ग्लोबल टाइम्स की सरकारी हरकत / तीन दिन से ट्विटर पर कर रहा गुमराह; चीनी सेना की तैयारियों, भारतीय फिल्मों को बैन करने, भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर दे रहा धमकी

नई दिल्ली. चीन सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में 15 जून की रात लद्दाख की गलवान घाटी में भारत के 20 जवान शहीद हो गए। चीन के भी 30 से अधिक जवान मारे गए। तब से दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है। इसके बीच चीन का सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स सोशल मीडिया पर भारत को गुमराह करने के लिए पैंतरेबाजी कर रहा है।

पिछले तीन दिन से वह लगातार भारत से जुड़े ट्वीट कर रहा है। इनमें ज्यादातर चीनी सेना की तैयारियों और उनके मूवमेंट्स, भारत-चीन व्यापार, भारत-अमेरिका संबंध और भारत में चीनी सामानों को लेकर हो रहे विरोध से जुड़े हैं।
चीनी सेना की तैयारियों और रणनीतियों को लेकर ट्वीट

ग्लोबल टाइम्स ने चीनी आर्मी की तैयारियों और उसके सैन्य अभ्यासों को लेकर एक के बाद एक कई ट्वीट किए हैं। ग्लोबल टाइम्स ने गुरुवार को लिखा कि तनाव को ध्यान में रखते हुए चीनी सेना ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना सेंट्रल कमेटी के महासचिव और केंद्रीय सैन्य आयोग के अध्यक्ष ने भी सेना को स्ट्रैटजिक मैनेजमेंट के ट्रेनिंग पर जोर देने का निर्देश दिया है।
ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि चीन ने तिब्बत में पांच नई मिलिट्री यूनिट की स्थापना की है। जिसमें संचार, पर्वतारोहण, अभियान, बचाव और एक रिजनल फाइट क्लब को शामिल किया है। ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि चीन की आर्मी ने तिब्बत के दक्षिण-पश्चिम सीमा में सैन्य अभ्यास तेज कर दिया है। उत्तर-पश्चिम चीन सीमा पर भी सेना की ब्रिगेड को तैनात कर दिया गया है। भारत के साथ हुए संघर्ष को ध्यान में रखते हुए पैराशूट की नाइट टीम को भी मोर्चे पर लगा दिया गया है।

ग्लोबल टाइम्स ने गुरुवार को ट्विटर पर इस बात की जानकारी दी कि चीन की सेना ने हाल ही में लड़ाकू क्षमता को बढ़ाने के लिए नए पहिये वाले टैंक प्राप्त किए। एक और ट्वीट में ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि दोनों देशों के बीच स्थिति नियंत्रण में है और दोनों देश जल्द से जल्द तनाव कम करने के पक्ष में हैं।
ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि चीन की हवाई कोर से एक टुकड़ी ने दिन और रात में पैराशूट प्रशिक्षण शुरू कर दिया है। यह अभ्यास वास्तविक युद्ध पर आधारित है, जिसका मकसद पैराट्रूपर्स समूह के पैराशूटिंग स्किल को बढ़ाना है।

तनाव के लिए भारत को ठहराया जिम्मेदार

17 जून को चीन के विदेश मंत्री के हवाले से ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि भारत को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सोमवार वाली घटना फिर से नहीं हो। भारत को चीन को कमतर नहीं आंकना चाहिए। भारत को इस मामले की जांच करनी चाहिए और जो दोषी हो उसे सजा देनी चाहिए। साथ ही किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई पर रोक लगानी चाहिए।

16 जून को भी ग्लोबल टाइम्स ने भारत-चीन तनाव को लेकर कई ट्वीट किए। जिसमें लिखा कि भारत के जवानों ने चीनी सीमा में प्रवेश करने की कोशिश की और हमारे जवानों पर हमला बोला, जिसमें भारत के तीन जवान मारे गए।
अमेरिकी स्टैंड को लेकर किया ट्वीट

ग्लोबल टाइम्स ने लिखा अमेरिका, भारत को इंडो पैसिफिक रणनीति का एक प्रमुख हिस्सा मानता है, लेकिन नई दिल्ली की रणनीति “अमेरिका फर्स्ट” नीति के विपरीत है। दरअसल, अमेरिका भ्रम पैदा करना चाहता है कि भारत के पास पश्चिमी देशों का साथ है। भारत में कुछ ताकतें हैं जो चीन के साथ संघर्ष को भड़काने में लगी हैं।

यह भी लिखा कि अमेरिका की रणनीतिक बिसात में भारत का महत्व इस बात पर निर्भर करता है कि अमेरिका, चीन को किस तरह से खतरा मानता है। भारत और चीन दोनों को इस मामले में अमेरिका की मध्यस्थता या दखल स्वीकार नहीं करना चाहिए।

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