घर खरीदारों और डेवलपर्स के लिए राहत:सर्कल रेट और एग्रीमेंट वैल्यू के अंतर में 10% की बजाय अब 20% की छूट मिलेगी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घर खरीदारों और डेवलपर्स के लिए बड़ी राहत दी है। सर्कल रेट और एग्रीमेंट वैल्यू के बीच का जो अंतर है, उस पर अब इनकम टैक्स में 20% की राहत दी जाएगी। पहले यह 10% थी। यह स्कीम रेसिडेंशियल यूनिट की प्राइमरी बिक्री पर लागू होगी और जिनकी वैल्यू 2 करोड तक होगी। इससे रेसिडेंशियल रियल इस्टेट को बूस्ट मिलेगा।

यह योजना 30 जून 2021 तक लागू रहेगी। इससे रियल इस्टेट की कीमतों में कमी आएगी। इससे जो घर नहीं बिक पाए हैं उनको बेचने में राहत मिलेगी। इससे बिल्डर्स और ग्राहक दोनों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि मजबूत रिकवरी की उम्मीद दिख रही है क्योंकि कोरोना के मामले कम हो रहे हैं और मौत की दरें भी कम हो रही हैं। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिसिटी की खपत में सालाना आधार पर 12 प्रतिशत की बढ़त हुई है। जबकि सालाना आधार पर रेलवे के किराए में रोजाना 20 प्रतिशत की ग्रोथ दिख रही है।

बैंक क्रेडिट ग्रोथ में इजाफा

बैंक क्रेडिट 23 अक्टूबर तक सालाना आधार पर 5.10 प्रतिशत सुधरी है। शेयर बाजार इस समय रिकॉर्ड उंचाई पर है। उन्होंने डेवलपर्स और घर खरीदारों के लिए रेसिडेंशियल रियल एस्टेट इनकम टैक्स में राहत देने की बात कही है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस की मुख्य बातें –

वित्त मंत्री ने नए राहत और इंसेंटिव की घोषणा की है, ताकि देश में कोविड-19 की रिकवरी से निपटने में मदद मिल सके। मई 2020 से जो भी राहत केंद्र सरकार ने दी है, उस राहत के प्रदर्शन का रिव्यू भी किया जा रहा है।
वित्त मंत्री ने कहा कि फॉरेन एक्सचेंज 560 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि GST कलेक्शन अक्टूबर में 1.05 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया है। एफडीआई का निवेश अप्रैल से अगस्त के दौरान 35.37 अरब डॉलर रहा है जो सालाना आधार पर 13 प्रतिशत की बढ़त दिखा रहा है।
मुख्य अर्थशास्त्रियों ने यह सुझाव दिया है कि री-बाउंड न केवल मांग से आएगा, बल्कि मजबूत आर्थिक बढ़त से भी आएगी। उन्होंने कहा कि अक्टूबर में पीएमआई बढ़कर 58.9 पर पहुंच गई है। जो सितंबर में 54.6 पर थी।
GST का ज्यादा कलेक्शन, एनर्जी में बढ़ रही खपत और मजबूत मार्केट के प्रदर्शन सुधार के कुछ संकेतों में से हैं। पिछले 10-15 दिनों से इकोनॉमी रिकवरी दिख रही है। सीपीआई ने मजबूत रिकवरी दिखाई है।
आत्मनिर्भर भारत अभियान-1 के तहत कुछ पॉइंट पर प्रोग्रेस दिख रही है। इसमें वन नेशन वन राशन कार्ड प्रमुख है। इसे एक सितंबर से लागू किया गया था। अब तक 68.6 करोड़ लोगों ने इस योजना का लाभ उठाया है।
इंट्रा स्टेट पोर्टिबिलिटी के तहत 1.5 करोड़ मासिक लेन देन इसके तहत हुए हैं। प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स योजना में 26.62 लाख लोन एप्लिकेशन मिले हैं। जिसमें से 13.78 लाख लोन एप्लिकेशन के तहत 1,373.22 करोड़ रुपए की मंजूरी 30 राज्यों और 6 केंद्र शासित प्रदेशों में दी गई है।
अब तक किसान क्रेडिट कार्ड के तहत 183 लाख एप्लिकेशन मिली हैं। बैंकों ने इसके तहत 150 लाख किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड जारी किया है। इससे 2.5 करोड़ किसानों को क्रेडिट में तेजी आएगी। बैंक ने दो चरणों में 1,43,262 करोड़ रुपए को मंजूरी दी है।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 21 राज्यों ने कुल 1,681.32 करोड़ रुपए को मंजूरी दी है। इसके साथ ही किसानों को नाबार्ड के जरिए 25 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त वितरण किया गया है। यह इमरजेंसी वर्किंग कैपिटल फंडिंग है।
आत्मनिर्भर भारत अभियान-1 के तहत वन नेशन वन राशन स्कीम में राशन कार्ड की पोर्टिबिलिटी का लाभ 68.6 करोड़ लोगों ने उठाया है। इंटरस्टेट पोर्टिबिलिटी 28 राज्यों में लागू की गई है। हर महीने एक करोड़ लेन-देन (ट्रांजेक्शन) हो रहे हैं। प्रवासी कामगारों के लिए एक पोर्टल की भी शुरुआत की गई है।
आत्मनिर्भर भारत अभियान-1 के तहत ECLGS में 2.05 लाख करोड़ रुपए की मंजूरी हुई है। इसमें 61 लाख लोगों को कवर किया गया है। 1.52 लाख करोड़ रुपए का डिस्बर्समेंट हुआ है। पार्शियल क्रेडिट गारंटी स्कीम-2 के तहत सरकारी बैंकों ने 26,889 करोड़ रुपए के पोर्टफोलियो की खरीदी की है।
एनबीएफसी और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के लिए स्पेशल लिक्विडिटी स्कीम के तहत 7,227 करोड़ रुपए का डिस्बर्समेंट किया गया है। डिस्कॉम के लिए लिक्विडिटी इंजेक्शन के रूप में 118,273 करोड़ रुपए के लोन को मंजूरी दी गई है। यह मंजूरी 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दी गई है। इसके तहत 31,136 करोड़ रुपए डिस्बर्समेंट किए गए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

AllEscort