेलते हैं। दबंगों की तरह उसकी गाड़ी के आगे-पीछे कवर के लिए पुलिस की जिप्सी गाड़ियां चला करती थीं। हमेशा उसके आगे-पीछे गनर, पर्सनल सिक्योरिटी गार्ड और कई बार पुलिस भी होती थी।।’

सोसाइटी की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन में सेक्रेटरी रह चुकीं स्वाति अग्रवाली सिंह ने श्रीकांत त्यागी के बारे में ये बातें भास्कर को बताईं।

स्वाति बताती हैं, ‘सोसाइटी के स्विमिंग पूल एरिया में तो वो अपने गार्ड्स के साथ घुस जाता था, हम महिलाएं इससे बहुत अनकम्फर्टेबल महसूस करते थे। जिम एरिया में वो स्टाफ को गालियां देता था और मनमर्जी से टाइमिंग के बाहर जिम खुलवाता था। हमने कई बार उसकी शिकायत की, लेकिन कुछ नहीं हुआ।’

नोएडा की ओमैक्स रेजिडेंशियल सोसाइटी में रहने वाले श्रीकांत त्यागी को सोसाइटी की महिलाओं ने ही दर-दर भटकने के लिए मजबूर कर दिया है। 5 अगस्त को एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें काले रंग के कपड़े पहने हुए एक शख्स महिला को भद्दी-भद्दी गालियां देता नजर आता है और महिला को धक्का (मैनहैंडलिंग) भी देता है। श्रीकांत त्यागी नाम का ये शख्स बीजेपी के किसान मोर्चा से जुड़ा हुआ था और उसका अच्छा-खासा राजनीतिक रसूख भी बताया जाता है।

भाजपा के कई बड़े नेताओं के साथ उसके फोटो हैं। सोशल मीडिया पर शोर मचने के बाद त्यागी फरार हो गया, पुलिस ने एक्शन लेते हुए केस दर्ज किया, गाड़ियां सीज कीं और आज सुबह त्यागी के घर के सामने अतिक्रमण पर बुलडोजर चला। सोसाइटी में रहने वाली एना कहती हैं, ‘आज त्यागी के खिलाफ जो एक्शन हुआ है, वो सोसाइटी की महिलाओं की जीत है।

गुंडागर्दी से पूरी सोसाइटी के लोग थे परेशान

हालांकि त्यागी की गुंडागर्दी का ये पहला वाकया नहीं था, सोसाइटी के रेजिडेंट त्यागी और उसकी हरकतों से परेशान थे। स्वाति अग्रवाल सिंह ने भास्कर से कुछ दस्तावेज शेयर किए हैं, जिनके मुताबिक अक्टूबर 2019 में त्यागी के खिलाफ नोएडा अथॉरिटी में शिकायत दर्ज कराई गई और 4 फरवरी को त्यागी को अथॉरिटी ने नोटिस भी दिया था, लेकिन इस नोटिस के अलावा कोई कार्रवाई नहीं हुई। सोसाइटी के रेजिडेंट त्यागी की हरकतों से परेशान होते रहे।

स्वाति बताती हैं, ‘सोसाइटी के रेजिटेंड पढ़ने-लिखने और काम करने वाले लोग हैं। त्यागी की गुंडागर्दी से हम सभी निवासी परेशान थे, लेकिन इस आदमी का रसूख इतना था कि हम सब ने ये मान लिया था कि इस समस्या का कुछ नहीं किया जा सकता। हम सब पुलिस और नोएडा अथॉरिटी को शिकायत करते थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती थी।

स्विमिंग पूल में बाउंसर्स के साथ आने की शिकायत की तो फोन करके धमकाया

स्वाति बताती हैं कि ‘त्यागी अपने बाउंसर्स के साथ स्विमिंग पूल एरिया में आ जाया करता था। स्विमिंग पूल में महिलाएं और लड़कियां नहाती हैं। ऐसे वक्त में वो बहुत अनकम्फर्टेबल महसूस करती थीं। जब इसे लेकर हमने उससे बात की तो मुझे फोन करके धमकाता था। सोसाइटी में जिम इस्तेमाल तय करने के लिए फिक्स टाइमिंग है, लेकिन ये देर रात भी जिम खुलवाने के लिए गार्ड को डराता और धमकाता था। गालियां देता था। ये साफ है कि उसे पुलिस और प्रशासन सभी का समर्थन हुआ करता था।’

इलेक्ट्रिसिटी काटी तो साइकिल में आग लगा दी

रेजिडेंट वेलफेयर सोसाइटी के सदस्य बताते हैं कि दबंगई की वजह से त्यागी का लंबे वक्त से मेंटेनेंस भी ड्यू चल रहा था। जब ये वीडियो वायरल हुआ तो उसके बाद कल सुबह ही उसकी बहन ने सोसाइटी का करीब डेढ़ लाख रुपया ड्यू जमा कराया है। उसको जब भी इस ड्यू को भरने को कहा जाता था तो वो बदतमीजी से बात करता था। जब सोसाइटी के ड्यू ना भरने की वजह से हमने उसके घर की इलेक्ट्रिसिटी काटी तो उसने बेटे की साइकिल में आग लगा दी थी। हमें किसी डिलिवरी बॉय ने बताया कि आपकी साइकिल में आग लगा दी है।

2019 में पुलिस में शिकायत की, लेकिन सिस्टम उसकी जेब में था

सदस्यों का कहना है कि​ ​​दशहरे के वक्त जब त्यागी ने अतिक्रमण करना शुरू किया था तो उसने एक रेजिडेंट को काफी धमकाया और मारने-पीटने की धमकी भी दी। हमने 2019 में श्रीकांत त्यागी की पुलिस में शिकायत की थी और हमारे पास शिकायत की कॉपी भी है, लेकिन पुलिस ने उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।

‘पुलिस ने त्यागी को कैसे जाने दिया?’

एना कहती हैं, ‘महिलाओं की पूरी जीत तब होगी, जब त्यागी गिरफ्तार होगा। 3 दिन हो गए हैं वो अब तक फरार है। पुलिस क्या कर रही है। वो सोसाइटी में गुंडे भेज रहा है और हमें डराने की कोशिश कर रहा है। पुलिस भी त्यागी के साथ मिली हुई है। हमने पुलिस से कहा कि हमें त्यागी का बेसमेंट चेक करने दो, लेकिन पुलिस ने नहीं जाने दिया। शाम को साढ़े चार बजे पुलिस ने कैसे जाने दिया? जो गुंडे आए थे अगर वो सीधे लोगों के घर चले जाते और शूट कर दिया होता तो कौन जिम्मेदारी लेता।’

महिलाओं का कहना है, ‘आज जो बुलडोजर की कार्रवाई हुई, उसे देखकर हम खुश नहीं हो सकते। जब तक त्यागी गिरफ्तार नहीं हो जाता, तब तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी।’

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