तेल का खेल…:मप्र में पेट्रोल-डीजल की खपत 30% कम, कमाई पिछले साल जितनी, फिर भी नहीं घटा रहे टैक्स

भोपाल. दिल्ली में गुरुवार आधी रात से डीजल 8.36 रुपए प्रति लीटर सस्ता हाे गया। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने डीजल पर वैट 30% से घटाकर 16.75% कर दिया है। वैट में इस कटाैती से दिल्ली में डीजल का दाम 82 रुपए प्रति लीटर से घटकर 73.64 रुपए प्रति लीटर हाे गया है। इधर, मप्र सरकार एक साल में पेट्रोल पर 9 प्रतिशत और डीजल पर 8% टैक्स बढ़ा चुकी है। 13 जून 2020 को सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक-एक रुपए एडमिशनल टैक्स बढ़ाया था। सरकार लॉकडाउन के बाद भी दोनों पर पिछले साल के बराबर कमाई कर चुकी है। इसके बावजूद सरकार पेट्रोल-डीजल पर टैक्स घटाने पर कोई फैसला नहीं ले रही है।

वाणिज्यिक विभाग के सूत्रों की माने तो राज्य सरकार को 15 जुलाई 2020 तक कुल 2400 करोड़ रुपए का राजस्व मिला, पिछले साल 30 जुलाई-19 तक भी राज्य सरकार की कमाई 2400 करोड़ रुपए के आसपास ही रही थी। 20 मार्च के बाद 70 दिन के लॉकडाउन फिर आवाजाही में नियंत्रण के चलते पेट्रोल-डीजल की बिक्री पिछले साल से 30% तक कम रही थी। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय के पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस (पीपीएसी) के आंकड़े कहते हैं कि मध्यप्रदेश में वित्तीय वर्ष 2019-20 में रोजाना 2.20 करोड़ लीटर पेट्रोल-डीजल बिक रहा था। मार्च-20 तक यह बिक्री 2.15 करोड़ लीटर प्रतिदिन रही, जो जुलाई में 1.70 करोड़ लीटर के आसपास चल रही है। राज्य सरकार ने दो माह में पेट्रोल-डीजल से मिलने वाले राजस्व में 330 करोड़ रुपए के नुकसान की बात कही थी। लेकिन जैसे-जैसे लॉकडाउन खुला और पेट्रोल डीजल की कीमतों में बेतहाशा वृद्ध हुई। उसकी कमाई पिछले साल के लेवल के करीब पहुंचती दिखाई दे रही है। जुलाई-20 में तेल कंपनियों ने कुल 357 करोड़ रुपए अधिक टैक्स जमा कराया। हालांकि कई बार कंपनियां कुछ वजह से एक माह आगे पीछे भी टैक्स जमा कराती हैं। लेकिन कुल मिलाकर पहली तिमाही में राज्य सरकार कम से कम पेट्रोल-डीजल में पिछले साल के बराबर कमाई करने में सफल रही।

Leave a Reply

Your email address will not be published.