जब देश आजाद हुआ था, भोपाल नहीं…:

नवाब ने आंदोलनकारियों को जेल में डाल दिया, पहली गिरफ्तारी भाई रतनकुमार गुप्ता ने दी

तुरंत सरदार पटेल ने दबाव डाला और भोपाल आजाद हो गया

इस घटना ने भोपाल रियासत काे हिला दिया था। बालकृष्ण गुप्ता ने सरदार पटेल को इस घटना की जानकारी दी। सरदार पटेल भांप गए कि भोपाल की जनता क्या चाहती है। सरदार ने तुरंत वीपी मेनन को भेजकर नवाब हमीरुल्लाह खान को भोपाल को भारत में मिलाने के पत्र पर दस्तख्त करने को मजबूर कर दिया। इस तरह 1 जून 1949 को भोपाल भारत का हिस्सा बन गया और एनबी बैनर्जी भोपाल के पहले चीफ कमिश्नर बने।

फिल्म ‘नई रीत’ के लिए लिखे गीत

भाई रतन कुमार न सिर्फ एक कुशल पत्रकार और क्रांतिकारी थे, बल्कि एक अच्छे लेखक भी थे। 1947 में उन्होंने फिल्म नई रीत की कहानी, डायलॉग्स और गीत लिखे। 1974 तक वे श्री दिगंबर जैन विद्यालय में मुख्य अध्यापक, सलाहकार और प्राचार्य के पद पर रहे। साहित्य व सांस्कृति से जुड़े रहने के लिए ‘कला मंदिर’ के संस्थापक मंडल में रहे। इसके अलावा वे कई अखबारों और समाचार पत्रिकाओं से भी जुड़े रहे। 22 फरवरी 1998 को भाई रतन कुमार गुप्ता का निधन हो गया।

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