कारोबार की कवायद:त्योहारी सीजन में एक घंटे ज्यादा खुली रह सकती हैं दुकानें; फिलहाल रात 8 बजे तक ही खुली रहती हैं बाजारों की दुकानें

त्याेहारी सीजन में रात 9 बजे तक दुकानें खोलने की अनुमति मिल सकती है। इसे लेकर शासन या प्रशासन स्तर पर जल्द ही निर्णय हाे सकता है। व्यापारियों का कहना है कि रक्षाबंधन समेत अन्य त्याेहार लाॅकडाउन में बीत गए। आर्थिक नुकसान हुआ है। इसकी कुछ हद तक भरपाई नवरात्रि- दीपावली सीजन में ही हाेना संभव है। इस मांग को लेकर साेमवार काे न्यू मार्केट व्यापारी संघ का प्रतिनिधि मंडल गृहमंत्री नराेत्तम मिश्रा एवं कलेक्टर अविनाश लवानिया से मिला। संघ के अध्यक्ष सतीशचंद्र गंगराड़े, सचिव अजय देवनानी ने बताया कि हमने रात 10 बजे तक बाजार खुले रखने की अनुमति मांगी है।

हमने सहयोग किया, अब प्रशासन भी करे
1 भाेपाल किराना व्यापारी महासंघ के महासचिव अनुपम अग्रवाल ने कहा कि सुबह 10 के बजाय दाेपहर 12 बजे दुकानें खाेलने का समय तय कर दिया जाएगा। वहीं 8 के बजाय रात 10 बजे तक बाजार खुले रहने दें।
2 श्री सराफा चाैक बाजार एसाेसिएशन के अध्यक्ष नरेश अग्रवाल का कहना है कि व्यापारियाें ने शासन- प्रशासन का हरसंभव सहयाेग किया। अब त्याेहारी सीजन में समय सीमा का प्रावधान न रखें।
3 10 नंबर मार्केट व्यापारी संघ के अध्यक्ष राजकुमार बत्रा ने कहा कि सांसद प्रज्ञा भारती, विधायक आरिफ मसूद और कलेक्टर काे चिट्ठी लिख दुकानें रात 10 बजे तक खुली रखने की मांग की है।

विचार करेंगे.. व्यापारियों की मांग शासन तक पहुंचाएंगे
कलेक्टर अविनाश लवानिया ने बताया कि शहर के व्यापारियों ने रात में बाजार खोलने का समय बढ़ाने की मांग की है। इस संबंध में राज्य शासन की ओर से निर्णय लिया जाएगा। शासन को व्यापरियों की मांग से अवगत कराया जाएगा।

गाइडलाइन में स्पष्ट निर्देश नहीं- दशहरा उत्सव समारोह को लेकर संशय में समितियां
सरकार द्वार जारी गाइडलाइन में दशहरा उत्सव को लेकर स्पष्ट निर्देश न होने से उत्सव समितियां संशय में हैं। हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष कैलाश बेगवानी का कहना है कि शासन ने यदि एक ही रथ की अनुमति दी है तो क्या राम व रावण को छोला दशहरा मैदान तक एक ही रथ में ले जाना होगा। चल समारोह में बैंड शामिल कर सकेंगे या नही, आदि कई ऐसे सवाल है, जिनके बारे में गाइड लाइन में स्पष्ट दिशा निर्देश नहीं हैं।

अभी तक कोई तैयारी नहीं कर पाए

अरेरा राजधानी दशहरा उत्सव समिति के अध्यक्ष राजेश व्यास का कहना है कि भगवान के रथ उनकी पोषाक के अलावा बैंड व पुष्प आदि के लिए पहले से आर्डर बुक कराना होता है, जो अभी नहीं कर पा रहे हैं।
मिनाल धार्मिक व सांस्कृतिक उत्सव समिति के अध्यक्ष व पूर्व पार्षद संजय वर्मा ने बताया कि समितियों को हर वर्ष निगम से 50 हजार से दो लाख अनुदान राशि मिलती रही है, परंतु इस कोई जानकारी नहीं दी है।

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