पंजाब में कांग्रेस की खेती बचाओ यात्रा:राहुल ने कहा- नए कृषि कानूनों से किसान खुश होते तो प्रदर्शन क्यों करते,

नए कृषि कानूनों पर प्रदर्शन कर रहे किसानों का समर्थन करने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी रविवार को पंजाब पहुंचे। राहुल ने कहा कि इन कानूनों को कोविड महामारी के दौरान लागू करने की क्या जरूरत थी? उन्होंने किसानों से कहा- मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि जब कांग्रेस सत्ता में आएगी तो हम इन तीन काले कानूनों को खत्म कर देंगे और इन्हें कचरे के डिब्बे में फेंक देंगे।

राहुल यहां किसानों के समर्थन में तीन दिन तक ट्रैक्टर रैली करेंगे। राहुल के साथ मोगा में पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह, पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल और नवजोत सिंह सिद्धू भी पहुंचे थे।

राहुल ने कहा- कानूनों पर सदन में खुली बहस क्यों नहीं की गई?

राहुल ने कहा- अगर आपको कोई कानून लागू करना है तो आपको पहले इसके बारे में राज्य सभा और लोकसभा में चर्चा करनी चाहिए थी।
“प्रधानमंत्री कहते हैं कि ये बिल किसानों के लिए बनाया गया है। अगर यही बात है तो इस पर सदन में खुली बहस क्यों नहीं की गई।’
“अगर किसान इन कानूनों से खुश है तो फिर वह पूरे देश में प्रदर्शन क्यों कर रहा है। पंजाब में हर किसान इस बिल का विरोध क्यों कर रहा है।’
मोगा में रैली से पहले राहुल ने कहा कि यह कानून किसानों के साथ धोखा हैं। इन कानूनों की मदद से 23 अरबपतियों की नजर किसानों की जमीन और फसल पर है।
“मौजूदा सिस्टम में कुछ खामियां हैं। इन्हें बदलने की आवश्यकता है, लेकिन इसे नष्ट करने की जरूरत नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे नष्ट करना चाहते हैं।”
हाथरस की घटना पर भी पंजाब में बोले राहुल

राहुल ने कहा- मैं यूपी गया था। वहां एक बेटी की हत्या कर दी गई। जिन लोगों ने बेटी की हत्या की, उसके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया गया। जिस परिवार की बेटी को मारा गया, उसे उसी के घर में कैद कर दिया गया है। डीएम और सीएम उन लोगों को धमका रहे हैं। भारत में यही हालात हैं। अपराधी को कुछ नहीं होता, पीड़ित के खिलाफ एक्शन लिया जाता है।

सिद्धू ने अपनी पार्टी की सरकार पर सवाल उठाए

नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा- किसान देश की रीढ़ हैं। किसानों के खिलाफ कोई भी कदम बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इससे 30 हजार आढ़ती, 5 लाख मजदूर बर्बाद हो जाएंगे।
“जब हिमाचल की सरकार सेब पर एमएसपी दे सकती है तो पंजाब सरकार अपनी एमएसपी क्यों नहीं दे सकती है। पंजाब सरकार सैकड़ों करोड़ रुपए की दाल और तिलहन को इम्पोर्ट करती है। किसान उसे क्यों नहीं उपजा सकता।”

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