तंदुरुस्ती की गलतफहमी युवाओं को बना रही कोरोना का शिकार

भोपाल। मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों में 65 फीसदी पुरुष और 35 फीसदी महिलाएं हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि संक्रमित लोगों में ज्यादातर कामकाजी वर्ग के लोग हैं। इसमें ज्यादातर पुरुष होते हैं, इसलिए पुरुषों की संख्या ज्यादा है। विदेशों से लौटने वालों में संक्रमित पाए गए लोगों की सबसे ज्यादा संख्या यूएई से आने वालों की है। इसके अलावा जर्मनी और यूके से आए एक-एक व्यक्ति में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। संक्रमित होने वाले लोगों में सबसे ज्यादा 31 से 40 साल की उम्र के हैं। उसके बाद दूसरे नंबर पर 21 से 30 साल के उम्र वर्ग के मरीज हैं। इससे साफ है कि यह बीमारी युवाओं को भी तेजी से संक्रमित करती है। सभी को सतर्क रहने की जरूरत है।

पता नहीं चल रहा 65 फीसदी को कैसे लगा संक्रमण

मध्य प्रदेश में अब तक संक्रमित पाए गए लोगों में 65 फीसदी को बीमारी कैसे हुई यही पता नहीं चल पा रहा है। 4 फीसदी ऐसे हैं जिनकी कोई न कोई ट्रेवल हिस्ट्री है, यानी वह प्रभावित देश या प्रभावित प्रदेश से यात्रा करके आए हैं। 31 फीसदी ऐसे हैं जो संक्रमित लोगों के संपर्क में आए हैं।
देश के अन्य राज्यों के मुकाबले मध्यप्रदेश में कोरोना से मौत का प्रतिशत ज्यादा

देश में कोरोना संक्रमित लोगों में मौत का आंकड़ा तीन फीसदी है। राजस्थान में पॉजिटिव मरीजों में सिर्फ दो फीसदी की मौत हुई है। दिल्ली में 525 मरीजों में 7 को इस बीमारी के चलते जान गंवाना पड़ी है। मध्यप्रदेश में 6 मार्च तक 256 लोग इससे संक्रमित पाए गए थे। इनमें 14 की मौत की पुष्टि सरकार ने की है। यह आंकड़ा 5 फीसदी से ज्यादा है। हालांकि, सरकार व डॉक्टरों का कहना है कि प्रदेश में जो भी मौतें हुई हैं उन मरीजों को कोरोना के अलावा भी कोई न कोई दिक्कत थी, जिससे उनकी बीमारी से लड़ने की क्षमता कम थी।

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