गहलोत के नोट्स में पायलट के पार्टी छोड़ने की बात

सोनिया से मीटिंग से पहले बगावत, गुटबाजी जैसे पॉइंट बनाए, भाजपा और 10 करोड़ का भी जिक्र

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कल सोनिया गांधी से मिलने जाते वक्त अपने साथ सचिन पायलट के खिलाफ गंभीर आरोपों के दस्तावेज लेकर गए थे। सोनिया गांधी के बंगले पर जाते वक्त गहलोत के हाथ जो कागज कैमरों में कैद हुआ, उस कागज में पायलट कैंप पर गुंडागर्दी करने, ‌BJP से मिलीभगत करने से लेकर पार्टी छोड़ने तक का जिक्र है।

गहलोत ने हाथ से लिखा हुआ कागज ले रखा था, जिसमें माफी के साथ सचिन पायलट के खिलाफ विस्फोटक आरोपों के पॉइंट‌्स थे। कागज में लिखा था- सचिन पायलट पार्टी छोड़ देगा-ऑब्जवर्स। पार्टी के लिए अच्छा होता। 102 वर्सेज 18। इसका मतलब यह है कि गहलोत के पास 102 विधायकों का समर्थन है जबकि पायलट के पास केवल 18 विधायक।

कागज में सबसे टॉप पर लिखा हुआ था- जो हुआ बहुत दुखद है, मैं भी बहुत दुखी और आहत हूं। इसके बाद लिखा था- राजनीति में हवा बदलते देख साथ। RG (राहुल गांधी) 1 घंटे – SP/CP (PM) । इसके नीचे लिखा है 102 वर्सेज एसपी प्लस 18, इसका मतलब है कि गहलोत ने खुद के पास 102 विधायकों का समर्थन होने का दावा किया है, जबकि सचिन पायलट के पास केवल 18 विधायक बताए।

पायलट खेमे पर गुंडागर्दी करने के आरोप, पुष्कर की घटना का भी जिक्र
कागज में पायलट खेमे के खिलाफ सिलसिलेवार आरोपों के पॉइंट‌स लिखे हुए थे। हालांकि इन पॉइंट्स का ज्यादातर का आधा हिस्सा ही कैमरे में आया है और बाकी का हिस्सा गहलोत के हाथ से ढंक गया। उन पॉइंट‌स को डिकोड करके यहां दिया जा रहा है।

गहलोत ने लिखा था- पहला प्रदेशाध्यक्ष, जिसने पद पर रहते बगावत की। हमारे पास 102 विधायक हैं, जबकि पायलट के पास केवल 18। BJP ने विधायकों को 10 से 50 करोड़ ऑफर किए। गुंडागर्दी की। विधायकों में भय का माहौल बनाया गया। आरोपों में पुष्कर की घटना और शकुंतला रावत का भी जिक्र है। आगे डोटासराजी ने बताया और मानेसर लिखा हुआ है।

पुष्कर में पिछले दिनों कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मंत्री अशोक चांदना के भाषण के दौरान पायलट समर्थकों ने जूते उछाले थे और मंत्री शकुंतला रावत की हूटिंग की थी। इस पर अशोक चांदना ने पायलट के खिलाफ ट्वीट कर सीधे धमकी दी थी।

अध्यक्ष के चुनाव से राजस्थान विवाद के हल का कनेक्शन
कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव से राजस्थान कांग्रेस के विवाद के हल का कनेक्शन जुड़ा है। नॉमिनेशन के बाद अब कल से राजस्थान विवाद को हल करने के लिए नए सिरे से एक्सरसाइज शुरू होने की संभावना है। जयपुर में नए सिरे से कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाने का वक्त तय हो सकता है।

AICC की तरफ से पर्यवेक्षक भी नए सिरे से तय होंगे। अशोक गहलोत के कल के माफीनामे और उनके बयानों से साफ था कि विधायक दल की बैठक फिर से होगी और उसमें एक लाइन का प्रस्ताव पास होगा। केसी वेणुगोपाल ने भी कहा था कि राजस्थान पर एक दो दिन में फैसला हो जाएगा।

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राजस्थान कांग्रेस में 10 दिन से चल रहे पॉलिटिकल ड्रामे के बाद गुरुवार को अशोक गहलोत ने राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से इनकार कर दिया है। आगे वह राजस्थान CM के पद पर रहेंगे या नहीं, इस बारे में उन्होंने कहा है कि इसका फैसला सोनिया गांधी करेंगी।

बड़ा सवाल है कि सोनिया गांधी जिन्हें अपनी कुर्सी सौंपना चाहती थीं, आखिर ऐसी नौबत क्यों आ गई कि उन गहलोत को माफीनामे तक जाना पड़ा?

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राजस्थान में मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका फैसला एक-दो दिन में हो जाएगा। दिल्ली में सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद गुरुवार शाम कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मीडिया से कहा- एक बार फिर ऑब्जर्वर जयपुर जाएंगे। विधायक दल की बैठक बुलाई जाएगी। इसके बाद निर्णय लिया जाएगा कि गहलोत CM होंगे या नहीं।

इधर, गुरुवार रात करीब 8 बजे सचिन पायलट सोनिया गांधी से मिलने पहुंचे। वेणुगोपाल भी वहां मौजूद रहे। करीब एक घंटे चली बैठक के बाद सचिन पायलट ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा- राजस्थान को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष से विस्तार से चर्चा हुई। हमारा मकसद है कि हम अगली बार भी राजस्थान में सरकार बनाएं।

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यानी पॉलिटिकल ड्रामा अभी बाकी है। ये भी रहस्य, रोमांच और एंटरटेनमेंट से भरपूर होगा। रोमांचक इसलिए क्योंकि गहलोत की प्रेस ब्रीफिंग के साथ ही पॉलिटिकल पंडितों ने अटकलें लगानी शुरू कर दी हैं।

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राजस्थान में चल रहे सियासी बवाल के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोनिया गांधी से मिलकर माफी मांगी है। गहलोत ने इमोशनल कार्ड खेलते हुए गांधी परिवार और कांग्रेस के प्रति निष्ठा जताई है। इस बवाल की जिम्मेदारी लेते हुए गहलोत ने इसके बाद बने माहौल में अध्यक्ष का चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया।

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