कोरोना से जंग / केंद्रीय गृह सचिव ने लॉकडाउन 90 दिन तक बढ़ाने की खबरों का खंडन किया, कहा- अभी इसे 14 अप्रैल से आगे बढ़ाने की योजना नहीं

नई दिल्ली सोमवार 30 मार्च 2020. कोरोनावायरस से निपटने के लिए देश में लागू 21 दिन का लॉकडाउन आगे नहीं बढ़ेगा। ऐसी कुछ रिपोर्ट आई थीं कि सरकार लॉकडाउन को 90 दिन तक बढ़ा सकती है। सोमवार को केंद्रीय गृह सचिव राजीव गौबा ने इन रिपोर्ट्स को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि अभी लॉकडाउन को 14 अप्रैल से बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। इससे पहले केंद्र ने रविवार को सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को सख्ती से लॉकडाउन लागू करने के निर्देश दिए थे। इसमें चूक होने पर जिले से डीएम और एसपी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।

लॉकडाउन के बीच पिछले दिनों दिल्ली, मुंबई, सूरत समेत अन्य बड़े शहरों से दिहाड़ी मजदूर और कामगार हजारों की तादाद में पैदल अपने राज्यों की ओर जा रहे थे। इन्हें रोकने के लिए केंद्र सरकार ने आपदा फंड के नियमों में बदलाव किया था। गृह मंत्रालय ने राज्यों को लिखे पत्र में कहा है कि वे मजदूरों के लिए अस्थाई शिविर बनाने, खाना और मेडिकल सुविधा के लिए आपदा फंड की राशि खर्च कर सकते हैं। साथ ही कहा कि बॉर्डर पर मजदूरों का मूवमेंट रोका जाए। इन लोगों को सीमाओं पर ही 14 दिन के लिए क्वारैंटाइन किया जाए। मजदूरों के पलायन पर चर्चा के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर मंत्री समूह की बैठक भी हुई।

सरकार ने कहा- वर्कर्स की बकाया सैलरी का भुगतान करें

सरकार ने सभी कंपनियों, दुकान मालिकों और अन्य संस्थानों से कहा है कि वे बिना किसी कटौती के अपने वर्कर्स की बकाया सैलरी का भुगतान करें और इसमें कोई देरी ना की जाए। राज्यों की पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी किराएदार से मकान मालिक एक महीने तक किराया ना मांगे, ताकि वे जहां हैं वहीं बने रहें। राज्यों से कहा है कि राज्य आपदा कोष से बॉर्डर पर ही मजदूरों के लिए खाने-पीने और स्क्रीनिंग के बाद उनके क्वारैंटाइन का इंतजाम किया जाए।

चूक होने पर डीएम-एसएसपी जिम्मेदार होंगे
लॉकडाउन के दौरान लोगों की आवाजाही को लेकर गृह मंत्रालय ने कहा- हम लॉकडाउन को सख्ती से लागू कराने के लिए 24 घंटे निगरानी कर रहे हैं। मंत्रालय ने सभी राज्यों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी राज्य की बॉर्डर या हाईवे पर लोगों की आवाजाही न हो। अगर आदेश के क्रियान्वयन में चूक हुई, तो उसके लिए जिले के डीएम/डिप्टी कमिश्नर और एसएसपी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार माने जाएंगे।

मध्य प्रदेश में कोरोना से तीसरी मौत, तीन दिन बाद आई रिपोर्ट
उज्जैन सोमवार 30 मार्च 2020। मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण से तीसरी मौत का मामला सामने आया है। उज्जैन के अंबर कॉलोनी निवासी 38 वर्षीय युवक की तीन दिन पहले स्थानीय माधवनगर अस्पताल में मौत हुई थी। जांच के लिए सैंपल इंदौर भेजा गया था। सोमवार को आई रिपोर्ट पॉजिटिव निकली।‌ स्वास्थ्य महकमे के अनुसार युवक कुछ दिन पूर्व नीमच गया था और वहां राजस्थान के कुछ लोगों से संपर्क में आया था। वहीं एक पार्टी भी की थी। लौटने के बाद उसे सर्दी खांसी और बुखार हो गया था। इस पर उसे माधवनगर अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।‌ फिलहाल प्रशासन ने अंबर कॉलोनी को सील कर दिया है। सर्वे जारी है और परिवार के लोगों की सेहत जांची जा रही है। बता दें कि इससे पहले 25 मार्च को जांसापुरा निवासी 65 वर्षीय महिला की इंदौर में मौत हुई थी। उसमें भी कोरोना संक्रमण पाया‌‌ गया था। बाद में महिला के बेटे, पोते और पोती भी पॉजिटिव पाए गए। तीनों का इलाज जारी है।

जांसापुरा सील…आने-जाने पर सख्ती, सर्वे जारी

शहर का कोरोना संक्रमित क्षेत्र जानसापुरा। वह क्षेत्र जहां एक 65 वर्षीय महिला की कोरोना संक्रमण से मौत के बाद पूरा इलाका सील कर दिया गया। जरूरी सामान की डिलीवरी घर पर की जा रही है। सील इलाके में आवाजाही पर काफी सख्ती है। केवल बहुत जरूरी कार्य होने पर ही छूट मिल रही है। रविवार को लगा पुलिस बल यहां बरसाती पहने ड्यूटी करता नजर आया। पूछने पर उन्होंने बताया कि हैडक्वार्टर से मिली है। कहा गया है कि इसके पहनने से कपड़ों में भी संक्रमण नहीं होगा। अफसरों ने कहा है कि इसे घर के बाहर ही उतार दें और रोज गर्म पानी में भिगोकर सुखाने के बाद अगले दिन पहने। इधर, संक्रमण रोकने को कॉलोनी और उसके आसपास के क्षेत्र में नगर निगम ने छिड़काव कराया।

Leave a Reply

Your email address will not be published.