कांग्रेस ने भी शुरू की विधायकों की निगरानी:भाजपा की कांग्रेस के 8 से 10 और विधायकों पर नजर, पूर्व मंत्री जीतू बोले- जो बिके हुए हैं उन्हें समझाओ नहीं मानें तो लातों का उपयोग करना चाहिए

भोपाल, इंदौर.कांग्रेस में लगातार विधायकों के पार्टी छोड़कर भाजपा में जाने से हड़कंप मचा हुआ है। पिछले 15 दिनों में कांग्रेस के तीन विधायक इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो चुके हैं। गुरुवार को मांधाता से पूर्व विधायक नारायण पटेल भाजपा में शामिल हुए। इन विधायकों के बारे में कहा जा रहा है कि वे लंबे समय से भाजपा के संपर्क में थे। अभी भाजपा की नजर कांग्रेस के ऐसे 8 से 10 विधायकों पर है जो पिछली 15 महीने की सरकार से नाराज रहे हैं। कांग्रेस में आगे बड़ी टूट की आशंका इंदौर और उज्जैन संभाग से जताई जा रही है। इंदौर संभाग में निमाड़ से खरगोन जिले के दो से तीन, धार और झाबुआ जिले के भी इतने ही विधायकों पर भाजपा की नजर है।

उज्जैन संभाग में उज्जैन और रतलाम जिले का एक-एक विधायक भाजपा के संपर्क में है। विंध्य और बुंदेलखंड के भी दो-दो विधायक भाजपा में आ सकते हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ भी विधायकों के पाला बदलने को लेकर आशंकित हैं। इसी के चलते उन्होंने एक दिन पहले पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखते हुए कहा है कि अभी भी मध्यप्रदेश में प्रतिपक्ष के विधायकों को प्रलोभित करके उनके इस्तीफे कराकर भाजपा में शामिल कराया जा रहा है और ऐसा कर उप चुनावों का बोझ प्रदेश के लोगों पर डाला जा रहा है।

अरुण यादव को देना पड़ी सफाई
इधर, निमाड़ में कांग्रेस की बड़ी टूट के सवाल पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव ने शुक्रवार को मीडिया के सामने आकर सफाई दी। उनसे जब यह पूछा गया कि निमाड़ से नारायण पटेल और सुमित्रा देवी कास्डेकर भाजपा में गई हैं, उन्हें टिकट तो आपने ही दिलवाया था। इस पर यादव ने कहा कि चार दिन पहले ही ये विधायक मेरे साथ प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ से मिले थे। अब यदि कोई चला जाए तो उसके माथे पर तो कुछ लिखा नहीं होता। यादव से जब यह पूछा गया कि उनके भी भाजपा में जाने की चर्चा है तो उन्होंने कहा कि इसलिए तो मैं आपके सामने आया हूं। मैंने पार्टी को साढ़े चार साल अपने खून पसीने से सींचा है। इस तरह की सभी खबरें निराधार हैं।

दिग्विजय बोले- जो लालची हैं, वो जाएंगे
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का कहना है कि जो लालची हैं, वो जाएंगे। कांग्रेस के पास तो 25 से 30 करोड़ रुपए देने के लिए हैं नहीं। भाजपा उन्हें प्रलोभन दे रही है। वे ध्यान रखें कि उन्हें कांग्रेस के टिकट पर जनता ने चुना था, इसलिए आगामी चुनाव में जनता ही उन्हें बताएगी कि लालच का क्या नतीजा होता है।

पटवारी बोले- जो बिके हुए हैं, उन्हें बातों से समझाओ नहीं मानें तो लातों से…
इंदौर मेंपूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने शुक्रवार को विवादित बयान दिया। कांग्रेस छोड़ रहे विधायकों के संदर्भ में पूछे सवाल पर उन्होंने कहा- जो बिके हुए लोग हैं, उन्हें बातों से समझाना चाहिए। नहीं मानें तो लातों का उपयोग करना चाहिए। पटवारी ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि बातों से समझाओ, अन्यथा जैसी कहावत है, वैसा करो।

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