जीत के बाद बाइडेन की पहली स्पीच:दौड़ते हुए मंच तक आए प्रेसिडेंट इलेक्ट, बोले- अब जख्मों को भरने का वक्त, देश को एकजुट करूंगा

जो बाइडेन (77) प्रेसिडेंशियल इलेक्शन जीत चुके हैं। फिलहाल वे प्रेसिडेंट इलेक्ट है, 20 जनवरी को शपथ लेने के बाद वे 46वें राष्ट्रपति बन जाएंगे। चुनाव में जीतने के बाद शनिवार रात (भारतीय समय के मुताबिक रविवार सुबह) उन्होंने लोगों को संबोधित किया। इसमें उन्होंने आपसी कड़वाहट खत्म करने, देश को एकजुट और सबका राष्ट्रपति जैसी बातों पर बल दिया। भाषण देने के बाइडेन मंच तक दौड़ते हुए आए। चुनाव प्रचार के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उन पर उम्रदराज होने के आरोप लगाए थे।

पत्नी और परिवार का शुक्रिया
बाइडेन 48 साल पहले पहली बार सीनेटर चुने गए थे। देश के नाम संबोधन में उन्होंने कहा- आप लोगों ने स्पष्ट जनादेश दिया है। 7.4 करोड़ लोगों ने रिकॉर्ड वोट दिया। अमेरिका की यह नैतिक जीत है। मार्टिन लूथर किंग ने भी यही कहा था। गौर से सुनिए। आज अमेरिका बोल रहा है। मैं राष्ट्रपति के तौर पर इस देश को बांटने के बजाए एकजुट करूंगा। परिवार और पत्नी का इस संघर्ष में साथ देने के लिए शुक्रिया।
नफरत खत्म कीजिए, आगे बढ़िए
ट्रम्प और उनके समर्थकों से बाइडेन ने कहा- मैं जानता हूं कि जिन लोगों ने ट्रम्प को वोट दिया है, वे आज निराश होंगे। मैं भी कई बार हारा हूं, यही लोकतंत्र की खूबसूरती है कि इसमें सबको मौका मिलता है। चलिए, नफरत खत्म कीजिए। एक-दूसरे की बात सुनिए और आगे बढ़िए। विरोधियों को दुश्मन समझना बंद कीजिए, क्योंकि हम सब अमेरिकी हैं। बाइबल हमें सिखाती है कि हर चीज का एक वक्त होता है। अब जख्मों का भरने का वक्त है। सबसे पहले कोविड-19 को कंट्रोल करना होगा, फिर इकोनॉमी और देश को रास्ते पर लाना होगा।
हर वर्ग का साथ मिला
बाइडेन ने अमेरिका की अनेकता में एकता का जिक्र किया। कहा- मुझे गर्व है कि हमने दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्र में विविधता देखी। उसके बल पर जीते। सबको साथ लाए। डेमोक्रेट्स, रिपब्लिकंस, निर्दलीय, प्रोग्रेसिव, रूढ़िवादी, युवा, बुजुर्ग, ग्रामीण, शहरी, समलैंगिक, ट्रांसजेंडर, लैटिन, श्वेत, अश्वेत और एशियन। हमें सभी का समर्थन मिला। कैम्पेन बहुत मुश्किल रहा। कई बार निचले स्तर पर भी गया। अफ्रीकी-अमेरिकी कम्युनिटी हमारे साथ खड़ी रही।

बाइडेन जब 27 के थे तो अपनी होने वाली सास से कहा था- एक दिन राष्ट्रपति बनूंगा
बाइडेन ने पहली शादी 1966 में की थी। वे 24 साल के थे। लड़की की मां ने पूछा कि काम क्या करते हो? बाइडेन ने जवाब दिया- एक दिन अमेरिका का राष्ट्रपति बनूंगा। बाइडेन 32 साल में तीसरे प्रयास में राष्ट्रपति का चुनाव जीते हैं।

कमला हैरिस ने भी संबोधित किया

डेमोक्रेसी के लिए बलिदान देने पड़ते हैं
पहली वाइस प्रेसिडेंट इलेक्ट कमला हैरिस ने कहा- डेमोक्रेसी की कोई गारंटी नहीं होती। ये इस बात पर निर्भर करता है कि आप इसे बनाए रखने के लिए कितनी मेहनत कर रहे हैं। इसके लिए इच्छाशक्ति चाहिए। इसलिए इसे हल्के में मत लीजिए। इसके लिए बलिदान देना पड़ता है। इसके बाद ही खुशी मिलती है। हम भी यही कर रहे हैं। इस बार के मतदान में लोकतंत्र भी दांव पर था। आपने अमेरिका को एक नई सुबह दिखाई है। चार साल तक आप बराबरी और इंसाफ के लिए जंग करते रहे। इसके बाद मतदान का मौका आया।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

AllEscort