पलक और जीजू की चैट से बड़ा खुलासा:पीयूष ने कहा था- तू क्या चाहती है

भय्यू महाराज सुसाइड केस में फॉरेंसिक एक्सपर्ट की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि वे नींद की गोलियां खाते थे। उन्होंने सुसाइड से 48 घंटे पहले नींद की 10 गोलियां खा ली थीं। पलक और उसके दोस्त (पीयूष जीजू… पलक के मोबाइल में कॉन्टैक्ट नेम इसी नंबर से सेव है।) के बीच वॉटसऐप चैटिंग से यह भी पता लगा है कि दोनों भय्यू महाराज को हरदा के किसी गुरुजी के आश्रम पर ले जाने की बात कर रहे थे। 109 पेज की यह जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश की गई है।

जब भय्यू महाराज नहीं रहे और पलक ने वॉट्सऐप चैट पर पीयूष को आने का कहा तो उसका जवाब था- तू क्या चाहती है, महाराज को आसाराम जैसे संतों की लाइन में खड़ा कर दें।

भय्यू महाराज के सुसाइड से 48 घंटे पहले की चैटिंग में पलक और पीयूष की बातों में बार-बार इसका जिक्र था कि महाराज पर किसी तरह की तंत्र क्रिया करवाई गई है। शक महाराज की दूसरी पत्नी आयुषी पर था। तंत्र-मंत्र के काट के लिए दोनों महाराज को किसी गुरुजी के आश्रम ले जाना चाहते थे।

भय्यू महाराज ने 12 जून 2018 को अपने आवास पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। चैटिंग में 10 जून 2018 को महाराज के नींद की गोलियों का ज्यादा डोज लेने की बात सामने आई है। पलक ने पीयूष से कई बार गुजारिश की कि महाराज को कैसे भी करके बचा लो। उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। महाराज अपने आपे से बाहर हो रहे हैं।

48 घंटे की चैटिंग में हरदा वाले गुरुजी से मिलवाने की बात
9 जून 2018 को पीयूष और पलक के बीच हुई बातों में महाराज को किसी तरह से हरदा लाकर गुरुजी से मिलवाने का जिक्र है। चैटिंग में यह भी सामने आया है कि दोनों महाराज को हरदा वाले गुरुजी के पास नहीं ले जा पा रहे थे तो बायपास के किसी होटल में कमरा बुक करवाकर महाराज को गुरुजी से मिलवाने की बात हुई। बातचीत में पीयूष ने पलक को बताया कि उसे जान से मारने की धमकी मिल रही है। उसने FIR करने की भी बात कही। बातचीत के कुछ अंश…

9 जून 2018
पीयूष जीजू:
 सादर प्रणाम, महाराज आपसे निवेदन है कि कृपया कर आप यहां आना सुनिश्चित करें। जिससे कि भक्त आपसे मिल सकें। (चैटिंग में महाराज को हरदा बुलाने का निवेदन किया गया है।)

पलक: गुरुजी ने 10 गोलियां खा ली हैं। अभी पॉकेट में 20 और गोली हैं।
पीयूष जीजू: पहले वह यह गोलियां खा चुके हैं।

12 जून 2018 (दोपहर 2.18 बजे)
पलक:
 GO ON
पीयूष जीजू: महाराज नहीं रहे।
(पलक, पीयूष से महाराज को बचाने की बात करती रही।)

12 जून 2018 (रात 8.40 बजे)
पलक:
 मेरा पति मर गया है। क्या उसकी मय्यत में भी नहीं आएंगे।
पीयूष जीजू: तू क्या चाहती है। सभी लोग महाराज को गुरु के पद से हटाकर उन्हें आसाराम जैसे संत की लाइन में खड़ा कर दें।

12 जून 2018 (रात 12 बजे)
पीयूष जीजू:
 भगवान करे, वसीयत में आयुषी के लिए कुछ भी नहीं लिखा हो और उन्होंने सब कुछ पूर्व और आश्रम के नाम कर दिया हो।

आयुषी पर षड्यंत्र का आरोप
भय्यू महाराज सुसाइड केस में पुलिस ने पलक, महाराज के ड्राइवर शरद और कर्मचारी विनायक को गिरफ्तार किया था। तीनों पर महाराज को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है। शरद और विनायक के वकील धर्मेंद्र गुर्जर का आरोप है कि आयुषी ही पूरे मामले में षड्यंत्रकारी है। इतने गंभीर केस में अब तक भय्यू महाराज के मोबाइल से कोई भी डाटा रिकॉर्ड नहीं हो पाया है। सीसीटीवी फुटेज भी अब तक उपलब्ध नहीं हुए हैं। 3 दिसंबर को पलक, शरद और विनायक को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

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