पीएम की मुख्यमंत्रियों से 9वीं बैठक:मोदी बोले- वैक्सीन की कीमत क्या होगी और इसके कितने डोज होंगे, इसका जवाब अभी हमारे पास नहीं है

नई दिल्ली.कोरोना पर मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अभी वैक्सीन की कीमत और डोज तय नहीं है। इस पर काम चल रहा है और व्यवस्था के तहत ही ये आएगी। हमें यह निश्चित करना है कि यह सबसे निचले पायदान तक पहुंचे। हमें कोरोना के खिलाफ लड़ाई में लापरवाही नहीं बरतनी है। हम मुश्किल के गहरे समुद्र से निकलकर किनारे की तरफ निकल रहे हैं। कहीं ऐसा न हो कि हमारी कश्ती वहीं डूबी, जहां पानी कम था। हमें ऐसा नहीं होना। कोरोना काल में मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ यह 9वीं बैठक है।

मीटिंग में मोदी ने कहीं ये 6 बातें

1. भारत संभली हुई स्थिति में है: वैक्सीन की स्थिति और डिस्ट्रीब्यूशन को लेकर जो चर्चाएं हुई हैं, उस पर हमें सिस्टम के तहत आगे बढ़ना होगा। एक समय था कि अंजान ताकत से लड़ने की चुनौती थी। देश के संगठित प्रयासों से इसका सामना किया गया। नुकसान कम से कम रखा गया। रिकवरी और फैटेलिटी रेट के मामले में भारत संभली हुई स्थिति में है। टेस्टिंग और ट्रीटमेंट का बहुत बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है।

2. अलग चरणों में लोगों का व्यवहार अलग था: कोरोना के दौरान भारत के लोगों का व्यवहार भी अलग-अलग चरणों में अलग-अलग रहा है। पहले चरण में डर था। दूसरे चरण में भय के साथ संदेह भी जुड़ा। बीमारी की वजह से समाज से कटने का डर भी लगने लगा। लोग संक्रमण को छिपाने लगे। उससे भी हम बाहर आए। तीसरे चरण में काफी हद तक समझने लगे और संक्रमण को बताने लगे। आसपास लोगों को समझाने लगे। गंभीरता भी आने लगी। चौथे चरण में कोरोना से रिकवरी का रेट बढ़ा तो लोगों को लगा कि वायरस कमजोर हो गया, नुकसान नहीं कर रहा है। बीमार हो भी गए तो ठीक हो जाएंगे, इसकी वजह से इस स्टेज में लापरवाही बढ़ गई है।
त्योहारों से पहले मैंने हाथ जोड़कर प्रार्थना की थी कि कोई दवाई-वैक्सीन नहीं है और आप ढिलाई मत बरतिए। चौथे चरण में जो गलती की हैं, हमें उन्हें सुधारना होगा। हमें तो कोरोना पर ही फोकस करना है।

3. पॉजिटिविटी रेट 5% के दायरे में रखना है: अब हमारे पास टीम तैयार है। जो-जो चीजें तैयार करें, उसे इम्प्लीमेंट करें। कोरोना न बढ़े और कोई गड़बड़ न हो। आपदा के गहरे समुद्र से निकलकर हम किनारे की तरफ बढ़ रहे हैं। ऐसा न हो जाए कि हमारी कश्ती वहां डूबी, जहां पानी कम था। यह स्थिति नहीं आने देनी है हमें। हमें ट्रांसमिशन को कम करने के लिए अपने प्रयासों को और गति देनी होगी। पॉजिटिविटी रेट को 5% के दायरे में लाना ही होगा। फैटेलिटी रेट 1% के दायरे में लाएं।

4. अभी डोज और कीमत का जवाब नहीं है: वैक्सीन की रिसर्च आखिरी दौर में पहुंची है। भारत सरकार हर डेवलपमेंट पर बारीकी से नजर रख रही है। अभी यह तय नहीं है कि वैक्सीन की एक डोज होगी, दो डोज होगी। कीमत भी तय नहीं है। इन सवालों के जवाब हमारे पास नहीं हैं। जो वैक्सीन बनाने वाले हैं, कॉरपोरेट वर्ल्ड का भी कंपटीशन है। हम इंडियन डेवलपर्स और दूसरे मैन्युफैक्चरर्स के साथ भी काम रहे हैं।

5. प्राथमिकता वैक्सीन सभी तक पहुंचाना: वैक्सीन आने के बाद यही प्राथमिकता हो कि यह सभी तक पहुंचे। यह अभियान बड़ा होगा और लंबा चलने वाला है। हमें एकजुट होकर एक टीम के रूप में काम करना ही पड़ेगा। वैक्सीन को लेकर भारत के पास जैसा अनुभव है, वह बड़े-बड़े देशों को नहीं। भारत जो भी वैक्सीन देगा, वो वैज्ञानिक तौर पर खरी होगी। वैक्सीन डिस्ट्रीब्यूशन राज्यों के साथ मिलकर खाका रखा गया है। फिर भी ये निर्णय तो हम सब मिलकर करेंगे।

6. डिस्ट्रीब्यूशन में राज्यों का अनुभव काम आएगा: हम सब जानते हैं कि हम वैज्ञानिक नहीं हैं। व्यवस्था के तहत जो चीज आती है, उसी को स्वीकार करना होगा। मन में जो योजना हो, खासतौर पर वैक्सीन के संबंध में कि कैसे नीचे तक ले जाएंगे। राज्यों का अनुभव काम आएगा। वैक्सीन अपनी जगह पर है, वो काम होना है और करेंगे। थोड़ी सी भी ढिलाई कोरोना के खिलाफ लड़ाई में नहीं आनी चाहिए।

4 चरणों में होगा वैक्सीन डिस्ट्रीब्यूशन
देश में 5 वैक्सीन डेवलपमेंट के एडवांस स्टेज में हैं। इनमें से 4 फेज-2 या फेज-3 में हैं। आज की मीटिंग में वैक्सीन डिस्ट्रीब्यूशन की स्ट्रैटजी पर चर्चा की गई। सरकार ने इस बारे में काम शुरू कर दिया है कि कोरोना वैक्सीन बाजार में आने के बाद इसका तेजी से और प्रभावी डिस्ट्रीब्यूशन कैसे किया जाएगा।

मीटिंग में शामिल हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने बताया कि वैक्सीन पहले फेज में हेल्थकेयर वर्कर्स और बेहद जरूरतमंदों को दी जाएगी। इसके बाद फ्रंट लाइन वर्कर्स को दी जाएगी। फिर दो चरणों में उम्र के हिसाब से इसका डिस्ट्रीब्यूशन होगा। यानी 4 चरणों में वैक्सीन दी जाएगी।

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