खरीफ की 14 फसलों का समर्थन मूल्य बढ़ाया; 250 करोड़ रुपए तक टर्नओवर वाले बिजनेस मीडियम एंटरप्राइजेज कहलाएंगे

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में आज अहम फैसले हुए। खरीफ की 14 फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाने की मंजूरी दी गई है। सरकार का कहना है कि नया एमएसपी किसानों की फसल के लागत मूल्य से 50-83% ज्यादा है। धान का एमएसपी 53 रुपए बढ़ाकर 1,868 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया है। इसके अलावा एमएसएमई (छोटे-मध्यम उद्योगों) से जुड़ी योजनाओं को भी मंजूरी दी गई।

मोदी ने कहा- जब हमने आत्मनिर्भर भारत अभियान लॉन्च किया तो हमने केवल एमएसएमई सेक्टर की परिभाषा ही नहीं बदली बल्कि ऐसे कई प्रस्तावों को भी लागू किया जिससे इसका प्रारूप बदला जा सके। यह लघु और मध्यम उद्योगों को मदद करने में कारगर साबित होगा। इससे रोजगार के कई अवसर पैदा होंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- किसान समृद्ध होगा, तो भारत समृद्ध बनेगा
फायदा कैसे मिलेगा: किसानों के हितों के लिए सरकार हर साल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) घोषित करती है। अगर फसलों की कीमत गिर जाती है, तब भी सरकार तय एमएसपी पर ही किसानों से फसल खरीदती है, ताकि उन्हें नुकसान नहीं हो। सरकार एमएसपी तय करने के बाद सरकारी एजेंसियों के जरिए अनाज और दालें खरीदती है। इसका इस्तेमाल गरीबों को राशन बांटने में किया जाता है।

मीडियम एंटरप्राइजेज का दायरा और बढ़ा
अब 250 करोड़ रुपए तक के टर्नओवर वाले बिजनेस मीडियम एंटरप्राइजेज कहलाएंगे। पिछले महीने घोषित किए गए 20 लाख करोड़ के पैकेज में एमएसएमई की परिभाषा बदलने का ऐलान किया गया था। कैबिनेट ने इसे भी मंजूरी दे दी है। साथ ही मध्यम कारोबार (मीडियम एंटरप्राइजेज) के लिए टर्नओवर की लिमिट बढ़ाकर 250 करोड़ रुपए कर दी है। यानी इतने तक टर्नओवर वाले बिजनेस मीडियम एंटरप्राइजेज माने जाएंगे। इस 250 करोड़ में एक्सपोर्ट का रेवेन्यू शामिल नहीं किया जाएगा। आर्थिक पैकेज घोषित करते वक्त सरकार ने टर्नओवर की लिमिट 100 करोड़ रुपए तय की थी। वहीं मीडियम एंटरप्राइजेज के लिए निवेश की लिमिट भी 20 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 50 करोड़ रुपए की गई है।

फायदा कैसे मिलेगा: सरकार छोटे और मध्यम कारोबारों (एमएसएमई) के लिए समय-समय पर सस्ते कर्ज समेत कई रियायतें देती है। अब 250 करोड़ रुपए तक के टर्नओवर वाले बिजनेस को भी मीडियम एंटरप्राइजेज के फायदे मिलेंगे।

कैबिनेट के अन्य फैसले-

एमएसपी बढ़ाने और मीडियम एंटरप्राइजेज का दायरा बढ़ाने के साथ ही पिछले महीने घोषित किए गए आर्थिक पैकेज से जुड़ी योजनाओं को भी मंजूरी दी गई। अर्थव्यवस्था पर कोरोना के असर को देखते हुए सरकार ने पिछले महीने 20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज घोषित किए थे, जिनमें किसानों, गरीबों और छोटे कारोबारियों को राहत की योजनाएं घोषित की गई थीं।

छोटे-मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) के लिए 50 हजार करोड़ रुपए का फंड ऑफ फंड्स मंजूर।
आर्थिक दिक्कतों से जूझ रहे एमएसएमई के लिए 20 हजार करोड़ रुपए के कर्ज की स्कीम मंजूर।
एमएसएमई की परिभाषा बदलने की मंजूरी, अब 250 करोड़ रुपए तक टर्नओवर वाले बिजनेस मीडियम एंटरप्राइजेज कहलाएंगे।
किसानों को समय पर कर्ज चुकाने पर सब्सिडी की स्कीम 31 अगस्त तक बढ़ाई।
स्ट्रीट वेंडर्स के लिए 10 हजार रुपए के कर्ज की योजना मंजूर, इस स्कीम को प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्म निर्भर निधि नाम दिया।
एमएसएमई की मदद के लिए पोर्टल लॉन्च
प्रधानमंत्री मोदी ने एमएसएमई सेक्टर को मजबूती देने के लिए एक ऑनलाइन प्लेटफार्म लॉन्च किया है। इसका नाम चैम्पियन्स रखा गया है। इसका मकसद छोटे और मध्यम उद्योगों की मदद करना, उनकी शिकायतों का समाधान करना, और व्यापार के नए मौके तलाशने में मदद करना है।

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